Manoj Muntashir: मौका मिले तो करीना के साथ फिल्म करना चाहेंगे मनोज मुंतशिर, संवाद में किया खुलासा
Amar Ujala Samwad: मशहूर गीतकार और संवाद लेखक मनोज मुंतशिर हाल ही में लखनऊ में आयोजित अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे। इस दौरान रैपिड फायर राउंड के दौरान उन्होंने कई दिलचस्प बातें साझा कीं।
विस्तार
मशहूर गीतकार और लेखक मनोज मुंतशिर यूं तो कलम के जादूगर हैं। परदे पर अभिनय से दूर-दूर तक उनका कोई लेना-देना नहीं। मगर, उनसे जब पूछा गया कि मौका मिलने पर वे किस अभिनेत्री के साथ फिल्म करना चाहेंगे? तो बड़े ही दिलचस्प अंदाज में उन्होंने जवाब दिया। ऐसा मौका हाल ही में लखनऊ में आयोजित अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में मिला। यहां रैपिड फायर राउंड के दौरान मनोज मुंतशिर से कुछ सवाल-जवाब हुए। पढ़िए...
लखनऊ में बाटी चोखा है पसंदीदा डिश
संवाद में मनोज मुंतशिर से पूछा गया कि 'लखनऊ अपने अदब और तहजीब के लिए जितना मशहूर है, उतना ही अपने खानपान के लिए भी मशहूर है। आपकी फेवरेट डिश कौन सी है यहां'? इस पर मनोज मुंतशिर ने कहा, 'बाटी चोखा। लखनऊ में परमवीर चक्र विजेता कैप्टन मनोज पांडे के नाम पर जो चौक है, उसके बराबर में एक बाटी चोखा है। बहुत लजीज है। वह मुझे पसंद है'।
लद्दाख घूमने की जताई इच्छा
आगे पूछा गया, 'एक ऐसी जगह जहां आप घूमने जाना पसंद करते हैं, जहां आपको इत्मीनान से छुट्टियां मनाना पसंद है'? इस पर उन्होंने कहा, 'सुनने में बड़ा अजीब लगेगा, लेकिन मैं लद्दाख जाना चाहता हूं। मैंने वो हिस्सा भारत का अभी देखा नहीं है, लेकिन उसके बारे में बातें बहुत सुनी हैं। मैं इसलिए भी जाना चाहता हूं, क्योंकि मैं महसूस करना चाहता हूं कि ये माइनस 30 और माइनस 40 के तापमान पर हमारे जवान, हमारे फौजी कैसे पहरा देते हैं। मैं तो उनकी तरह नहीं हूं। लेकिन, अगर मैं एक बार महसूस कर पाऊं तो शायद मेरे लिखने में थोड़ी और सच्चाई आ जाए'।
पसंदीदा अभिनेत्री कौन हैं?
गीतकार से अगला सवाल किया गया, 'भारतीय फिल्मों में आपकी पसंदीदा अभिनेत्री और पसंदीदा विदेशी अभिनेत्री कौन हैं? उन्होंने जवाब दिया, 'मैं मीना कुमारी जी को बहुत ज्यादा पसंद करता हूं। इसकी कई वजह हैं। उनकी डायलॉग डिलीवरी सबसे पहली बात है। वे जिस अंदाज में अपने संवाद बोलती थीं, मैंने इससे अच्छे बोले जाने वाले डायलॉग किसी और के मुंह से नहीं सुने। वहीं, विदेशी अभिनेत्रियों में यूं तो बहुत हैं। मगर, मुझे डेमी मूर बहुत अच्छी लगती हैं'।
रामचरित मानस को लेकर कही ये बात
आपके पसंदीदा भारतीय अभिनेता कौन हैं? और पसंदीदा विदेशी अभिनेता का नाम भी बताएं? मनोज मुंतशिर ने कहा, 'हम सबके पसंदीदा अभिनेता अमिताभ बच्चन ही हैं। विदेशी अभिनेताओं में मुझे जैक निकोल्सन पसंद हैं'। पसंदीदा पुस्तक पूछे जाने पर मनोज मुंतशिर ने रामचरित मानस का नाम लिया। गीतकार ने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि मैं इससे (रामचरित मानस) कभी पार निकल पाऊंगा। पुस्तक जब आप समझ लेते हैं तो आपका काम हो जाता है। मैं अब तक पढ़कर समझ ही नहीं पाया। तो इसलिए मैं उससे आगे निकल ही नहीं पाता कभी'।
'हकीकत' फिल्म का ये गाना है फेवरेट
मनोज मुंतशिर से जब उनका लिखा गया पसंदीदा गीत पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'तेरी मिट्टी'। वहीं, किसी दूसरे गीतकार का पसंदीदा गाना पूछे जाने पर उन्होंने कहा, 'मुझे कैफी आजमी साहब बहुत पसंद हैं। उनके लिखे हुए अनगिनत गाने पसंद हैं। लेकिन, अगर एक चुनना हो तो 'होके मजबूर उसने मुझे भुलाया होगा' गाना मेरा पसंदीदा है'। यह फिल्म 'हकीकत' का गाना है।
करीना कपूर के साथ काम करने की इच्छा!
मनोज मुंतशिर से आगे पूछा गया, 'आप फिल्मों में गीत और संवाद लिखते हैं। अगर आपको फिल्म करने का मौका मिले तो आप किस अभिनेत्री को अपने अपोजिट पसंद करेंगे? मनोज मुंतशिर ने कहा, 'मीना कुमारी जी को'। जब उनसे पूछा गया कि आज के दौर की कोई अभिनेत्री? इस पर उन्होंने करीना कपूर का नाम लिया और कहा, 'मुझे करीना कपूर बहुत पसंद हैं। उनका ग्लैमर, अभिनय क्षमता और जिस तरह से उन्होंने खुद को कैरी किया है। करीना कपूर वह अभिनेत्री हैं, जिनके साथ मैं स्क्रीन स्पेस शेयर करना चाहूंगा। सैफ भाई जानते हैं मुझे माफ कर देंगे'।
अतीत में नहीं करना चाहते बदलाव
मनोज से आगे पूछा गया, 'आपको अगर टाइम मशीन में जाने का मौका मिले, तो आप अपनी पर्सनल लाइफ की ऐसी कौन सी घटना है, जिसे बदलना चाहेंगे और क्यों? और देश और दुनिया की ऐसी कौन सी घटना है, जिसे बदलना चाहेंगे? उन्होंने जवाब दिया, 'मैं सच बताऊं तो कुछ नहीं बदलना चाहता। मैं इस बात में बहुत यकीन करता हूं कि लाइफ इज लाइक ए टाइट स्क्रीनप्ले। अगर मैं सीन नंबर 76 पर बैठा हूं और मेरे साथ देश के इतने बड़े पत्रकार मेरे से बात कर रहे हैं तो जाहिर सी बात है कि मैं अपने वर्तमान से खुश हूं। तो फिर जो मैंने मुंबई के फुटपाथ पर सीन नंबर 14 में जागती हुई रातें काटी हैं, जब लोग मुझे ठोकर मारकर उठा देते थे कि उठ सवेरा हो गया। जब मैंने पार्कों की बैंच पर रातें गुजारी हैं। मैं महीनों-महीनों भूखा रहा हूं। उनकी शिकायतें करने का मुझे कोई अधिकार है क्या? मैं जाकर उन्हें बदलना चाहूंगा क्या? अगर वो बदल दूंगा तो ये नहीं होगा'।
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अटल बिहारी बाजपेयी को वापस लाने की इच्छा!
मनोज मुंतशिर ने आगे कहा कि 'देश और दुनिया की घटना की बात करें तो मैं एक व्यक्ति को जरूर वापस पाना चाहूंगा और अटल बिहारी वाजपेयी हैं। अगर मेरा वश चले कि कोई एक चीज आप बदल सकते हो, किसी व्यक्ति को आप वापस ला सकते हो तो मैं उस तारीख को बदलना चाहूंगा और उस पर हमेशा के लिए फुल स्टॉप लगा देना चाहूंगा, जिस तारीख पर उस महात्मा, उस महान व्यक्ति ने यह नश्वर संसार छोड़ा। उनके बस होने भर से बहुत कुछ बदलता था इस दुनिया में। वो नहीं रहे अब'।
जिंदगी के ढलान पर याद रखें यह सीख
'ऐसे लोग जो काफी शोहरत पा लेते हैं, लोग उनकी वाहवाही करते हैं। फिर उनकी जिंदगी में कोई ऐसी चीज होती है कि खुद को ढलान पर पाते हैं और हर कोई आलोचना करने लगता है। ऐसे लोगों के लिए आपकी सीख क्या है? क्योंकि आप ऐसा दौर छोड़कर वापस आ चुके हैं? इस पर मनोज मुंतशिर ने कहा, 'कामयाबी में अंधे मत होना और नाकामी में इतने भाव विहल न हो जाना कि कामयाबी का चांस ही खो दो। दोबारा वापस आने का मौका ही न मिले तुम्हें, खुद को इतना तबाह भी मत कर लेना। एक मनोवैज्ञानिक चीज है कि जब आप बोल रहे होते हैं तो आप सोच नहीं रहे होते। मैं यही कहूंगा कि जब आप बहुत कामयाबी पा रहे होते हैं तो आप बहुत सोच नहीं पाते हैं। आपको ऐसा लगता है कि आप जो करोगे ठीक ही करोगे। मेरा मानना है कि अगर आप ईश्वर के फेवरेट हो तो यह उसका प्लान है कि आपको एक थप्पड़ मारता है। वो ठोकर भी बेहतरी के लिए लगती है। जब आंधियां चलती हैं तो पत्तों को भी आकाश छूते हुए देखा है। हम वो पत्ते हैं जो आंधियों में ही उड़ते हैं। वरना हम पड़े रहते कोई हमें रौंद के चला जाता है। मैं नहीं समझता कि मेरे साथ कुछ गलत हुआ। ईश्वर का ही प्लान है। मुझे सिर झुकाकर स्वीकार है। मैं जानता हूं कि इससे भी कुछ अच्छा ही निकलेगा'।