फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Election ›   LS Polls: MLA Raghupati Bhatt left BJP because of not given ticket, now contest elections as an independent

LS Polls: टिकट न देने पर नाराज विधायक रघुपति भट्ट ने छोड़ी भाजपा, अब निर्दलीय लडेंगे चुनाव

Tue, 14 May 2024 01:43 PM IST
मेघा झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: मेघा झा Updated Tue, 14 May 2024 01:43 PM IST
सार

चुनावी मौसम में कई सारे नेताओं ने पार्टी बदली है। अब हाल ही उडुपी के पूर्व विधायक रघुपति भट्ट ने भाजपा से इस्तीफा दे दिया था। अब हाल ही में उन्होंने चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में लड़ने का फैसला किया है।

विज्ञापन
LS Polls: MLA Raghupati Bhatt left BJP because of not given ticket, now contest elections as an independent
पूर्व भाजपा विधायक रघुपति भट्ट - फोटो : एएनआई

विस्तार

चुनावी मौसम में कई सारे नेताओं ने पार्टी बदली है। अब हाल ही उडुपी के पूर्व विधायक रघुपति भट्ट ने भाजपा से इस्तीफा दे दिया था। अब हाल ही में उन्होंने चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में लड़ने का फैसला किया है।
विज्ञापन


उडुपी के पूर्व भाजपा विधायक रघुपति भट्ट ने विद्रोही सुर अपनाते हुए 3 जून को होने वाले लोकसभा चुनाव में दक्षिण-पश्चिम स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में लड़ने के अपने फैसला किया है। उन्होंने क्षेत्र में पार्टी कार्यकर्ताओं के प्रतिनिधि के रूप में खड़े होने का फैसला किया।
विज्ञापन


बता दें कि रघुवीर भट्ट 2023 के विधानसभा चुनाव के समय से भाजपा से नाराज हैं। क्योंकि भाजपा ने उन्हें 2023 के विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं दिया था। जबकि यशपाल सुवर्णा को टिकट दिया था। लेकिन भाजपा ने उन्हें टिकट न देने के बावजूद सुवर्णा का समर्थन करने को कहा था। भाजपा के इस निर्णय से भट्ट काफी भावुक हुए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


हालांकि इसके लिए भाजपा नेता ने कर्नाटक दक्षिण पश्चिम स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए एमएलसी टिकट की उम्मीद में थे, इसके लिए वे काफी मशक्कत भी कर चुके थे। लेकिन एक बार फिर पार्टी ने डॉ. धनंजय को मैदान में उतारने का ऐलान कर दिया।


नेता ने बताया कि पार्टी ने योग्य और वरिष्ठ उम्मीदवारों की तुलना में पार्टी में नए शामिल सदस्यों को टिकट देने के फैसले को निराशाजनक है। उन्होंने कहा कि वे पहले ही नामांकन करवा चुके थे। भाजपा के प्रति अपनी निष्ठा की पुष्टि करते हुए उन्होंने कहा कि निर्दलीय चुनाव लड़ने का निर्णय शिक्षकों और स्नातकों की भलाई के लिए है। उन्होंने अपनी उम्मीदवार होने के बारे में वरिष्ठ भाजपा नेताओं के आश्वासन को स्वीकार किया। लेकिन वे अपने रुख पर अड़े हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed