फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Fact Check ›   Press note on BLA killing 40 Pakistani soldiers as linked to Pahalgam incident

Fact Check: बीएलए के 40 पाकिस्तानी सैनिकों को मारने के प्रेस नोट को पहलगाम हमले से जोड़कर किया जा रहा शेयर

Thu, 01 May 2025 01:38 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Thu, 01 May 2025 01:38 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो और बीएलए का एक प्रेस नोट शेयर किया जा रहा है। इसे शेयर करके दावा किया जा रहा है कि बीएलए ने पाकिस्तान के 40 आतंकियों को मार गिराया है। घटना को पहलगाम से जोड़ा जा रहा है। हमारी पड़ताल में यह दावा गलत निकला है।

विज्ञापन
Press note on BLA killing 40 Pakistani soldiers as linked to Pahalgam incident
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोशल मीडिया पर पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान की सेना के बीच में तनाव बढ़ चुका है। इसी बीच अब एक धमाके का वीडियो और बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी का एक प्रेस नोट सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है। इन दोनों को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने 40 पाकिस्तानी सैनिकों को मारने का दावा किया है। बांग्लादेश के बाद अब पाकिस्तान के और टुकड़े होने का समय आ गया है।

विज्ञापन
 

अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमने पड़ताल में पाया कि वीडियो और बीएलए की तरफ से दिया गया बयान पुराना है। बीएलए ने अपने बयान में लिखा है “मजीद ब्रिगेड के फिदायीन ने 40 से अधिक सैनिकों को मार डाला, पिछले 6 घंटों से बेला कैंप पर कब्जा कर रखा है: बीएलए"

विज्ञापन
 

बलूच लिबरेशन आर्मी के फिदायीन ऑपरेशन "हेरोफ" के तहत, बीएलए की मजीद ब्रिगेड की फिदायीन इकाई ने कब्जे वाली सेना के बेला कैंप पर हमला किया, जिसमें अब तक 40 से अधिक सैन्यकर्मी मारे गए और पिछले छह घंटों से कैंप के एक बड़े हिस्से पर नियंत्रण बनाए रखा, जबकि दुश्मन के खिलाफ आगे बढ़ना जारी रखा।

विज्ञापन
विज्ञापन
 

बीएलए की मजीद ब्रिगेड ने कैंप के मुख्य प्रवेश द्वार और पास की सुरक्षा चौकियों पर विस्फोटकों से लदे दो वाहनों को विस्फोट कर नष्ट कर दिया। इसके बाद, मजीद ब्रिगेड की हेरोफ फिदायीन इकाई ने कैंप में प्रवेश किया, जिसमें 40 से अधिक सैन्यकर्मी मारे गए और कैंप के एक बड़े हिस्से पर सफलतापूर्वक नियंत्रण कर लिया। सभी फिदायीन अभी भी सुरक्षित हैं और हमारे संपर्क में हैं।

 

इस दौरान, शिविर के अंदर सैनिकों को सुदृढ़ करने के लिए पहुंचे एक सैन्य काफिले को फिदायीन द्वारा हमला किए जाने के बाद पीछे हटने के लिए मजबूर होना पड़ा।

 

इस बीच, बलूचिस्तान के सभी राजमार्गों पर बीएलए के फतह दस्ते और एसटीओएस ने चौकियां स्थापित करके कब्जा कर लिया है। अब तक, सेना के साथ नाकाबंदी और झड़पों में 62 कर्मियों की मौत हो चुकी है, जिससे मारे गए दुश्मन सैन्य कर्मियों की कुल संख्या 102 हो गई है, जबकि 22 से अधिक सैन्य, पुलिस और लेवी कर्मी बीएलए की हिरासत में हैं। प्रवक्ता बलूच लिबरेशन आर्मी जीयंद बलूच हक्कल बीएलए का आधिकारिक मीडिया सेल”

 

पहलगाम में 22 अप्रैल को पर्यटकों पर आतंकियों ने हमला कर दिया। इस हमले में 25 पर्यटक और एक स्थानीय खच्चर वाले की मौत हो गई थी। आतंकियों के द्वारा हिंदू नागरिकों को निशाना बनाकर मारा गया। 

 

क्या है दावा 

इन फोटो और वीडियो को पहलगाम में हुए आतंकी हमले से जोड़कर शेयर किया जा रहा है। इस हमले को भारत का बदला बताकर भी यूजर शेयर कर रहे हैं।

क्रोम09 (@jaat_0019) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) द्वारा 40 पाकिस्तानी सैनिकों की हत्या कर दी गई और उन्होंने हमले की जिम्मेदारी ली है।” 

 

 

पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

 

 

इस तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां, और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

पड़ताल 

वीडियो की पड़ताल

 

सबसे पहले वीडियो की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें यह वीडियो द क्रैडल का देखने को मिला। द क्रैडल एक ऑनलाइन समाचार पत्रिका है जो पश्चिम एशिया की भू-राजनीति को कवर करती है। द क्रैडल ने अपने एक्स अकाउंट पर इस वीडियो को 25 नवंबर 2024 को पोस्ट किया था। पोस्ट के साथ कैप्शन लिखा गया था “बेरूत के दक्षिणी उपनगर में इजरायली हवाई हमलों में कम से कम एक आवासीय इमारत ध्वस्त हो गई।” 

 

 

आगे हमें यह वीडियो OSINTdefender नाम के एक्स अकाउंट पर मिला। यहां वीडियो को अक्तूबर 2024 को पोस्ट किया गया था। इस वीडियो के साथ कैप्शन लिखा गया था “बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर आज रात इजरायली हवाई हमले हो रहे हैं; निवासियों ने बताया कि हमलों के आकार और आवृत्ति के कारण उन्हें लगता है कि किसी अन्य भूमिगत संरचना या बंकर को निशाना बनाया गया है।”

 

 

यहां से हमें यह पता चल गया कि यह वीडियो हाल ही की घटना से संबंधित नहीं है। इसे पहलगाम से जोड़कर गलत दावा किया जा रहा है। 

बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी का एक प्रेस नोट की पड़ताल 

बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी का एक प्रेस नोट इस दावे को साथ शेयर किया जा रहा है कि हाल ही में बीएलए ने 40 पाकिस्तानी सैनिकों को मार दिया है। इस पोस्ट को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च करने पर हमें एक ऐसा ही प्रेस नोट अगस्त 2024 को एक एक्स अकाउंट पर पोस्ट मिला। इस प्रेस नोट पर 26 अगस्त 2024 की तारीख लिखी गई थी। लेकिन वायरल हो रहे पोस्ट में इस तरह की कोई तारीख नहीं लिखी थी। 

  आगे हमनें कीवर्ड के माध्यम से इस पोस्ट को सर्च करने की कोशिश की यहां हमें द इकोनॉमिक टाइम्स की एक खबर मिली। इस खबर को 26 अगस्त 2024 को प्रकाशित किया गया था। खबर में बताया गया था कि “बीएलए द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, बेला में मुख्य सैन्य शिविर पर हमले के दौरान 40 से अधिक सैनिक मारे गए। बयान में कहा गया है कि बीएलए की फिदायीन इकाई ने पिछले छह घंटों से शिविर के एक महत्वपूर्ण हिस्से पर नियंत्रण बनाए रखा है। जीयंद बलूच ने कहा, "बलूच लिबरेशन आर्मी के फिदायीन ऑपरेशन 'हेरोफ' के तहत, बीएलए की मजीद ब्रिगेड की फिदायीन इकाई ने कब्जे वाली सेना के बेला शिविर पर हमला किया, जिसमें अब तक 40 से अधिक सैन्यकर्मी मारे गए हैं और पिछले छह घंटों से शिविर के एक महत्वपूर्ण हिस्से पर नियंत्रण बनाए रखा है।"
 

 

 

खबर की पुष्टि करने के लिए हमने अमर उजाला के न्यूज डेस्क से संपर्क किया। यहां हमें 27 अगस्त 2024 को प्रकाशित हुई ऐसी ही एक खबर के बारे में पता चला। इस खबर में बताया गया था कि "जीयंद बलूच ने एक बयान में बताया कि बेला में मिलिट्री बेस पर किए गए हमले में 40 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं। बीएलए के फिदायीन यूनिट ने मिलिट्री बेस के एक बड़े हिस्से पर पिछले छह घंटों से कब्जा जमाया हुआ है। वहीं, बलूच लिबरेशन आर्मी ने कहा कि मिलिट्री बेस पर अभी तक सभी फिदायीन सुरक्षित हैं और हमारे संपर्क में हैं। इससे लगता है कि बीएलए लड़ाके आर्मी कैंप में हैं और दुश्मन के खिलाफ आगे बढ़ रहे हैं।"


 

पड़ताल का नतीजा 
हमारी पड़ताल में यह साफ है कि प्रेस नोट और वीडियो पुराने है जिसे हालिया बताकर शेयर किया जा रहा है। 




 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed