Rakumar Santoshi: राजकुमार संतोषी की मुश्किलें बढ़ीं, सत्र न्यायालय ने चेक बाउंस मामले में बरकरार रखी सजा
राजकोट के सत्र न्यायालय ने निर्माता-निर्देशक राजकुमार संतोषी को दो चेक बाउंसिंग मामलों में निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा। 17 फरवरी को जामनगर की अदालत ने संतोषी को दो साल की सजा और दिए गए पैसे की दोगुनी राशि जमा करने का आदेश दिया था।
विस्तार
राजकोट के सत्र न्यायालय ने निर्माता-निर्देशक राजकुमार संतोषी को दो चेक बाउंसिंग मामलों में एक-एक साल की सजा सुनाने वाली निचली अदालत के आदेश को बरकरार रखा है। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि संतोषी को पीड़ित को मुआवजा भी देना होगा। संतोषी ने निचली अदालत के फैसले के खिलाफ अपील की थी, लेकिन सत्र न्यायालय ने उनकी अपील को खारिज कर दिया।
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अदालत ने बरकरार रखी सजा
इस मामले में शिकायतकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता प्रवीन कोटेचा ने अदालत में दलीलें दीं, जिनके तर्कों को अदालत ने स्वीकार किया। प्रवीन कोटेचा ने संतोषी के खिलाफ आरोपों को मजबूती से रखा, जिसके बाद अदालत ने निचली अदालत के फैसले को सही ठहराया।
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निचली अदालत ने दिया था ये फैसला
17 फरवरी को जामनगर की सातवीं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत ने राजकुमार संतोषी को चेक बाउंसिंग के दो मामलों में दो साल की सजा सुनाई थी। इसके साथ ही अदालत ने संतोषी को वह रकम दोगुनी राशि में जमा करने का आदेश भी दिया था, जो उन्होंने शिकायतकर्ता को चुकानी थी।
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सत्र न्यायाल ने खारिज कीं संतोषी की दलीलें
संतोषी ने अपनी अपील में दावा किया था कि वह किसी तरह की धोखाधड़ी में शामिल नहीं थे, लेकिन सत्र न्यायालय ने उनकी दलीलें खारिज करते हुए निचली अदालत के आदेश को मान्यता दी। इस फैसले से यह साफ है कि अदालत ने शिकायतकर्ता के पक्ष में मजबूत फैसला दिया है।
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