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Maharashtra: क्या अस्मिता की लड़ाई में असली शिवसेना जीती? उद्धव खेमे को 36 सीटों पर मात, शिंदे गुट 14 सीट हारा

Sun, 24 Nov 2024 01:50 AM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: शुभम कुमार Updated Sun, 24 Nov 2024 01:50 AM IST
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Sena vs Sena: Shinde’s party defeats Uddhav’s outfit in 36 constituencies, loses in 14
एकनाथ शिंदे, उद्धव ठाकरे - फोटो : एएनआई (फाइल)
महाराष्ट्र में आखिरकार कई महीनों के घमासान के बाद चुनावी युद्ध का विराम हुआ। महायुति ने राज्य में 235 सीटों पर अपना कब्जा जमाकर प्रचंड बहुमत हासिल की। वहीं विपक्षी महाविकास अघाड़ी केवल 50 सीट पर ही अपना दम खम दिखा सकी। जीत हार से इस दौर में असली राज ठाकरे की शिवसेना कौन है इस सवाल का भी जवाब कहीं ना कहीं मिलता हुआ दिखा। 
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एक नजर चुनावी नतीजों पर
महाराष्ट्र चुनाव में महायुति गठबंधन ने 288 में से 230 सीटों पर जीत दर्ज की। जिसमें भाजपा ने 132, शिंदे की शिवसेना ने 57 और एनसीपी ने 41 सीटें जीतीं। वहीं महाविकास आघाड़ी ने सिर्फ 46 सीटें जीतीं। जिसमें कांग्रेस ने 16 और शिवसेना ने 20 सीटें जीतीं।
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शिंदे की सेना ने 36 सीटों पर उद्धव गुट को दी मात

Sena vs Sena: Shinde’s party defeats Uddhav’s outfit in 36 constituencies, loses in 14
एकनाथ शिंदे और फडणवीस - फोटो : PTI
अब इस बात को ऐसे समझिए कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने महाराष्ट्र चुनावों में उद्धव ठाकरे की शिवसेना को 36 सीटों पर हराया। जिससे इस बात पर जनता का रूख सामने आता हुआ दिखा कि असली शिवसेना वही है जिसे दिवंगत बाल ठाकरे ने स्थापित किया था या नहीं।

एक नजर जीत हार के समीकरण पर 
एक तरफ महायुति गठबंधन का हिस्सा एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने 81 सीटों पर चुनाव लड़ी जिसमें 57 सीटों पर अपना कब्जा जमाया। दूसरी ओर महाविकास अघाड़ी गठबंधन का हिस्सा उद्धव ठाकरे की शिवसेना ने 95 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे जिसमें केवल 20 सीटें ही जीती।  देखा जाए तो केवल 14 सीटों पर उसने शिंदे के उम्मीदवारों को हराया।

असली शिवसेना कौन? बगावत के बाद उठे थे सवाल

Sena vs Sena: Shinde’s party defeats Uddhav’s outfit in 36 constituencies, loses in 14
महाराष्ट्र विधानसभा 2024 - फोटो : PTI
महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे ने जून 2022 में उद्धव के खिलाफ बगावत की थी और भाजपा के साथ मिलकर मुख्यमंत्री बने। इस कदम ने शिवसेना को दो भागों में बांट दिया और दोनों गुटों के बीच लगातार विवाद शुरू हो गए। बाद में शिंदे को चुनाव आयोग से पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह धनुष-बाण मिल गया था।

बता दें कि शिंदे के पास ज्यादातर विधायक थे जिन्होंने उनके साथ बगावत की थी और उन्होंने चुनाव में अच्छा प्रदर्शन किया। कुछ प्रमुख परिणामों में चोपड़ा में चंद्रकांत सोनवाने ने यूबीटी शिवसेना के प्रभाकर सोनवाने को हराया। किशोर पटिल ने शिवसेना यूबीटी की वैशाली सुर्यवंशी को पछाड़ा। वहीं संजय गायकवाड ने बुलढाणा में जयश्री शेलके को हराया।

14 सीटों पर शिंदे गुट को हराया
चुनाव में शिवसेना ने 14 सीटों पर शिंदे के गुट को हराया। इनमें मेहकर, दार्यापुर, विक्रोली, और दिंडोशी जैसे क्षेत्रों में यह जीत हासिल हुई। उद्धव के बेटे आदित्य ठाकरे ने मुंबई के वर्ली क्षेत्र में मिलिंद देवरा को हराया। 
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उद्धव गुट की जीतीं 20 सीटों में से 10 मुंबई में

Sena vs Sena: Shinde’s party defeats Uddhav’s outfit in 36 constituencies, loses in 14
उद्धव ठाकरे - फोटो : PTI
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना (यूबीटी) ने जिन 20 सीटों पर जीत हासिल की है। उनमें से 10 सीटें मुंबई में हैं। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे शनिवार को घोषित किए गए। पार्टी ने महा विकास अघाड़ी गठबंधन के तहत 95 सीटों पर चुनाव लड़ा था लेकिन उसे सिर्फ 20 सीटों पर जीत मिली।

वर्ली में कांटे की टक्कर
मुंबई में शिवसेना (यूबीटी) ने वर्ली में जीत हासिल की, जहां से उसके शीर्ष नेता आदित्य ठाकरे चुनाव लड़ रहे थे। इसके अलावा उसने बायकुला, शिवडी, कलिना, डिंडोशी और विक्रोली में भी जीत हासिल की। उसने वर्सोवा, जोगेश्वरी ईस्ट, वंद्रे ईस्ट और माहिम सीटों पर भी जीत हासिल की। उसने वर्ली में 8,801 वोटों के मामूली अंतर से जीत हासिल की।

त्रिकोणीय मुकाबले में फंसा समीकरण
वहीं माहिम में उसने मनसे के अमित ठाकरे और शिवसेना के सदानंद सरवणकर के बीच त्रिकोणीय मुकाबले में जीत हासिल की। शिवसेना (यूबीटी) ने यह सीट 1,316 वोटों से जीती। यहां तक कि वर्सोवा सीट भी उसने सिर्फ 1,600 वोटों के अंतर से जीती। जून 2022 में एकनाथ शिंदे के विद्रोह के बाद शिवसेना में विभाजन के बाद शिवसेना (यूबीटी) अपने संगठन को एकजुट रखने में कामयाब रही। बता दें कि ठाकरे के साथ रहने वाले 14 विधायकों में से छह मुंबई से थे।
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