Lok Sabha Election: 2019 में क्षेत्रवार चुनाव नतीजे कैसे थे, किस पार्टी को कहां फायदा और कहां नुकसान हुआ?
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विस्तार
चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव 2024 की तारीखों का एलान कर दिया है। तारीखों के एलान के साथ ही देशभर में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गईं। उधर सत्ताधारी पार्टी भाजपा ने अपने प्रचार अभियान की शुरुआत कर दी है। इसके स्टार प्रचारक और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 मार्च से दक्षिणी राज्यों की यात्राएं शुरू कर दी हैं। इससे पहले भी अयोध्या राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से पहले पीएम मोदी ने दक्षिण भारत के मंदिरों का भ्रमण किया था और दर्शन-पूजन किया था। दूसरी ओर कांग्रेस भी देशभर में अपने गठबंधन साथियों के सीट बंटवारे करने पर जुटी हुई है।
आइये जानते हैं कि 2019 के लोकसभा चुनाव में क्षेत्रवार नतीजे कैसे थे? किस क्षेत्र में किसे ज्यादा सीटें आईं और किसे कहां झटका लगा?
उत्तर भारत में भाजपा ने मारी थी बाजी
इस क्षेत्र में लोकसभा की कुल 205 सीटें आती हैं। ये सीटें जम्मू कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड को मिलाते हुए कुल 12 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश की हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में 205 में से 146 सीटें भाजपा के खाते में गई थीं। मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस के महज 11 सांसद ही जीत सुनिश्चित कर पाए थे। वहीं 48 सीटों पर अन्य को जीत मिली थी।
दक्षिण भारत में भाजपा कांग्रेस से आगे थे क्षेत्रीय दल
इस क्षेत्र से कुल 132 सांसद चुनकर आते हैं। दक्षिण भारत की ये सीटें तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी, लक्षद्वीप और अंडमान निकोबार जैसे कुल आठ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आती हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में 132 में से कांग्रेस और भाजपा दोनों ने 29-29 सीटों पर जीत हासिल की थी। वहीं इन दलों से काफी आगे क्षेत्रीय पार्टियों के 74 सांसद चुनकर लोकसभा पहुंचे थे।
पश्चिम भारत में कांग्रेस दो सीटें पर सिमटी थी
इस क्षेत्र से लोकसभा की कुल 78 सीटें आती हैं। ये सांसद गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, दादरा नगर हवेली, दमन-दीव से चुनकर संसद पहुंचते हैं। बीते लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 78 में से 51 सीटों पर अपना परचम लहराया था। वहीं देश की सबसे पुरानी पार्टी के केवल दो उम्मीदवार लोकसभा संसद चुने गए थे। वहीं अन्य दलों के 25 सांसद जीतकर संसद पहुंचे।
पूर्वी भारत में अन्य दलों और भाजपा की टक्कर रही
देश के इस हिस्से से कुल 88 सीटें आती हैं। ये सांसद पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मिजोरम, मेघालय, त्रिपुरा, सिक्किम और नगालैंड जैसे 10 राज्यों से चुने जाते हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में 88 में से 40 सीटों पर भाजपा ने सफलता हासिल की थी। दूसरी ओर कांग्रेस के केवल सात सांसद संसद के निचले सदन तक पहुंचे थे। इसके अलावा 41 सांसद अन्य दलों के जीतकर आए थे।
मध्य भारत में तीन सीटों पर सिमटी थी कांग्रेस
इस क्षेत्र में कुल 40 लोकसभा सीटें हैं। जहां मध्य प्रदेश से लोकसभा के 29 सांसद चुने जाते हैं तो छत्तीसगढ़ में 11 सीटें हैं। पिछले चुनाव में 40 में से 37 सीटों पर भाजपा को जीत मिली थी। वहीं कांग्रेस के खाते में मात्र तीन सीटें ही आईं।