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Fact Check: एआई से बना है इस्राइल का अमेरिका पर नियंत्रण होने का दावा करने वाला वीडियो, पढ़ें पूरी पड़ताल

Sat, 30 May 2026 03:36 PM IST
Asmita Tripathi फैक्ट चेक डेस्क , अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क , अमर उजाला Published by: Asmita Tripathi Updated Sat, 30 May 2026 03:36 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव ने कहा है कि इस्राइल अमेरिका पर निंयत्रण करता है। हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। 

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Fact Check: Israel's claim of controlling America is based on AI, read the full investigation
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव (अमेरिका और कनाडा) नागराज नायडू काकनूर बोलते नजर आ रहे हैं। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि उनका कहना है कि इस्राइल अमेरिका पर नियंत्रण करता है। 

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अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव नागराज नायडू काकनूर ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। वायरल वीडियो एआई की मदद से बनाया गया है। 

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क्या है दावा 

सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव ने कहा है रि इस्राइल अमेरिका पर नियंत्रण करता है। 

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Political Updates Daily नाम के फेसबुक यूजर ने लिखा,’भारतीय राजनयिक का दावा है कि क्वाड के खत्म होने पर भी भारत इस्राइल के जरिए ट्रंप पर पूर्ण नियंत्रण रखेगा। विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव नागराज नायडू काकनूर कहते हैं, ‘क्वाड के खत्म होने पर भी भारत इस्राइल का साझेदार है और अमेरिका पर केवल इस्राइल का ही नियंत्रण है, इसलिए अमेरिका पर भारत का भी नियंत्रण है।’ पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।

पड़ताल 
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले तस्वीर को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें भारत के विदेश मंत्रालय के आधिकारी यूट्यूब चैनल पर हमें मूल वीडियो देखने को मिला। यह वीडियो 26 मई 2026 को साझा किया गया है। यह वीडियो पूरा 38 मिनट 30 सकेंड का है। हमने अपनी पड़ताल में पूरा वीडियो को देखा, लेकिन हमें कहीं भी वायरल दावे से संबंधित कोई क्लिप देखने को नहीं मिली। 

 

 

आगे की पड़ताल में हमें प्रेस सूचना ब्यूरो के फैक्ट चेक के फैसबुक हैंडल पर एक पोस्ट मिली। इस पोस्ट में वायरल वीडियो को झूठा बताया है। पोस्ट में लिखा है कि पाकिस्तानी दुष्प्रचार करने वाले अकाउंट में विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव (अमेरिका और कनाडा) का एक डिजिटल रूप से संपादित वीडियो प्रसारित किया जा रहा है, जिसमें उनके नाम से मनगढ़ंत बयान गलत तरीके से पेश किए जा रहे हैं। यह वीडियो फर्जी है और एआई से बनाया गया है।

 

 

इसके बाद हमने वायरल वीडियो को हाइव टूल पर सर्च किया। यह एक एआई टूल है। इस टूल ने वायरल वीडियो को 99.2 फीसदी एआई से बना पाया है। 

पड़ताल का नतीजा 

हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को एआई से बना पाया है। 

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