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Fact Check: उत्तराखंड की आपदा में स्कूली बच्चों की जान जाने की एआई तस्वीर की जा रही शेयर, पढ़ें पड़ताल में सच

Sat, 09 Aug 2025 07:50 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Sat, 09 Aug 2025 07:50 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया  पर एक तस्वीर शेयर की जा रहा है जिसमें कई छोटे बच्चे स्कूल में नजर आ रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि उत्तराखंड में आई बाढ़ के कारण बच्चों की मौक हो गई।

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AI picture of school children dying in Uttarakhand disaster is being shared
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर की जा रही है। इस तस्वीर मे एक क्लास में छोटे बच्चे दिख रहे हैं। साथ ही क्लास में सबकुछ टूटा-फूटा नजर आ रहा है। इस तस्वीर को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि यह तस्वीर उत्तराखंड में आई भारी तबाही की है। कहा जा रहा है कि इस तबाही की वजह से स्कूल में मौजूद छोटे बच्चों की जान चली गई है। 

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अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी पड़ताल में सामने आया कि तस्वीर में किसी भी तरह की कोई सच्चाई नहीं है। इस तस्वीर को एआई की मदद से बनाया गया है। तस्वीर को सच बताकर झूठा दावा किया जा रहा है।  

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क्या है दावा? 
तस्वीर को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि उत्तराखंड में क्लासरूम के अंदर कई स्कूली बच्चों की हादसे में मौत हो गई है।

A Rana नाम के एक फेसबुक यूजर ने इस वीडियो को शेयर करके लिखा “रास्ता देखती रह गई माएं। बच्चे स्कूल से सीधे स्वर्ग चले गए UK ( UTTARAKHAND) इतनी भयानक तस्वीरें देखकर जिंदगी एक खिलौना सा लगती है। मुझे ये फोटो डालते हुए भी अजीब सा फील हो रहा। Social media पे ईस तरह के content कम से कम ही डालें। भगवान सबको अपने श्री चरणों में जगह देना।” (पोस्ट जस का तस)

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पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।  

इस तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

पड़ताल 
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले इस दावे की मीडिया रिपोर्ट को सर्च करने की कोशिश की। यहां हमें इस तरह की कोई मीडिया रिपोर्ट नहीं मिली जिसमें बताया गया हो कि उत्तराखंड की आपदा में क्लासरूम में बच्चों की मौत हो गई हो। 

आगे जब हमने तस्वीर को ध्यान से देखा तो हमें यहां तस्वीर के बाईं तरफ कोने में मेटा एआई लिखा हुआ दिखाई दिया। यह आमतौर पर एआई से बनी तस्वीर में लिखा रहता है। 
 



आगे तस्वीर की जांच करने के लिए एआई डिटेक्टर टूल का इस्तेमाल किया। हमें हाइव मॉडरेशन टूल का इस्तेमाल करके यह जांचना चाहा कि क्या सच में यह तस्वीर एआई के माध्यम से बनी है या नहीं। हाइव पर हमें इस तस्वीर के 99.9% एआई से बने होने की जानकारी मिली। 

आगे हमने कैंटिलुक्स पर इल तस्वीर को सर्च किया। यह टूल भी एआई से बनी तस्वीर का पता लगाने का काम करता है। तस्वीर को सर्च करने पर इसने एआई की संभावना तो कम बताई लेकिन पूरी तरह से नकारा नहीं। पैटर्न विश्लेषण, बनावट, कलाकृतियों के पैमाने पर जब टूल ने जांच तो पता चला कि तस्वीर के एआई से बने होने की संभावना काफी अधिक थी।  

 

पड़ताल का नतीजा 
हमारी पड़ताल में यह साफ है कि तस्वीर को एआई के माध्यम से बनाकर झूठा दावा किया जा रहा है। उत्तराखंड की आपदा में स्कूल के बच्चों के मरने का दावा झूठा है। 

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