फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Election ›   Lok Sabha ›   Lok Sabha Elections Chaudhary Charan Singh lost his PM chair for ignoring Indira Gandhi

Flash Back: इंदिरा गांधी की अनदेखी करने पर चली गई थी चौधरी चरण सिंह की कुर्सी

Fri, 22 Mar 2024 06:54 AM IST
गुलाम अहमद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गुलाम अहमद Updated Fri, 22 Mar 2024 06:54 AM IST
सार

चरण सिंह बीजू पटनायक को देखने आरएमएल अस्पताल जा रहे थे। वहां से लौटते हुए उन्हें इंदिरा के आवास पर रुकना था, लेकिन इसी बीच किसी ने उन्हें सलाह दी कि अब आप प्रधानमंत्री हैं और इंदिरा के घर न जाएं।  

विज्ञापन
Lok Sabha Elections Chaudhary Charan Singh lost his PM chair for ignoring Indira Gandhi
Chaudhary Charan Singh With Indira Gandhi - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

दिसंबर, 1977। पद के दुरुपयोग का आरोप लगाकर जनता सरकार ने इंदिरा गांधी की लोकसभा सदस्यता छीन ली। पूर्व पीएम को तिहाड़ जेल भेज दिया गया था। जेल से ही इंदिरा ने 23 दिसंबर को चौधरी चरण सिंह को जन्मदिन पर फूलों का गुलदस्ता भिजवाया। सप्ताह भर में इंदिरा रिहा हो गईं और चरण सिंह ने उन्हें घर पर आमंत्रित किया। इंदिरा पहुंचीं तो उनका गर्मजोशी से स्वागत हुआ।

विज्ञापन


चरण सिंह मोरारजी देसाई को संदेश देना चाह रहे थे कि जरूरत पड़ने पर वह इंदिरा का साथ लेने से गुरेज नहीं करेंगे। वहीं, इंदिरा भी जताना चाह रही थीं कि जनता पार्टी के असंतुष्ट नेताओं के साथ मिलकर उनके सामने समस्या खड़ी कर सकती हैं। खैर, इस मुलाकात का परिणाम जल्द देखने को मिला। मोरारजी देसाई का प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा हुआ और चरण सिंह बने नए प्रधानमंत्री। शपथग्रहण के बाद चरण सिंह ने इंदिरा को फोन कर कहा, वह आभार प्रकट करने उनके निवास पर आएंगे। जल्द ही वह दिन भी आया जब चरण सिंह के इंदिरा के घर जाने की योजना बनी।
विज्ञापन


चरण सिंह बीजू पटनायक को देखने आरएमएल अस्पताल जा रहे थे। वहां से लौटते हुए उन्हें इंदिरा के आवास पर रुकना था, लेकिन इसी बीच किसी ने उन्हें सलाह दी कि अब आप प्रधानमंत्री हैं और इंदिरा के घर न जाएं। बस फिर क्या था, इंदिरा हाथ में गुलदस्ता लिए चरण सिंह का इंतजार करती रहीं और उनकी आंखों के सामने से चरण सिंह का काफिला गुजर गया। यह इंदिरा को बेहद नागवार गुजरा। गुलदस्ता जमीन पर फेंकते हुए तमतमाई इंदिरा अपने घर के अंदर चली गईं। बाद में चरण सिंह को यह बात पता चली, उन्होंने भूल-सुधार की कोशिश भी की, पर तब तक बहुत देर हो चुकी थी। चरण सिंह के पीएम बनने के तीन सप्ताह बाद ही इंदिरा ने उनकी सरकार से समर्थन वापस ले लिया।  

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed