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Hindi News ›   Fact Check ›   Claims of Rahul Gandhi and Priyanka Gandhi's I Love Muhammad posters being created using AI

Fact Check: एआई से बनी है राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की 'आई लव मोहम्मद' के पोस्टर लिए तस्वीर, पढ़ें पड़ताल

Wed, 01 Oct 2025 06:24 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी फैक्ट चेक डेस्क , अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क , अमर उजाला Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Wed, 01 Oct 2025 06:24 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर कर दावा किया जा रहा है कि प्रियंका गांधी और राहुल गांधी आई लव मोहम्मद के पोस्टर लिया है। हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है।

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Claims of Rahul Gandhi and Priyanka Gandhi's I Love Muhammad posters being created using AI
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इत्तेहाद-ए-मिल्लत कौंसिल (आईएमसी) प्रमुख मौलाना तौकीर रजा ने 19 सितंबर को एलान किया कि वो 26 सिंतबर को इस्लामिया इंटर कॉलेज मैदान में विरोध-प्रदर्शन करेंगे। ये प्रदर्शन आई लव मोहम्मद के समर्थन में होना था। नावल्टी चौराहा पर पुलिस टीम पर पथराव और श्यामगंज में फायरिंग हुई। डीआईजी अजय कुमार साहनी के मुताबिक, इसमें 22 पुलिसकर्मी घायल हुए। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। लाठीचार्ज भी किया। इस मामले में  मौलाना तौकीर रजा समेत कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इस बीच सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है। तस्वीर में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी आई लव मोहम्मद के पोस्टर लिए नजर आ रहे हैं। 

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अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल तस्वीर एआई से बनी है। जिसे असल समझ कर शेयर किया जा रहा है। 

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क्या है दावा

सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर कर दावा किया जा रहा है कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी आई लव मोहम्मद के पोस्टर लिए नजर आ रहे हैं। 

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इक्का महुन  नाम के फेसबुक यूजर ने तस्वीर शेयर कर लिखा, ”रॉयल क्लॉक टॉवर का दिन और रात का दृश्य” पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के कई अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।


पड़ताल 

हमने तस्वीर की पड़ताल के लिए ध्यान से देखा। तस्वीर में हमें कई विसंगतियां दिखाई दी। नीचे की तस्वीर में आप देख सकते हैं। 

यहां से हमें तस्वीर का एआई से बने होने का संदेह हुआ। तस्वीर के पड़ताल के लिए हमने हाइव एआई टूल से सर्च किया। इस दौरान टूल ने तस्वीर को 70 फीसदी एआई से बने होने की जानकारी दी।


इसके बाद हमने तस्वीर को साइट इंजन से सर्च किया। यह भी एआई टूल है। इस टूल ने तस्वीर को 99 फीसदी एआई से बने होने की जानकारी दी। 

पड़ताल का नतीजा 

हमने अपनी पड़ताल में वायरल तस्वीर को एआई से बना हुआ पाया।

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