बेशरम में हल्ला ज्यादा, बेशरमी कम
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एक अनाथ लड़का। एक नकचढ़ी लड़की। एक अनाथाश्रम। एक डॉन किस्म का हवाला कारोबारी। इस तिकोन के बीच एक बेऔलाद पुलिस पति-पत्नी। पति सीधा-सादा, पत्नी भ्रष्ट। अनाथ लड़के को कोई राह दिखाने वाला नहीं, सो वह चोर बन गया। कार चोर।
चोरी-चकारी के धंधे में वह सबसे टकराता है। डॉन से। लड़की से। पुलिसवालों से। वह डॉन के लिए काम करता है। पुलिस को छकाता है। लड़का दिल का साफ है। हाथ की सफाई खूब जानता है। मेहनती है। दिलेर है। लड़की का दिल उसे चाहिए। जो उसे दो गाने गाकर मिल जाता है।
लड़का अमीरों की जेब पर हाथ साफ करता है और अपने जैसे अनाथ बच्चों को पालता है। दिन फिरते हैं तो लड़के का डॉन से पंगा हो जाता है। तब सब मिल कर डॉन से निपटते हैं। ‘बेशरम’ की कहानी कुछ कॉमिक अंदाज में इन्हीं पंक्तियों पर चलती है।
निर्देशक अभिनव कश्यप की नई फिल्म ‘बेशरम’ उनकी धमाकेदार पहली फिल्म ‘दबंग’ से दोयम साबित होती है। ऐक्शन है, कॉमेडी है। लेकिन ड्रामा कमजोर है। फिल्म रफ्तार नहीं पकड़ती।
रणबीर कपूर के इर्द-गिर्द लंबे दृश्य बुने गए हैं। 1970-80 के दशकों में जो फिल्मी कहानियां होती थीं, उनका मिक्स यहां हैं। वही इमोशन। यह विश्वास करना कठिन होता है कि आप 2013 की फिल्म देख रहे हैं।
रणबीर दर्शकों से अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं, उनके प्रशंसकों की संख्या ‘खान’ तकड़ी को भी टक्कर दे रही है। ऐसे में कपूर चिराग को अब ऐसी फिल्मों की जरूरत नहीं जो उनकी ‘शो-रील’ मालूम पड़े।
इस फिल्म में रणबीर ने ऐसा कुछ नहीं किया, जो उन्होंने पिछली फिल्मों में न किया हो। उनकी ‘बेशरमी’ का जितना हल्ला था, वह फिल्म के प्रोमो में अधिकांशतः मौजूद है।
सरसों के खेतों में पेशाब, सीने के बाल, पैडिंग और हीरोइन की रगों में रबड़ी दौड़ने वाला संवाद। इसके अतिरिक्त फिल्म में बेशरमी भरे दो-एक दृश्य और हैं। फिल्म की नायिका पल्लवी शारदा की पर्दे पर मौजूदगी साधारण है। वे अपने अभिनय को मांज कर ही इस ग्लैमर की दुनिया में टिक सकती हैं।
पुराने चावल का मजा क्या होता है, यह फिल्म में ऋषि कपूर-नीतू सिंह की जोड़ी को देख कर जाना जा सकता है। दोनों गुदगुदाते हैं। बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग के साथ। दोनों फिल्म को देखने का एक अच्छा बहाना हैं। ऐसे में इन दोनों सितारों समेत यह फिल्म उनके लिए है जो रणबीर के ‘डाई-हार्ड-फैन’ हैं।
‘बेशरम’ जैसी फिल्मों का रंग जमाने में गीत-संगीत अहम भूमिका निभाता है, लेकिन यहां उसकी कमी अखरती है।