Fact Check: एआई से बना है भारत के साथ समझौता करने की बात करते बुर्किना फासो के राष्ट्रपति का वीडियो, पढ़ें सच
Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि अफ्रीकी देश बुर्किना फासो ने भारत के साथ 14 अरब डॉलर का अनाज खरीदने का समझौता किया है। हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है।
विस्तार
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में बुर्किना फासो के राष्ट्रपति इब्राहिम ट्रोरे भारत की तारीफ करते नजर आ रहे हैं। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि बुर्किना फासो ने भारत के साथ 14 अरब डॉलर का अनाज खरीदने का समझौता किया है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो एआई से निर्मित है। भारत और बुर्किना के बीच 14 अरब अनाज खरीदने की कोई डील नहीं हुई है।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि बुर्किना फासो ने भारत के साथ 14 अरब डॉलर का अनाज खरीदने का समझौता किया है।
जितेंद्र प्रताप सिंह (@jpsin1) नाम के एक्स यूजर ने लिखा, “भारत अपने लिए नए-नए मार्केट बना रहा है। यह बुर्किना फासो के राष्ट्रपति इब्राहिम ट्रेरेरे हैं। इन्होंने भारत के साथ 14 अरब डॉलर का अनाज खरीदने का डील किया है। आप खुद सुनिए यह भारत के बारे में क्या बता रहे हैं।” पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के कई अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
हमने दावे की पड़ताल करने के लिए बुर्किना फासो राष्ट्रपति वेबसाइट सर्च की। इस दौरान हमें भारत और बुर्किना के बीच हाल में कोई डील की जानकारी नहीं मिली।
इसके बाद हमने राष्ट्रपति इब्राहिम ट्रोरे के एक्स हैंडल पर भी सर्च किया। इस बीच भी यहां भी हमें भारत और बुर्किना के बीच 14 अरब अनाज को लेकर कोई जानकारी नहीं मिली।
आगे की पड़ताल के लिए हमने कीवर्ड के मदद से सर्च किया। इस दौरान हमें द प्रिंट की एक रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 7 सितंबर को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि बुर्किना फासो के राष्ट्रपति इब्राहिम ट्रोरे का एक एआई निर्मित वीडियो एक्स पर वायरल हो गया है, जिसमें वे दावा कर रहे हैं कि उन्होंने भारत के साथ 14 अरब डॉलर का अनाज समझौता किया है। साथ ही, उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना भी की है।
इसके बाद हमने वीडियो को हाइव एआई टूल पर सर्च किया। इस दौरान टूल ने वीडियो को 99.9 फीसदी एआई से बने होने की जानकारी दी।
पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को एआई निर्मित पाया है। वीडियो को शेयर कर लोगों में भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है।