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Maharashtra: 'ये रिश्तों का नहीं, देश के भविष्य का चुनाव है', अजित पवार ने सुप्रिया सुले पर साधा निशाना

Sat, 27 Apr 2024 04:23 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: नितिन गौतम Updated Sat, 27 Apr 2024 04:23 PM IST
सार

सुनेत्रा पवार बारामती से तीन बार की सांसद सुप्रिया सुले के सामने चुनाव लड़ रही हैं। दोनों के बीच ननद-भाभी का रिश्ता है। 

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maharashtra ajit pawar said this lok sabha election are about future of country not relations
अजित पवार - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

एनसीपी नेता अजित पवार का कहना है कि लोकसभा चुनाव देश के भविष्य का चुनाव है, रिश्तों का नहीं। बारामती में अपनी पत्नी सुनेत्रा पवार के समर्थन में चुनाव प्रचार करते हुए अजित पवार ने ये बात कही। सुनेत्रा पवार बारामती से तीन बार की सांसद सुप्रिया सुले के सामने चुनाव लड़ रही हैं। दोनों के बीच ननद-भाभी का रिश्ता है। बारामती सीट पवार परिवार का गढ़ मानी जाती है। अब शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले को उनकी ही भाभी सुनेत्रा पवार चुनौती दे रही हैं। ऐसे में यहां लड़ाई बेहद रोचक हो गई है। 
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अजित पवार ने कही ये बातें
शनिवार को बारामती के अंबेगांव में एक जनसभा को संबोधित करते हुए अजित पवार ने कहा 'यह चुनाव एक गांव या रिश्तों के बारे में नहीं है। यह चुनाव देश का भविष्य तय करेगा। पवार ने लोगों से वादे करते हुए कहा, 'आप मुझे खाली जगह दिखाइए मैं आपको वहां स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स बनाकर दूंगा। रायगढ़ किले के लिए रोपवे के लिए भी फंड जारी किया जाएगा। वेखा तालुका के नाम को रायगढ़ करने की मांग भी पूरी की जाएगी। मैंने मराठा समुदाय के लिए कड़ी मेहनत की है।'
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सुप्रिया सुले पर साधा निशाना
अजित पवार ने सुप्रिया सुले पर निशाना साधते हुए कहा कि 'शांति से सोचिए कि बीते 15 वर्षों में क्या काम हुआ है और उसके बाद वोट दीजिएगा।' दरअसल बारामती सीट से सुप्रिया सुले साल 2009 से सांसद हैं। महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार ने कहा कि जो लोग घड़ी के चुनाव चिन्ह पर जीतते थे, वो नरेंद्र मोदी को गालियां देते थे, जबकि अब जो घड़ी के चुनाव चिन्ह पर जीतेंगे, वो पीएम मोदी का समर्थन करेंगे। एनसीपी बीते साल जुलाई में दो धड़ों में बंट गई थी। आठ बार के विधायक अजित पवार एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल हो गए थे। चुनाव आयोग ने अजित पवार धड़े को घड़ी चुनाव चिन्ह देने का आदेश दिया था, वहीं शरद पवार की पार्टी एनसीपी (एसपी) को तुरही बजाते व्यक्ति का चुनाव चिन्ह मिला था। 
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