Rajasthan: कांग्रेस खोज रही 'करिश्माई' उम्मीदवार, क्यों पांव पीछे खींच रहे गहलोत, पायलट और डोटासरा जैसे दिग्गज
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भाजपा ने लोकसभा चुनाव की पहली लिस्ट जारी कर दी है। इसमें राजस्थान की 25 में से 15 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा पार्टी ने कर दी है। भाजपा की पहली सूची आने के बाद कांग्रेसी खेमे में हलचल तेज हो चली है। दो लोकसभा चुनाव से कांग्रेस लगातार सभी 25 सीटें हार रही है। ऐसे में पार्टी फिर से 2009 के करिश्माई फॉर्मूले को अपनाने पर विचार कर रही है, ताकि 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी का खाता खुल सके।
राजस्थान कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि राजस्थान कांग्रेस कमेटी ने अधिकांश सीटों पर दो से तीन नामों का पैनल तैयार कर लिया है। लेकिन भाजपा के टिकट की घोषणा के बाद अब पार्टी फिर से इन नामों पर विचार कर रही है। ताकि बदले समीकरण के हिसाब से जिताऊ उम्मीदवारों का चयन हो सके। इस बार जिताऊ चेहरों को मैदान में उतारने पर जोर है। ताकि पार्टी का लोकसभा चुनावों में खाता खुल सके। भाजपा ने जिन सांसदों का टिकट काटा, उन पर भी कांग्रेस दांव लगाने पर विचार कर रही है। इसके अलावा कमजोर सीटों पर छोटी पार्टियों के साथ गठबंधन और लोक कलाकार, खिलाड़ी और पूर्व सैन्य अफसरों को भी मैदान में उतारने के बारे में विचार किया जा रहा है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भाजपा कई दिग्गज नेताओं को राज्यसभा की जगह लोकसभा चुनाव लड़ा रही है। जबकि राजस्थान से पूर्व सीएम अशोक गहलोत, पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट, प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा समेत कई दिग्गज नेताओं ने चुनावी मैदान में उतरने को लेकर कोई रुचि नहीं दिखाई है। पार्टी सूत्र कहते हैं कि 2024 के चुनाव में कांग्रेस 2009 के करिश्मे जैसी उम्मीद कर रही है। 2009 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने अच्छा प्रदर्शन किया था। 25 में से 20 सीटों पर कांग्रेस को जीत हासिल हुई थी। 2009 के चुनाव में पार्टी ने सेलिब्रिटी उम्मीदवारों को मैदान में उतारा था। इनमें से कोई राजपरिवार से जुड़ा था, कोई खिलाड़ी था तो काई पूर्व चर्चित अफसर था। उसी का प्रभाव था कि पार्टी ने 20 सीटों पर जीत दर्ज की थी। पार्टी इस बार भी इसी फॉर्मूले पर उम्मीदवार खोज रही है। हालांकि अभी तक कांग्रेस को ऐसा कोई उम्मीदवार नहीं मिला है।
कांग्रेस इन नामों पर कर रही है विचार
अलवर लोकसभा सीट से भंवर जितेंद्र सिंह, डॉ. कर्ण सिंह यादव, ललित यादव और संदीप यादव के नाम पैनल में है। जबकि झालावाड़ बारां संसदीय सीट से रामनारायण मीणा और प्रमोद जैन भाया के नाम है। कोटा सीट से शांति धारीवाल, रामनारायण मीणा और अशोक चांदना के नाम हैं।
उदयपुर सीट से दयाराम परमार, रामलाल मीणा के नाम हैं। जबकि बीकानेर सीट से गोविंद राम मेघवाल, शिमला नायक के नाम है। जोधपुर सीट से मानवेंद्र सिंह जसोल, महेंद्र विश्नोई और वैभव गहलोत के नाम प्रमुख हैं। भरतपुर सीट से संजना जाटव और भजनलाल जाटव के नाम है।
जालोर सीट से वैभव गहलोत, ओम सिंह और रतन देवासी के नाम हैं। पाली लोकसभा सीट से संगीता बेनीवाल, बद्रीराम जाखड़ और दिव्या मदेरणा, सुनील चौधरी के नाम हैं।
सीकर सीट से महादेव सिंह खंडेला, कैप्टन अरविंद सिंह और सीताराम लांबा के नाम है। नागौर सीट से हरेंद्र मिर्धा, मनीष मिर्धा, चेतन डूडी के नाम है। इस सीट पर कांग्रेस छोटी पार्टी के साथ गठबंधन भी कर सकती है।
बाड़मेर संसदीय सीट से हेमाराम चौधरी, कर्नल सोनाराम और प्रभा चौधरी के नाम हैं। फिलहाल पार्टी ने चित्तौड़गढ़ और बांसवाड़ा से अभी कोई नाम तय नहीं किए हैं। बांसवाड़ा सीट पर पार्टी क्षेत्रीय पार्टी के साथ गठबंधन कर सकती है।
जातिगत समीकरण पर रहेगा फोकस
लोकसभा चुनाव में कांग्रेस जातिगत समीकरण को पूरी तरह से साधेगी। इसमें कोई कमी नहीं छोड़ी जा रही है। भाजपा के घोषित उम्मीदवारों के नाम के हिसाब से कांग्रेस किलेबंदी करने की तैयारी में है। जयपुर में ब्राह्मण, ग्रामीण में जाट या यादव, शेखावाटी में जाट को मैदान में उतारने की पूरी तैयारी हो रही है। कुछ नाराज मजबूत चेहरों को भी पार्टी में लाने की तैयारी है। हालांकि, इस पर अभी काम नहीं हो रहा है। सिर्फ पार्टी चुनाव जीतने के लिए पूरा फोकस कर रही है।