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Interview: उद्धव और शरद के लिए पहला टेस्ट, राहुल गांधी और मराठा आरक्षण पर अशोक चव्हाण ने कही ये बात
Tue, 23 Apr 2024 06:04 AM IST
यशोधन शर्मा
सुरेंद्र मिश्रा
सुरेंद्र मिश्रा
Published by: यशोधन शर्मा
Updated Tue, 23 Apr 2024 06:04 AM IST
सार
पूर्व मुख्यमंत्री शंकरराव चव्हाण के पुत्र अशोक चव्हाण भाजपा के राज्यसभा सदस्य हैं। नांदेड़ सहित मराठवाड़ा के कई जिलों में चव्हाण परिवार का दशकों से दबदबा रहा है। चुनावी व्यस्तता के बीच चव्हाण ने सुरेन्द्र मिश्र से बातचीत के दौरान कई मुद्दों पर अपनी राय रखी।
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शरद पवार, उद्धव ठाकरे और अशोक चव्हाण
- फोटो : ANI
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विस्तार
राजनीतिक दलों के टूटने, नेताओं के पाला बदलने और नए गठबंधन बनने से महाराष्ट्र में लोकसभा का चुनाव रोचक हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण भी ऐन मौके पर कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हो गए। पूर्व मुख्यमंत्री शंकरराव चव्हाण के पुत्र अशोक चव्हाण भाजपा के राज्यसभा सदस्य हैं। नांदेड़ सहित मराठवाड़ा के कई जिलों में चव्हाण परिवार का दशकों से दबदबा रहा है। चुनावी व्यस्तता के बीच चव्हाण ने सुरेन्द्र मिश्र से बातचीत के दौरान कई मुद्दों पर अपनी राय रखी।
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सवाल : नांदेड़ में क्या माहौल है। आपके भाजपा में आने का क्या असर है?
जवाब : नांदेड़ में कोई परेशानी नहीं है। यहां के लोग मुझे चाहने वाले हैं। उनका एक ही वाक्य है, जहां तुम वहां हम। मेरे आने से भाजपा के सभी कार्यकर्ता खुश हैं। बड़ी संख्या में लोग भाजपा में शामिल हो रहे हैं। हमें विश्वास है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 400 पार का जो आंकड़ा है, उसमें नांदेड़ की भी सीट शामिल रहेगी।
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सवाल : क्या चुनाव में उद्धव ठाकरे और शरद पवार को जन सहानुभूति मिल सकती है
जवाब : देखिए ! उद्धव ठाकरे की शिवसेना और शरद पवार की एनसीपी दोफाड़ हो चुकी हैं। लोकसभा का चुनाव उन दोनों के लिए पहला टेस्ट है। दोनों तरफ से सहानुभूति पाने का प्रयास हो रहा है। अब तो चुनाव नतीजे ही बताएंगे कि जनता में इन दोनो के प्रति कितनी केतनी सहानुभूति है।
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सवाल: राहुल गांधी के बारे में आप क्या कहना चाहेंगे?
जवाब: राहुल गांधी ने जिसे (नाना पटोले) महाराष्ट्र कांग्रेस का प्रमुख बनाया है, उनमें नेतृत्व क्षमता नहीं है। वह कांग्रेस की परंपरागत सांगली, भिवंडी जैसी सीटें नहीं बचा पाए। महाराष्ट्र की 48 में से कांग्रेस को सिर्फ 17 सीटें मिली हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रदेश कांग्रेस का नेतृत्व कितना कमजोर है।
सवाल : मराठा आरक्षण को लेकर सरकार के खिलाफ रोष है। चुनाव में इसका कितना प्रभाव होगा?
जवाब : मराठा आरक्षण का असर 8 जिलों में है। अगर, हम इस मुद्दे पर लोगों को ठीक से समझा सकें, तो कोई दिक्कत नहीं आएगी क्योंकि यह राजनीतिक नहीं सामाजिक मुद्दा है। कुनबी मराठा होने के जिनके रिकॉर्ड मिले हैं, उन्हें ओबीसी का प्रमाणपत्र देने के साथ ही सामाजिक व शैक्षणिक रूप से पिछड़े मराठा समुदाय को 10 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। जहां तक रक्तसंबंधियों के आरक्षण का मामला है। इस पर आपत्तियां आई हैं। 4 जून के बाद यह मामला भी हल कर लिया जाएगा।