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Fact Check: ईरान में हिजाब जलाए जाने के तीन साल पुराने वीडियो को हालिया बताकर किया जा रहा शेयर

Tue, 28 Oct 2025 05:36 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Tue, 28 Oct 2025 05:36 PM IST
सार

Fact Check: ईरान में हिजाब जला रही महिलाओं के 2022 के विरोध प्रदर्शन को हालिया बताकर शेयर किया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि ईरान में हिजाब की कानूनी बाध्यता खत्म कर दी गई है। 

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Fact Check three-year-old video of hijab burning in Iran is being shared as recent.
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में दिख रहा है कि आग जल रही है और उसके चारों ओर लोगों की भीड़ लगी हुई है। वहीं एक लड़की घूमती हुई उस आग में एक कपड़ा फेंकती है। वहीं उसके बाद कुछ और महिला भी ऐसा ही करती है। इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि ईरान में हिजाब की कानूनी बाध्यता खत्म कर दी गई और ईरान की जनता सड़कों पर आ कर सामूहिक रूप से हिजाब जला कर जश्न मना रही है। 

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अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी पड़ताल में सामने आया कि वीडियो को भ्रामक दावे को साथ शेयर किया जा रहा है। वायरल वीडियो तीन साल पुराना है और ये वीडियो पोशाक नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में गिरफ्तार की गई 22 वर्षीय महिला महसा अमिनी की मौत के बाद उपजे विरोध-प्रदर्शन का है।

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क्या है दावा

हिजाब जलाने के एक वीडियो को इरान का बताकर शेयर किया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि वहां हिजाब की कानूनी बाध्यता खत्म कर दी गई और ईरान की जनता सड़कों पर आ कर सामूहिक रूप से हिजाब जला कर जश्न मना रही है। 

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बिनोद ओझा (@binodojha113682) नाम के एक एक्स यूजर ने इस वीडियो को शेयर करके लिखा “#ईरान ने #हिजाब की कानूनी बाध्यता खत्म की। अब हिजाब लगाना है या नही ये वहां की महिलाओं की मर्जी पर डिपेंड होगा , कोई कानूनी बाध्यता नहीं ईरान की जनता सड़को पर आ कर सामूहिक रूप से हिजाब जला कर जश्न मना रही है

हमारे यहां तो लोगो को स्कूल कॉलेजों में भी हिजाब चाहिए।” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

 

 

इस तरह के कई और दावों का लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।

पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें यह वीडियो राणा रहीमपुर के एक्स अकाउंट पर सितंबर 2022 को पोस्ट किया गया मिला। यह एक ईरानी-ब्रिटिश पत्रकार हैं। इस वीडियो को पोस्ट करके लिखा गया था “#ईरान के उत्तरी शहर सारी में ये महिलाएं नाच रही हैं और अपने सिर के स्कार्फ जला रही हैं... शासन-विरोधी प्रदर्शन अब उत्तर से दक्षिण, पूर्व से पश्चिम तक दर्जनों शहरों में फैल गए हैं... ये सब ईरान की नैतिकता पुलिस की हिरासत में #महसाअमिनी की मौत से शुरू हुआ है।” 

आगे हमें द स्पेक्टेटर पर 2022 की एक मीडिया रिपोर्ट मिली। द स्पेक्टेटर एक साप्ताहिक ब्रिटिश राजनीतिक और सांस्कृतिक समाचार पत्रिका है। इस रिपोर्ट में वायरल वीडियो का कीफ्रेम मौजूद था। रिपोर्ट में बताया गया था कि ईरान से आ रही तस्वीरें उल्लेखनीय हैं। महिलाएं अपने हिजाब उतारकर सार्वजनिक रूप से जला रही हैं। वे सड़कों पर नाच रही हैं और अपने खुले बालों को हिला रही हैं, जबकि दर्शक तालियां बजा रहे हैं और उनका स्वागत कर रहे हैं। एक ऐसे धर्मतंत्रीय राज्य में, जहाँ महिलाओं से अपेक्षा की जाती है कि वे विनम्रतापूर्वक अपने को दूसरे दर्जे के नागरिक के रूप में स्वीकार करें।

निःसंदेह, ये हृदय विदारक विरोध प्रदर्शन किसी अकल्पनीय रूप से भयावह घटना का जवाब हैं: महसा अमिनी की मौत। ईरानी कुर्दिस्तान के सक्केज़ शहर की 22 वर्षीय खूबसूरत कुर्द महिला महसा को पिछले हफ़्ते तेहरान में नैतिकता पुलिस ने हिजाब 'उचित' तरीके से न पहनने के कारण गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस हिरासत में रहते हुए वह कोमा में चली गईं और तीन दिन बाद उनकी मृत्यु हो गई। पुलिस का कहना था कि उसकी मौत दिल की बीमारी के कारण हुई। उसके परिवार का कहना है कि उसे ऐसी कोई बीमारी नहीं थी। खबर आई कि महसा के सिर के सीटी स्कैन में फ्रैक्चर, रक्तस्राव और ब्रेन एडिमा दिखाई दे रही थी। इसी घटना के बाद ईरान में लोगों के बीच गुस्सा फैल गया था। जिसके बाद यह वीडियो सामने आया था। 

 

 

आगे हमें डीडब्लयू की वेबसाइट पर रूढ़िवादी ईरानी राजनेता अली मोताहारी का एक बयान मिला। उन्होंने कहा था “हिजाब के मुद्दे पर राज्य की वर्तमान नीति सख्त नियमों का पालन न करने की है” इसे 21 मई 2025 को छापा गया था।  यह बयान उन्होंने तेहरान में अंतर्राष्ट्रीय पुस्तक मेले के दौरान पत्रकारों को दिया था। इससे यह पता चला कि ईरान में हिजाब को लेकर कानून अभी भी है, लेकिन सख्ती थोड़ी कम है। 

पड़ताल का नतीजा

हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वीडियो 2022 का है जिसे हालिया बताकर शेयर किया जा रहा है।

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