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Biju Vattappara Death: मलयालम फिल्म निर्माता और लेखक बीजू वट्टप्पारा का निधन, 54 वर्ष की आयु में ली अंतिम सांस
Tue, 14 May 2024 03:39 PM IST
साक्षी
एंटरटेंटमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेंटमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: साक्षी
Updated Tue, 14 May 2024 03:39 PM IST
सार
मशहूर मलयालम फिल्म निर्माता और लेखक बीजू वट्टप्पारा का 13 मई को केरल में निधन हो गया। जानकारी के अनुसार, निर्माता केरल के मुवत्तुपुझा में एक वकील से मिलने के दौरान वह बेहोश हो गए थे।
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बीजू वट्टप्पारा
- फोटो : X: @Bijuvattappara
विस्तार
मशहूर मलयालम फिल्म निर्माता और लेखक बीजू वट्टप्पारा का 13 मई को केरल में निधन हो गया। जानकारी के अनुसार, निर्माता केरल के मुवत्तुपुझा में एक वकील से मिलने के दौरान वह बेहोश हो गए थे। इसके बाद उन्हें पास के अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, अस्पताल ले जाते समय उनकी मृत्यु हो गई। उनका पार्थिव शरीर अभी मुवत्तुपुझा तालुक अस्पताल में रखा गया है।
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फिल्म एम्प्लॉइज फेडरेशन ऑफ केरल ने जताया शोक
बीजू वट्टप्पारा ने 54 वर्ष की आयु में इस दुनिया को अलविदा कह दिया। उनके परिवार में उनके पिता रवि देवन और बेटी देवनंदन हैं। उनके अंतिम संस्कार के बारे में अधिक जानकारी कुछ समय में घोषित की जाएगी। बीजू वट्टप्पारा ओक्कल के मूल निवासी थे। उनके निधन के तुरंत बाद, फिल्म एम्प्लॉइज फेडरेशन ऑफ केरल (FEFKA ) डायरेक्टर्स यूनियन ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया।
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इन फिल्मों ने दिलाई प्रसिद्धि
बीजू वट्टप्पारा ने फिल्मों, टेलीविजन धारावाहिकों और डॉक्यूमेंट्री पर भी काम किया। उन्होंने जिन परियोजनाओं पर काम किया, उनके माध्यम से उन्होंने अपना नाम बनाया। उनकी दो निर्देशित फिल्मों, 'रामा रावणन' और 'स्वंथम भार्या जिंदाबाद' ने उन्हें प्रसिद्धि दिलाई। उन्होंने कलाभवन मणि-स्टारर 'लोकनाथन आईएएस' और 'कलाभाम' की पटकथा पर भी काम किया। उनके द्वारा लिखे गए कुछ उपन्यासों में 'चक्कारा वावा', 'वेलुथा कैथरीना' और 'शंकुपुशम' शामिल हैं। इन उपन्यासों को बाद में धारावाहिकों में रूपांतरित किया गया। बीजू वट्टप्पारा को उनकी कविता 'इदावझियुम थुम्बापूवम' के लिए कुट्टीकृष्णन साहित्य पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था।
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