फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Entertainment ›   Movie Review ›   film review of 2 states

2 स्टेट्सः रोमांस में टकराव भी और चुंबन भी

Sat, 19 Apr 2014 09:12 AM IST
Updated Sat, 19 Apr 2014 09:12 AM IST
विज्ञापन
film review of 2 states

प्यार की शुरुआत करना तो आसान है लेकिन उसे शादी के अंजाम तक पहुंचाना बहुत कठिन है। लड़के के लिए जरूरी है कि उसे लड़की के घरवाले भी पसंद करें और यही बात लड़की पर भी लागू होती है।

विज्ञापन


इन बातों के बीच अगर जाति-धर्म-भाषा-संस्कृति और राज्यों की दीवारें भी खड़ी हो जाएं तो समझ लीजिए कि यह नामुमकिन को मुमकिन बनाने जैसा कठिन काम है। ‘2 स्टेट्स’ निर्देशक अभिषेक वर्मन की पहली फिल्म है, जिसका आधार चेतन भगत का इसी नाम से प्रकाशित उपन्यास है।
विज्ञापन

बांधे रखती है यह फिल्म

film review of 2 states

निर्देशक ने उपन्यास को खूबसूरती से फिल्म में ढाला है। कहानी आपको बांधे रहती है और एक तय रफ्तार से आगे बढ़ती है।
फिल्म अनन्या और कृष की कहानी है। लड़की तमिल ब्राह्मण और लड़का पंजाबी।

आईआईएम अहमदाबाद में पढ़ते हुए दोनों को एक-दूसरे से प्यार हो जाता है और वक्त बीतने के साथ वे इस नतीजे पर पहुंचते हैं कि एक-दूसरे से दूर नहीं रह सकेंगे। अतः शादी जरूरी है।

लेकिन मुश्किल यह है कि क्या लड़की के माता-पिता लड़के को स्वीकार करेंगे? और अगर यह हो गया तो क्या लड़की लड़के के मां-बाप को पसंद आएगी? हमारे यहां शादी सिर्फ दो लोगों का नहीं, बल्कि दो परिवारों का मिलन होता है।

उतार-चढ़ाव भी हैं इस कहानी में

film review of 2 states

इस विशाल देश में इतनी सांस्कृतिक विविधता है कि स्कूली निबंधों के अलावा अनेकता में एकता ढूंढ पाना बड़ा कठिन हो जाता है। फिल्म परिस्थितियों के उतार-चढ़ाव के साथ आगे बढ़ती है। इसमें आपकी भवनाओं की लहरें कभी किनारे लगती तो कभी वापस लौट जाती हैं।

फिल्म में आलिया भट्ट छाई हुई हैं। पिछली फिल्म ‘हाइवे’ में वह अपनी उम्र से कहीं बड़ी बातें बनाते हुए जितनी नकली लग रही थीं, इस फिल्म में उतनी ही मौलिक नजर आती हैं। अनन्या के रूप में उनका अभिनय उनके किरदार को ज्यादा खूबसूरत बनाता है। उन्होंने बहुत सहजता से किरदार को जीया है। वह इस फिल्म में भरोसा दिलाती हैं कि इस तरह के रोल चुनती रहीं तो लंबी पारी खेलेंगी।

विज्ञापन

आलिया बढ़ेंगी आगे

film review of 2 states

खास तौर पर हाल के दिनों में करीना कपूर की नाकामियों से जो जगह खाली हुई है आलिया उसे भर देंगी। दूसरी तरफ अर्जुन कपूर अपने चार फिल्मों के छोटे से कैरियर में पहली बार कहानी के आखिर में जिंदा बचे हैं।

इससे पहले ‘इश्कजादे’, ‘औरंगजेब’ और ‘गुंडे’ में दर्शकों ने उन्हें फिल्म के अंत में गोली खाकर मरते हुए देखा था! अर्जुन का यह रोल पिछली फिल्मों से बिल्कुल अलग है और वे इसमें ठीक लगे हैं। संभवतः यह उनकी नई शुरुआत हो। वे किरदार के अनुरूप खुद को ढालने में कामयाब रहे हैं।

युवाओं को आएगी रास

film review of 2 states
अमृता सिंह, रेवती, रोनित रॉय और अरु कृष्णेश वर्मा ने आलिया और अर्जुन के माता-पिता की भूमिकाओं से न्याय किया है। यह फिल्म खास तौर पर महानगरीय युवाओं को अच्छी लगेगी, जिनके सपनों में आईआईटी बसता है। फिल्म में आलिया और अर्जुन के हिस्से में कुछ चुंबन और कुछ बोल्ड दृश्य भी हैं।

ऐसे में किसी को लग सकता है कि बच्चों को पढ़ने-लिखने के लिए दूर दूसरे शहरों में भेजा जाता है या फिर यह सब करने? लेकिन क्या करें... नए जमाने में शादी सेक्स और प्यार का क्रम बदल कर प्यार सेक्स और शादी हो चला है!! परिवर्तन ही प्रकृति का नियम है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें Entertainment News से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। मनोरंजन जगत की अन्य खबरें जैसे Bollywood News, लाइव टीवी न्यूज़, लेटेस्ट Hollywood News और Movie Reviews आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed