फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Fact Check ›   No bulldozer action was taken after the violence in Bahraich

Fact Check: बहराइच में हिंसा के बाद नहीं हुई बुलडोजर कार्रवाई, वायरल वीडियो पुराना है; पढ़ें पड़ताल

Mon, 21 Oct 2024 07:34 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Mon, 21 Oct 2024 07:34 PM IST
सार

Fact Check: बहराइच में बुलडोजर एक्शन को गोपाल मिश्रा की हत्या से जोड़कर देखा जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि गोपाल मिश्रा हत्याकांड के आरोपियों के घरों को तोड़ा गया। हमारी पड़ताल में पता चल गया कि बुलडोजर कार्रवाई बहराइच हिंसा से पहले की है। 

विज्ञापन
No bulldozer action was taken after the violence in Bahraich
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बहराइच में दुर्गा विसर्जन के दौरान हुए बवाल में गोपाल मिश्रा की हत्या हो गई। इसके बाद इलाके में हालात तनावग्रस्त हो गए। इसी बीच, सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें देखा जा सकता है कि बहुत सारे मकान टूटे हुए हैं। 
विज्ञापन


क्या है दावा 

इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि यह कार्रवाई गोपाल मिश्रा के हत्यारों के घरों पर की गई है। दावा किया जा रहा है कि जिन लोगों ने गोपाल मिश्रा की हत्या की है, उनके घरों को तोड़ा गया है। 
विज्ञापन


कुं.जगदीश सिंह खंगार (@jagdishsingh055) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “गोपाल की हत्या करने वालों आँखें फाड़ के देख लो.... ये बाबा का न्याय है बहराइच का वजीरगंज बना.... गाज़ा जिस गली से पत्थर निकलेगा उस गली में बुलडोज़र घूमेगा, गोपाल को जिन्होंने मारा था उनके घरों को जमींदोज कर दिया गया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

 


अजय कुमार (@itisajayIND) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “गोपाल की हत्या करने वालों आँखें फाड़ के देख लो.... ये बाबा का न्याय है बहराइच का वजीरगंज बना.... गाज़ा जिस गली से पत्थर निकलेगा उस गली में बुलडोज़र घूमेगा गोपाल को जिन्होंने मारा था उनके घरों को जमींदोज कर दिया गया है।
 

पड़ताल 

वीडियो की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो को रिवर्स इमेज सर्च किया। यहां से हमें एक इंस्टाग्राम अकाउंट पर ये वीडियो जहां ये वीडियो 28 सितंबर को पोस्ट किया गया था। वहां से हमें से पता चल गया कि ये कार्रवाई बहराइच हिंसा से पहले की है। बहराइच हिंसा 14 अक्तूबर को हुई थी। 

आगे हमने बहराइच में हुई इस कार्रवाई के बारे में अमर उजाला के न्यूज डेस्क से संपर्क किया। यहां से हमें पता चला कि 25 सितंबर की एक खबर से पता चला कि बहराइच में कोर्ट के आदेश पर 23 मकानों पर चला बुलडोजर। एक वर्ष पहले सभी को नोटिस मिला था। 

खबर में बताया गया था कि “कैसरगंज तहसील के फखरपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सराय जगना में गाटा संख्या 92, 211 और 212 की जमीन खलिहान और रास्ते के लिए अंकित है लेकिन इसी जमीन पर गांव के लोगों ने कब्जा जमाया है। किसी ने पक्का तो किसी ने फूस की झोपड़ी रख ली है। एसडीएम ने बताया कि पहले शिफ्ट में 23 मकान तोड़े गए थे।”

इसके अलावा बहराइच पुलिस का भी एक बयान सोशल मीडिया पर मिला। पुलिस ने एक सोशल मीडिया पोस्ट पर जबाव देते हुए लिखा, 'प्रदर्शित विज़ुअल एक कोर्ट द्वारा आदेशित एंटी एंक्रोचमेंट ड्राइव के हैं जो कि जनपद बहराइच के फखरपुर क्षेत्र में 25 सितंबर 2024 को चली थी न कि विगत दिनों घटित महराजगंज की घटना का है।' पुलिस ने चेतावनी देते हुए यह भी कहा कि भ्रामक पोस्ट से सौहार्द और कानून व्यवस्था बिगाड़ने के विरुद्ध विधिक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
 


पड़ताल का नतीजा

हमारी पड़ताल में ये साफ है कि पुरानी कार्रवाई को अब गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। 

 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed