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Hindi News ›   Fact Check ›   Fact Check Old Video of Man Harassed by Horns During Namaz Shared in Connection with Bengal Election Results

Fact Check: नमाज पढ़ते आदमी के पीछे बैंड-बाजा बजाने के पुराने वीडियो को बंगाल चुनाव से जोड़कर किया जा रहा शेयर

Sat, 09 May 2026 07:42 PM IST
Sandhya Kumari फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: Sandhya Kumari Updated Sat, 09 May 2026 07:42 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो में नमाज पढ़ते एक आदमी के पीछे कुछ लोग बैंड-बाजा बजा रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो पश्चिम बंगाल में चुनाव के नतीजे आने के बाद आया है। हमारी पड़ताल में यह वीडियो पुराना निकला है। 

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Fact Check Old Video of Man Harassed by Horns During Namaz Shared in Connection with Bengal Election Results
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है, इस वीडियो में एक टोपी पहना हुआ व्यक्ति शांति से खड़ा हुआ नजर आ रहा है। उसके पीछे दो-तीन लोग बैंड-बाजा बजाते हुए नजर आ रहे हैं। इस वीडियो को शेयर करके कोलकाता का बताया जा रहा है। वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि कोलकाता में चुनाव के बाद एक मस्जिद में नमाज के समय कुछ लोग नमाज पढ़ते युवक को परेशान करते हुए नजर आ रहे हैं। 

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अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी पड़ताल में सामने आया कि इस दावे में किसी तरह की कोई सच्चाई नहीं है। जांच में पता चला कि यह वीडियो 2025 से इंटरनेट पर मौजूद है। कोलकाता में 2026 के चुनाव के बाद इसे शेयर करके भ्रामक दावा किया जा रहा है। 

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क्या है दावा 

इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि 2026 में कोलकाता में भाजपा की जीत होने के बाद वहां अल्पसंख्यकों को परेशान किया जा रहा है। एक आदमी के नमाज पढ़ते वीडियो को शेयर किया जा रहा है, जिसमें कुछ लोगो उसके पीछे खड़े होकर बाजा बजाते हुए नजर आ रहे हैं। इसे कोलकाता में का बताया जा रहा है। 

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Be Brave, Speak Truth (@emon_maste31034) नाम के एक एक्स यूजर ने इस वीडियो को शेयर करके लिखा, “कोलकाता की एक मस्जिद में चुनाव के समय नमाज़ का दृश्य। भारत सचमुच एक असभ्य राष्ट्र है।” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

 

इस तरह के कई और दावों का लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें यह वीडियो एक इंस्टाग्राम अकाउंट पर देखने को मिला। यहां इस वीडियो को 3 जुलाई 2025 को शेयर किया गया था। इस वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा गया था ‘मस्जिद में बैंड-बाजा? मोहर्रम का मकसद भूल गए! | इबरत हासिल करो’ 

 

 

इसके बाद हमें इस वीडियो का कीफ्रेम डेली टाइम्स के एक्स अकाउंट पर देखने को मिला। यहां इसे वीडियो को 7 जुलाई 2025 को शेयर किया गया था। इसके साथ कैप्शन लिखा गया था “भारत में धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ चरमपंथी गतिविधियां तेज हो गई हैं। हाल की एक घटना में, कुछ चरमपंथी हिंदू तत्वों ने जबरदस्ती एक मस्जिद में घुसकर ढोल-नगाड़ों के साथ जोरदार शोर मचाया, जिसका स्पष्ट उद्देश्य मुसलमानों की नमाज में बाधा डालना था।” 

 

यहां से यह साफ हो गया कि वीडियो 2025 से इंटरनेट पर मौजूद है। इसके साथ ही यह दावा भ्रामक साबित हो जाता है कि यह वीडियो 2026 में बंगाल चुनाव के नतीजों के बाद का है। क्योंकि वीडियो 2026 के बंगाल चुनाव के नतीजे आने से पहले इंटरनेट पर मौजूद है। 

पड़ताल का नतीजा 

हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वीडियो 2025 से इंटरनेट पर मौजूद है। इसका पश्चिम बंगाल चुनाव से कोई संबंध नहीं है। 

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