Fact Check: बहराइच में हिंसा के बाद नहीं हुई बुलडोजर कार्रवाई, वायरल वीडियो पुराना है; पढ़ें पड़ताल
Fact Check: बहराइच में बुलडोजर एक्शन को गोपाल मिश्रा की हत्या से जोड़कर देखा जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि गोपाल मिश्रा हत्याकांड के आरोपियों के घरों को तोड़ा गया। हमारी पड़ताल में पता चल गया कि बुलडोजर कार्रवाई बहराइच हिंसा से पहले की है।
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विस्तार
क्या है दावा
इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि यह कार्रवाई गोपाल मिश्रा के हत्यारों के घरों पर की गई है। दावा किया जा रहा है कि जिन लोगों ने गोपाल मिश्रा की हत्या की है, उनके घरों को तोड़ा गया है।
कुं.जगदीश सिंह खंगार (@jagdishsingh055) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “गोपाल की हत्या करने वालों आँखें फाड़ के देख लो.... ये बाबा का न्याय है बहराइच का वजीरगंज बना.... गाज़ा जिस गली से पत्थर निकलेगा उस गली में बुलडोज़र घूमेगा, गोपाल को जिन्होंने मारा था उनके घरों को जमींदोज कर दिया गया है।
गोपाल की हत्या करने वालों
— कुं.जगदीश सिंह खंगार (@jagdishsingh055) October 19, 2024
आखें फाड़ के देख लो.... ये बाबा का न्याय है
बहराइच का वजीरगंज बना.... गाज़ा
जिस गली से पत्थर निकलेगा
उस गली में बुलडोज़र घूमेगा 🖐️
गोपाल को जिन्होंने मारा था
उनके घरों को जमीदोज़ कर दिया गया है ✊ pic.twitter.com/zu2CmfayPr
अजय कुमार (@itisajayIND) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “गोपाल की हत्या करने वालों आँखें फाड़ के देख लो.... ये बाबा का न्याय है बहराइच का वजीरगंज बना.... गाज़ा जिस गली से पत्थर निकलेगा उस गली में बुलडोज़र घूमेगा गोपाल को जिन्होंने मारा था उनके घरों को जमींदोज कर दिया गया है।
गोपाल की हत्या करने वालों
— Ajay Kumar (@itisajayIND) October 19, 2024
आखें फाड़ के देख लो.... ये बाबा का न्याय है
बहराइच का वजीरगंज बना.... गाज़ा
जिस गली से पत्थर निकलेगा
उस गली में बुलडोज़र घूमेगा 🖐️
गोपाल को जिन्होंने मारा था
उनके घरों को जमीदोज़ कर दिया गया है ✊#BabaKaBuldozer #BabaJiKaNyay pic.twitter.com/VqVTESAT9A
पड़ताल
वीडियो की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो को रिवर्स इमेज सर्च किया। यहां से हमें एक इंस्टाग्राम अकाउंट पर ये वीडियो जहां ये वीडियो 28 सितंबर को पोस्ट किया गया था। वहां से हमें से पता चल गया कि ये कार्रवाई बहराइच हिंसा से पहले की है। बहराइच हिंसा 14 अक्तूबर को हुई थी।
आगे हमने बहराइच में हुई इस कार्रवाई के बारे में अमर उजाला के न्यूज डेस्क से संपर्क किया। यहां से हमें पता चला कि 25 सितंबर की एक खबर से पता चला कि बहराइच में कोर्ट के आदेश पर 23 मकानों पर चला बुलडोजर। एक वर्ष पहले सभी को नोटिस मिला था।
खबर में बताया गया था कि “कैसरगंज तहसील के फखरपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सराय जगना में गाटा संख्या 92, 211 और 212 की जमीन खलिहान और रास्ते के लिए अंकित है लेकिन इसी जमीन पर गांव के लोगों ने कब्जा जमाया है। किसी ने पक्का तो किसी ने फूस की झोपड़ी रख ली है। एसडीएम ने बताया कि पहले शिफ्ट में 23 मकान तोड़े गए थे।”
इसके अलावा बहराइच पुलिस का भी एक बयान सोशल मीडिया पर मिला। पुलिस ने एक सोशल मीडिया पोस्ट पर जबाव देते हुए लिखा, 'प्रदर्शित विज़ुअल एक कोर्ट द्वारा आदेशित एंटी एंक्रोचमेंट ड्राइव के हैं जो कि जनपद बहराइच के फखरपुर क्षेत्र में 25 सितंबर 2024 को चली थी न कि विगत दिनों घटित महराजगंज की घटना का है।' पुलिस ने चेतावनी देते हुए यह भी कहा कि भ्रामक पोस्ट से सौहार्द और कानून व्यवस्था बिगाड़ने के विरुद्ध विधिक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
प्रदर्शित विज़ुअल एक कोर्ट द्वारा आदेशित एंटी एंक्रोचमेंट ड्राइव के हैं जो कि जनपद बहराइच के फखरपुर क्षेत्र में दिनांक 25.09.24 को चली थी न कि विगत दिनों घटित महराजगंज की घटना का है । भ्रामक पोस्ट से सौहार्द और कानून व्यवस्था बिगाड़ने के विरुद्ध विधिक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। https://t.co/dbFVjLiVfh pic.twitter.com/2BXqGHTqbq
— BAHRAICH POLICE (@bahraichpolice) October 19, 2024
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में ये साफ है कि पुरानी कार्रवाई को अब गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।