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LS Polls: भाजपा और टिकट काटती तो बदल सकती थी तस्वीर; कई दिग्गज मंत्री भी नहीं बचा सके सीट

Fri, 07 Jun 2024 06:23 AM IST
शिव शरण शुक्ला हिमांशु मिश्र
हिमांशु मिश्र Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Fri, 07 Jun 2024 06:23 AM IST
सार

पुराने सांसदों की जगह नए चेहरे को मौका देकर जनता की नाराजगी दूर करने की भाजपा की रणनीति नौ राज्यों में 100 फीसदी कामयाब रही। पार्टी ने दिल्ली, असम, त्रिपुरा, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़ व तेलंगाना में जिन 41 सीटों पर सांसदों को बेटिकट किया, उनमें सभी सीटों पर जीती।

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If BJP had canceled tickets for more number of old MPs in Lok Sabha elections, it could have got majority
लोकसभा का रण।

विस्तार

भाजपा अगर अधिक संख्या में सांसदों का टिकट काटती तो लगातार तीसरी बार बहुमत का आंकड़ा पार कर सकती थी। पार्टी ने जिन सीटों पर सांसदों का टिकट काटा वहां जीत की दर 73.48 फीसदी रही। वहीं, जहां पुराने चेहरों को दोहराया वहां जीत की दर 66 फीसदी रही। पुरानी जीती सीटों में पार्टी ने जिन 92 सीटों को गंवाया, उनमें 80 फीसदी पुराने चेहरे पर भरोसा जताया गया था। हारने वालों में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, अजय मिश्र टेनी, आरके सिंह, राजीव चंद्रशेखर और अर्जुन मुंडा जैसे दिग्गज शमिल हैं।

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चुनाव में भाजपा ने 132 (43%) सांसदों का टिकट काटा था। इनमें से 97 सीटों पर पार्टी फिर से जीती। वहीं, पार्टी ने जिन 168 जीती सीटों पर सांसदों पर फिर से भरोसा जताया, उनमें महज 66% (111) ही जीते।
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नौ राज्यों में 100% सफल रही रणनीति
पुराने सांसदों की जगह नए चेहरे को मौका देकर जनता की नाराजगी दूर करने की भाजपा की रणनीति नौ राज्यों में 100 फीसदी कामयाब रही। पार्टी ने दिल्ली, असम, त्रिपुरा, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़ व तेलंगाना में जिन 41 सीटों पर सांसदों को बेटिकट किया, उनमें सभी सीटों पर जीती।
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कुछ राज्यों में मिलाजुला असर
टिकट काट कर जीत की रणनीति का कुछ राज्यों में मिलाजुला प्रभाव रहा। मसलन पार्टी को पंजाब, चंडीगढ़, लद्दाख, मणिपुर की सभी छह सीटें गंवानी पड़ीं। इसके अलावा हरियाणा में ऐसी छह में से महज दो, बिहार में तीन में से एक, राजस्थान में 14 में से आठ, पश्चिम बंगाल में तीन में से एक, झारखंड में पांच में से तीन, महाराष्ट्र में आठ में से चार में ही जीत हासिल हुई।


ट्रैक रिकॉर्ड में आई गिरावट
बीते दो चुनाव की तुलना में टिकट काटने पर जीत की दर में इस बार बड़ी गिरावट आई। मसलन 2014 में ऐसी सीटों पर जीत का स्ट्राइक रेट 92.50 फीसदी, 2019 में 91.2 फीसदी रहा था।  इस बार यह घटकर 73.48 फीसदी रह गया।

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