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Maharashtra: सभी पांच क्षेत्रों में एमवीए को करारा झटका, मुंबई में राहत; महागठबंधन ने विधानसभा में पलटा पासा

Sun, 24 Nov 2024 06:19 AM IST
दीपक कुमार शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Sun, 24 Nov 2024 06:19 AM IST
सार

 Maharashtra Assembly Election 2024 Result: महाराष्ट्र को मुख्य रूप से पांच भागों में बांटा गया है। इसमें कोंकण, पश्चिम महाराष्ट्र, उत्तर महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और विदर्भ हैं। इस बार इन सभी क्षेत्रों में बड़ा उलटफेर हुआ है। कई बड़े-बड़े दिग्गज हार गए हैं, तो कुछ पार्टियों ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है।

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Maharashtra Mahavikas Aghadi has suffered major setback in all five constituencies in elections
उद्धव ठाकरे और शरद पवार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

महाराष्ट्र के महाविकास आघाड़ी को चुनाव में सभी पांचों क्षेत्रों में करारा झटका लगा है। हालांकि, मुंबई में उसे थोड़ी राहत मिली है, जहां वह 36 में से 14 सीटें जीतने में सफल रही है। महाराष्ट्र को मुख्य रूप से पांच भागों में बांटा गया है। इसमें कोंकण, पश्चिम महाराष्ट्र, उत्तर महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और विदर्भ हैं। इस बार इन सभी क्षेत्रों में बड़ा उलटफेर हुआ है। कई बड़े-बड़े दिग्गज हार गए हैं, तो कुछ पार्टियों ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। 

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उत्तर महाराष्ट्र : उद्धव व शरद का खाता नहीं खुला
उत्तर महाराष्ट्र के चारों जिले अहमदनगर, धुले, जलगांव, नंदुरबार व नासिक में की कुल 47 सीटों में से भाजपा को 20, शिवसेना को 11, एनसीपी को 12 सीटें मिलीं। वहीं, एमवीए को सिर्फ दो सीटें मिलीं। वह भी कांग्रेस ने जीती। शिवसेना-उद्धव, एनसीपी-शरद का खाता भी नहीं खुला। 2019 में भाजपा ने सर्वाधिक 16 सीटें जीती थीं। तब पवार की एनसीपी ने 13, कांग्रेस ने 7 व उद्धव की शिवसेना ने 6 सीटें जीती थीं।
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कुल सीटें- 47
महायुति- 43
एमवीए- 02


विदर्भ : महाविकास आघाड़ी 11 पर सिमटी
विदर्भ में 11 जिले आते हैं, जिनमें अकोला, अमरावती, भंडारा, चंद्रपुर, गढ़चिरौली, बुलढाणा, गोंदिया, नागपुर, वर्धा, वाशिम और यवतमाल शामिल हैं। इनमें से भाजपा को 37, शिवसेना-शिंदे को 5, राकांपा को 5 सीटें मिलीं। वहीं, कांग्रेस को 9, यूबीटी को 1, एनसीपी शरद को 1 सीट मिली। 2019 में भाजपा ने 29 सीटें जीती थीं।
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कुल सीटें- 62
महायुति- 47
एमवीए- 11


प. महाराष्ट्र : सीनियर पवार की ताकत घटी
पश्चिमी महाराष्ट्र में कोल्हापुर, सांगली, सतारा, पुणे व सोलापुर की 58 में से 23 सीटें भाजपा ने कब्जाईं। वहीं, शिवसेना-शिंदे को 7, राकांपा को 13, कांग्रेस को 3, यूबीटी को 2 सीटें मिलीं। वहीं, पिछले चुनाव में 21 सीटें जीतने वाली राकांपा शरद 3 सीटें ही जीत सकी। अब तक पांच सीएम देने वाले इस इलाके की राजनीति सहकार क्षेत्र पर निर्भर है, जिसमें क्रेडिट सोसाइटी डेयरी और चीनी मिलें हैं।

कुल सीटें- 58
महायुति- 43
एमवीए- 8

कोंकण : भाजपा और मजबूत, 32 सीटें जीतीं

पालघर, ठाणे, मुंबई उपनगर, मुंबई शहर, रायगढ़, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग वाले कोंकण क्षेत्र शिवसेना का गढ़ है। यहां की 75 सीटों में से भाजपा ने सर्वाधिक 32 सीटें जीतीं। वहीं, पिछली बार 29 सीटें जीतने वाली शिवसेना घटकर 23 पर आ गई। छत्रपति शिवाजी महाराज का पुतला इसी क्षेत्र में गिरा था।

कुल सीटें- 75
महायुति- 58
एमवीए- 13


मराठवाड़ा : सूखे वाला क्षेत्र, उद्धव की पार्टी 4 पर सिमटी
मराठवाड़ा में औरंगाबाद, बीड, हिंगोली, जालना, लातूर, नांदेड़, उस्मानाबाद और परभणी जिले आते हैं। यहां  भाजपा ने 15, शिवसेना शिंदे ने 12, एनसीपी ने 7, कांग्रेस ने तीन सीटें जीतीं। सूखे के लिए प्रसिद्ध इस क्षेत्र में बड़ा झटका उद्धव ठाकरे को लगा है। उनको चार सीटें मिली हैं। पिछली बार 12 सीटें थीं। यहां से राज्य को चार मुख्यमंत्री मिले हैं।

कुल सीटें- 46
महायुति- 34
एमवीए- 10


राज ठाकरे के बेटे की हार
मनसे प्रमुख राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे को माहिम विस सीट पर हार मिली। शिवसेना-उद्धव के महेश सावंत जीते।

सिद्दीकी का बेटा भी हारा  
मुंबई का बांद्रा पूर्व सीट से बाबा सिद्दीकी के बेटे जीशान सिद्दीकी को भी हार का सामना करना पड़ा है। लंबे समय तक कांग्रेस में रहे एनसीपी नेता सिद्दीकी की पिछले महीने हत्या कर दी गई थी। यहां से शिवसेना-उद्धव के वरुण सरदेसाई जीते।

शायना-निरूपम पराजित  
शिवसेना शिंदे गुट की शायना एनसी मुंबा देवी से कांग्रेस के अमीन पटेल से हार गईं। वहीं, शिवसेना शिंदे गुट के संजय निरुपम भी हार गए। दिंडोशी से उन्हें शिवसेना उद्धव गुट के सुनील वावन प्रभु ने हराया।

झारखंड ने विभाजनकारी राजनीति नकारी : खरगे
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि झारखंड की जनता ने भाजपा की झूठ और विभाजनकारी राजनीति को खारिज कर दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, जय जोहार! झारखंड के लोगों ने अपने जनाधिकार, जल, जंगल, जमीन के मुद्दों को प्राथमिकता से चुना। उन्होंने विभाजनकारी और झूठ की राजनीति को नकारा है। जनता ने सांविधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग के खेल को हराया हैं। हमें सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष करना है। जनता की आवाज बुलंद रखनी है। जवाबदेह सरकार बनानी है। उन्होंने लिखा- भरोसा बरकरार, गठबंधन सरकार। इसके साथ, महाराष्ट्र के नतीजों को अप्रत्याशित बताया। कहा, पार्टी परिणाम के तह में जाकर असली वजहों को समझने की कोशिश कर रही है।

जनता को भाजपा और पीएम मोदी के सुशासन पर भरोसा: राजनाथ
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने महाराष्ट्र में महायुति की जीत पर कहा, अभूतपूर्व जनादेश ने बता दिया कि जनता का भरोसा सुशासन और विकास के प्रति भाजपा की प्रतिबद्धता में है। गरीब गल्याण के प्रति एनडीए सरकारी की संवेदनशीलता में है और पीएम नरेंद्र मोदीजी के नेतृत्व की विश्वसनीयता में है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, महायुति की महाविजय पर पीएम मोदी के कर्मठ एवं समर्पित कार्यकर्तांओं को बधाई।


कुशल नेतृत्व पर जनता के अटूट विश्वास का प्रतिबिंब : नड्डा
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने महाराष्ट्र में भाजपा की यह ऐतिहासिक विजय व महायुति गठबंधन की प्रचंड जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में डबल इंजन सरकार की जन-कल्याणकारी नीतियों व सुशासन पर जनता-जनार्दन के अटूट विश्वास का प्रतिबिंब है। प्रदेश की जनता ने कांग्रेस समेत महाविकास आघाड़ी के वंशवाद, तुष्टीकरण व विभाजनकारी राजनीति को सिरे से नकार दिया है।

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