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फैक्ट चेक: एआई से बना है साड़ी पहन कर महिला का लोको पायलट का भूमिका निभाने का दावा

Mon, 02 Nov 2026 07:46 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी फैक्ट चेक डेस्क , अमर उजाला, नई दिल्ली
फैक्ट चेक डेस्क , अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Mon, 02 Nov 2026 07:46 PM IST
सार

फैक्ट चेक: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि साड़ी पहन कर एक महिला लोको पायलट की भूमिका निभा रही है। हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। 

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Fact Check: Claim that a woman wearing a saree is performing the role of a loco pilot is AI-generated
Fact Check - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में एक नवविवाहित महिला साड़ी पहने हुए अपना लोको पायलट की ड्यूटी निभाते हुए दिख रही है। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह परम्परा, संस्कृति और करियर के बीच का संतुलन है। जहां एक महिला साड़ी पहनकर ट्रेन चला रही है।

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अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो एआई से बना है। इस वीडियो को असली समझ कर शेयर किया जा रहा है। 

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क्या है दावा 

सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि एक नवविवाहित महिला साड़ी पहने हुए लोको पायलट की ड्यूटी निभा रही है। 

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सौम्या (@saumy55) नाम के एक्स यूजर ने लिखा, ’ एक प्रेरणादायक क्षण, जिसे कैमरा में कैद किया गया। जब एक नवविवाहित महिला सुंदर सी साड़ी पहने हुए अपना लोको पायलट का ड्यूटी निभाते हुए दिखती है। जिसमें वो गर्व और आत्मविश्वास के साथ अपना फर्ज निभाते हुए दिखाई दे रही। परम्परा, संस्कृति और कैरियर के बीच का यह संतुलन लोगो को प्रेरित कर रहा। लोग इनके लगन और हिम्मत की जमकर तारीफ कर रहे है। नारी शक्ति को सलाम।’ पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

 


इसी तरह के अन्य पोस्ट के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। वहीं, आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।

पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें यूट्यूब चैनल पर वायरल वीडियो देखने को मिला। यह वीडियो 6 अक्तूबर 2026 को साझा किया गया है। इसके साथ ही यहां बताया गया है कि यह वीडियो एआई के माध्यम से बना है। 

इसके बाद हमने वायरल वीडियो की पड़ताल के लिए एआई टूल हाइव का इस्तेमाल किया।  इस टूल ने वायरल वीडियो को 81 फीसदी एआई से बना पाया। 



इसके बाद हमने ai video detector टूल का इस्तेमाल किया। इस टूल ने वायरल वीडियो को 79 फीसदी एआई से बना पाया। 

 

पड़ताल का नतीजा 

हमने अपनी पड़ताल वायरल वीडियो को एआई से बना पाया है। इस वीडियो को शेयर कर लोगों में भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है। 

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