लोकसभा चुनाव 2024: BRS ने मैदान में उतारे चार प्रत्याशी, जानिए तेलंगाना की संसदीय सीटों पर उम्मीदवार कौन?
लोकसभा चुनाव 2024 के लिए प्रत्याशियों की सूची आने का सिलसिला जारी है। भारत राष्ट्र समिति (BRS) ने चार प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है। तेलंगाना की संसदीय सीटों पर उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की गई है। सियासी जगत की प्रमुख सुर्खियों पर एक नजर
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अरुणाचल में कांग्रेस विधायक लोंबो तायेंग भाजपा में शामिल
अरुणाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस विधायक दल के नेता लोंबो तायेंग सोमवार को भाजपा में शामिल हो गए। 2019 में 60 सदस्यीय अरुणाचल विधानसभा में कांग्रेस के चार विधायक थे, लेकिन तायेंग और पिछले हफ्ते निनोंग एरिंग और वांगलिंग लोवांगडोंग के पाला बदलने के बाद अब यहां कांग्रेस के पास एक विधायक पूर्व सीएम नबाम टुकी ही हैं।
बीजद विधायक प्रेमानंद नायक और धामनगर से बीजेडी के पूर्व विधायक राजेंद्र दास और भद्रक से पूर्व कांग्रेस विधायक नरेन पालेई भाजपा में शामिल हो गए। ओडिशा में लोकसभा व विस चुनाव एक साथ होने वाले हैं। वे पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष समीर मोहंती और अन्य वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में भाजपा में शामिल हो गए। नायक क्योंझर जिले के तेलकोई से विधायक हैं और राज्य सरकार में मंत्री रहे हैं।
भाजपा आगामी लोकसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की दूसरी सूची को बुधवार को अंतिम रूप दे सकती है। भाजपा संसदीय बोर्ड सदस्य और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने सोमवार को यह बात कही। येदियुरप्पा ने बताया कि वह बुधवार को दिल्ली जा रहे हैं। उसी दिन वहां होने वाली बैठक में कर्नाटक के प्रत्याशियों के नामों के साथ दूसरी सूची को अंतिम रूप दिया जा सकता है।
केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर ने सोमवार को गृह मंत्री अमित शाह के बयान को दोहराते हुए कहा कि दिसंबर 2019 में संसद की ओर से पारित नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) लोकसभा चुनाव से पहले लागू कर दिया जाएगा। ठाकुर ने कहा, उन्होंने हमें समझाया है कि यह बहुत जरूरी सांविधानिक घटना है और इसे लागू करना जरूरी है। हमें सीमा पार से आने वाले लोगों को शरण देनी है और उन्हें बसाना भी है। इसका कोई भी प्रावधान मौजूदा नागरिकों की नागरिकता नहीं छीनेगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा, सीएए को इस तरह लागू किया जाएगा कि इसमें राज्य सरकारों की कोई भूमिका नहीं होगी। उन्हें देश में अशांति का माहौल पैदा करने का कोई मौका नहीं मिलेगा। इससे पहले इस साल फरवरी में अमित शाह ने कहा था कि सीएए को आगामी लोकसभा चुनाव से पहले अधिसूचित और लागू किया जाएगा। सीएए को लागू करने में कोई बाधा नहीं है। लोकसभा चुनाव से पहले कानून को लागू कर दिया जाएगा।
कांग्रेस का लोकसभा चुनाव को लेकर घोषणापत्र पार्टी की स्वीकार्यता के साथ जनता के प्रति जवाबदेही भी तय करेगा। इस बार कांग्रेस ने जनता के प्रति जवाबदेही को आधार बनाकर किसान, नारी, युवा, रोजगार, महंगाई पर ध्यान केंद्रित किया है। कांग्रेस ने 2024 के चुनावों के मद्देनजर कांग्रेस का घोषणापत्र उसी का विस्तारित रूप होगा। सोमवार को दिल्ली में कांग्रेस दफ्तर में पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम की अगुवाई में घोषणापत्र समिति की बैठक हुई। सूत्रों के मुताबिक घोषणापत्र को लेकर पार्टी का मसौदा काफी हद तक तैयार हो चुका है। हालांकि इस पर अभी एक दौर की बैठक और मंथन होना है। समिति मंगलवार को दोबारा बैठेगी और मसौदे को अंतिम रूप दिया जाएगा।