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Lok Sabha Elections : दिल्ली की सरदारी के लिए पंजाब में सजी सियासी बिसात, कौन तोड़ेगा 13 का तिलिस्म

Thu, 11 Apr 2024 05:58 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 11 Apr 2024 05:58 AM IST
सार

लोकसभा चुनाव का शंखनाद किसी भी समय हो सकता है। तमाम दावों-प्रतिदावों के बीच पंजाब की सारी सियासत अब 13 लोकसभा सीटों पर केंद्रित हो गई है। एक-दूसरे को पटखनी देने के लिए कई दांव-पेच अपनाए जा रहे हैं। 13 सीटों के तिलिस्म को तोड़ने के लिए सभी पार्टियों ने अपना पूरा दम लगा दिया है। 

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Lok Sabha Elections: Political chess set in Punjab for leadership of Delhi
इस बार कुछ अलग हैं सियासी समीकरण... - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सूबे में इस बार का लोकसभा चुनाव कई मायनों में अलग होने वाला है। आम आदमी पार्टी पहली बार पंजाब की सत्ता में रहते हुए चुनाव मैदान में उतर रही है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी और शिरोमणि अकाली दल भी गठबंधन तोड़ कर पहली बार अलग-अलग लड़ रहे हैं। शिरोमणि अकाली दल एवं बसपा में भी गठबंधन टूट गया है।

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सरदार प्रकाश सिंह बादल के बिना पहली बार चुनाव मैदान में उतर रहे शिअद ने चुनाव से ठीक पहले शिअद (संयुक्त) का विलय करवा इस बात के संकेत दिए हैं कि वह रूठों को साथ लेकर चलेगा। उधर, वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में तेरह में से आठ सीटें जीतने वाली कांग्रेस में भी कई चेहरे बदल गए हैं। खास बात यह है कि चंडीगढ़ और हरियाणा में जफ्फियां डाल रहीं कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पंजाब में एक-दूसरे के आमने- सामने होंगी, वो भी मुख्य प्रतिद्वंद्वी के रूप में। ऐसे में इस बार लोकसभा में पंजाब की सरदारी के लिए जंग रोचक होगी।
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आप: पहली बार प्रदेश की सत्ता में रहते लोकसभा चुनाव में उतरेगी 
पिछली बार आप को एक सीट मिली थी। संगरूर से भगवंत मान जीते थे, लेकिन मुख्यमंत्री बनने के बाद हुए उपचुनाव में पार्टी ने यह सीट गंवा दी। इस सीट से शिअद अमृतसर के सिमरनजीत सिंह मान जीत गए। बाद में जालंधर से कांग्रेस सांसद चौधरी संतोख सिंह के निधन के बाद हुए उपचुनाव में आप ने जालंधर सीट कांग्रेस से छीन ली। यहां से सुशील रिंकू सांसद बने, जो कांग्रेस से ही आप में आए थे। आप यूं तो दो बार (2014-2019) में चुनाव लोकसभा लड़ चुकी है, लेकिन ऐसा पहली बार है, जब वह पंजाब में अपनी सरकार रहते हुए लोकसभा चुनाव मैदान में उतर रही है। ऐसे में पार्टी सभी 13 सीटों पर जीत का दावा कर रही है।
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हम अब तक हुए चुनावों के मुकाबले सबसे अच्छा प्रदर्शन करेंगे। जनता 13-0 के साथ आप को समर्थन देने का मन बना चुकी है। शिअद और कांग्रेस के फ्रेंडली मैच से परेशान लोग इस बार बदलाव के मूड में हैं। शिअद और कांग्रेस परिवारवाद व भ्रष्टाचार के प्रतीक हैं, जबकि भाजपा पंजाब व किसान विरोधी पार्टी है। आप विकास के एजेंडे को लेकर चल रही है। यही हमें रिकॉर्ड जीत दिलाएगा।
-भगवंत मान, मुख्यमंत्री, पंजाब 

कांग्रेस: चंडीगढ़ व हरियाणा में जिससे गठबंधन, पंजाब में उससे सीधी टक्कर 
कांग्रेस ने 2019 में आठ सीटें जीतीं थीं। प्रदेश में अपनी सरकार होने का लाभ मिला था। इस बार स्थिति अलग है। कांग्रेस ने चार राज्यों में आप के साथ गठबंधन किया है, लेकिन पंजाब में आप उसकी मुख्य प्रतिद्वंद्वी है। पंजाब में कांग्रेस ने अकेले ही लड़ाई लड़ने का निर्णय लिया है। कांग्रेस में शुरू से ही गठबंधन का विरोध हो रहा था। कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग व नेता विपक्ष प्रताप बाजवा ने आलाकमान को स्पष्ट कर दिया था कि पंजाब में आप से गठबंधन करने से कैडर नाराज हो सकता है। इससे कांग्रेस का परंपरागत वोट बैंक खिसक सकता है। पार्टी के सामने अपना प्रदर्शन दोहराने की चुनौती है।


लोग भाजपा के दस साल के शासन से तंग आ चुके हैं। केंद्र लगातार पंजाब के साथ भेदभाव कर रहा है। किसानों पर जुल्म किए जा रहे हैं। किसान आंदोलन इसका सबूत है। शिअद इसमें बराबर का भागीदार है। कांग्रेस हमेशा किसानों के साथ खड़ी रही है। इस बार भी उनके साथ है। लोकसभा में कांग्रेस जितनी मजबूत होगी, किसानों की आवाज उतनी ही मजबूत होगी। आप के झूठे वादों की हकीकत भी सामने आ चुकी है।
-अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, प्रदेशअध्यक्ष, कांग्रेस

अभी किस सीट से कौन सांसद
सीट                      सांसद                     पार्टी
गुरदासपुर            सनी देओल             भाजपा
अमृतसर       गुरजीत सिंह औजला       कांग्रेस 
खडूर साहिब    जसबीर सिंह गिल         कांग्रेस
जालंधर         सुशील कुमार रिंकू          आप
होशियारपुर         सोम प्रकाश             भाजपा
आनंदपुर साहिब    मनीष तिवारी          कांग्रेस   
लुधियाना           रवनीत सिंह बिट्टू       कांग्रेस   
फतेहगढ़ साहिब    डा. अमर सिंह         कांग्रेस
फरीदकोट           मोहम्मद सादिक       कांग्रेस
फिरोजपुर          सुखबीर सिंह बादल     शिअद   
बठिंडा          हरसिमतर कौर बादल      शिअद
संगरूर          सिमरनजीत सिंह मान     शिअद (अ)
पटियाला             परणीत कौर              कांग्रेस

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