Fact Check: 12 वर्ष पुराने धमाके के वीडियो को इस्राइल से जोड़कर किया जा रहा वायरल, पढ़ें पड़ताल
Fact Check: एक अंतिम संस्कार जुलूस के दौरान विस्फोट के वीडियो को इस्राइल से जोड़कर शेयर किया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि इस्राइल ने आंतकवादी के शव में विस्फोटक भरकर वापस किया जिससे धमाका हुआ।
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विस्तार
क्या है दावा
इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि इस्राइल ने एक आतंकवादी को मार गिराया है और उसके शव में विस्फोटक भरकर उसे लौटा दिया। जिसके कारण अंतिम संस्कार जुलूस के दौरान विस्फोट हुआ और कई लोग मारे गए।
डेली वॉच मूवीज नाम के एक फेसबुक अकाउंट से पोस्ट किया गया ज़ायोनी इस्राइल की इस क्रूरता को शेयर करें।
बलियान (@Baliyan_x) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “इस्राइल ने हत्यारों को मौत के घाट उतारने के बाद उसे वापस दे दिया, जिसमें जनाजे में सैकड़ों और आतंकी शामिल थे। शव में बारूदी विस्फोट किया गया था, जिसके बाद ब्लास्ट हुआ और कई अन्य आतंकवादी मारे गए। सही है या ग़लत??”
इजरायल ने आतंकवादी को मारने के बाद उसका शव वापस दे दिया, जिसके जनाजे में सैकड़ो और आतंकी शामिल हुए।
— Baliyan (@Baliyan_x) October 14, 2024
शव में बारूद भरकर दिया गया था, जिससे ब्लास्ट के बाद और कई और आतंकी मारे गए।
सही है या ग़लत?? pic.twitter.com/mqjmUuNFqH
पड़ताल
वीडियो की सच्चाई जानने के लिए हमने इस वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां से हमें डेली मोशन नाम से एक वीडियो शेयर करने वाली वेबसाइट पर ये वीडियो मिला। यहां इस वीडियो को 2012 का बताया गया था। साथ ही लिखा था “सीरिया अंतिम संस्कार जुलूस में कार बम विस्फोट”
आगे हमें सीरियन डॉक्यूमेंट नाम से एक यूट्यूब चैनल मिला। यहां इस वीडियो को 2012 में पोस्ट क्या गया था। इस वीडियो को कैप्शन में लिखा गया था “30 जून को 2012 को डमास्कस के ग्रामीण इलाके में एक अंतिम संस्कार के दौरान कार बम विस्फोट।”
इस वीडियो से जुड़े कुछ कीवर्ड से हमें कुछ और खबरें मिली। लॉस एंजिल्स टाइम्स में 30 जून 2012 को छपी खबर के अनुसार “कार्यकर्ताओं और मानवाधिकार समूहों ने बताया कि सीरिया के जमालका शहर में एक अंतिम संस्कार जुलूस के दौरान हुए कार बम विस्फोट में कम से कम 85 लोग मारे गए।”
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में ये साफ है कि ये वीडियो कम से कम 12 वर्ष पुराना है।