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Ground Report: कांग्रेस की गेनीबेन या BJP की रेखाबेन; जीते कोई भी...बनासकांठा को 62 साल बाद मिलेगी महिला सांसद

Thu, 02 May 2024 06:42 AM IST
शिव शरण शुक्ला उपमिता वाजपेयी
उपमिता वाजपेयी Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Thu, 02 May 2024 06:42 AM IST
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सार
पाकिस्तान सीमा से बमुश्किल 30 किमी दूर। गुजरात की वह लोकसभा सीट जहां रण में आमने-सामने दो महिलाएं हैं। कांग्रेस की गेनीबेन ठाकोर और भाजपा की रेखाबेन चौधरी। 1962 के बाद पहली बार किसी महिला को बनासकांठा सीट से संसद जाने का मौका मिलेगा। 1962 में जोहराबेन चावड़ा कांग्रेस के टिकट पर सांसद चुनी गईं थीं।
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Ground Report Banaskantha Lok Sabha Elections 2024 Congress BJP
ग्राउंड रिपोर्ट। - फोटो : amar ujala

विस्तार

गुजरात का सबसे बड़ा जिला बनासकांठा। यहां से कांग्रेस प्रत्याशी गेनीबेन गुजरात की ऐसी महिला प्रत्याशी हैं जिनकी सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है। वे ऐसी प्रत्याशी हैं जो लोगों से पैसे इकट्ठा कर चुनाव लड़ रही हैं। उन्हें पैसे देने वाले गरीब या मध्यवर्ग के लोग हैं। गेनीबेन कहती हैं, मायके से पिता और भाई लौटते वक्त जैसे शगुन देते हैं, वैसे ही ये लोग मेरे हाथ में पैसे धर देते हैं। वह गांवों में जाती हैं, तो लोग बेटी-बहू समझकर मुट्ठी में 10, 20, 50 या 100 रुपये का नोट रख देते हैं। अब तक ऐसी ही छोटी-छोटी मदद से वो 2-3 लाख रुपये जुटा चुकी हैं। खाने-पीने से लेकर सभा और रैली तक चुनाव का सारा खर्च गांववाले ही उठा रहे हैं। खुद उन्होंने अभी तक एक पैसा खर्च नहीं किया है। वह कहती हैं, मेरी गाड़ी में तो डीजल भी लोग डलवा देते हैं। जब मुझे टिकट देने की बात हुई, तो मैंने बोला था कि अभी दो साल पहले ही विधानसभा चुनाव लड़ा है, तो सांसद का चुनाव कैसे लडूंगी। तभी लोगों ने मुझे भरोसा दिलाया था कि तुम बस लड़ो, बाकी चिंता मत करो।



गेनीबेन का दावा है गुजरात में कांग्रेस कम से कम 7 सीटें जीतेगी। वह कहती हैं, मुझे चुनाव का अनुभव है। दो बार की विधायक हूं। अपने बूते जीती हुई। ऐसा कोई गांव, कोई तहसील नहीं, जहां लोग मुझे नहीं जानते हों। जबकि भाजपा प्रत्याशी रेखाबेन ने कभी स्थानीय निकाय चुनाव भी नहीं लड़ा। उनके पास संसाधन हैं, सुविधाएं हैं। गेनीबेन और रेखाबेन के बीच मुकाबला आम परिवार की ग्रेजुएट और बनास डेरी के संस्थापक की बेटी व गणित की प्रोफेसर के बीच है। एक हिंदी और गुजराती जानती है, तो दूसरी अंग्रेजी की भी माहिर।


कुछ साल पहले गेनीबेन का ससुराल में घूंघट में दिया भाषण काफी वायरल हुआ था। वह कहती हैं, यह हमारी परंपरा है। हम महिलाओं को ससुराल जाकर घूंघट करना पड़ता है। गेनीबेन अपने भाषण में बनासकांठा के शक्तिपीठ अंबाजी को बार-बार याद करती हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में कृष्ण कन्हैया को याद कर वह भाषण देते वक्त रो पड़ी थीं। उन्होंने कान्हा से वादा किया था कि चुनाव जीत गईं तो भाभर से 500 किमी दूर द्वारका पैदल जाऊंगी। मन्नत पूरी हुई है और अब जल्दी ही वहां जाने भी वाली हैं।

पिछले हफ्ते गेनीबेन ट्रैक्टर पर चढ़कर लोकसभा का परचा भरने गई थीं। कहती हैं, मैं किसान की बेटी हूं और ट्रैक्टर पर बैठकर उन्हीं के लिए संदेश देना चाहती हूं। मैं किसानों के कर्ज उनकी दिक्कतों के लिए लडूंगी।

बनासकांठा लोकसभा क्षेत्र में 7 विधानसभा सीटें आती हैं। इनमें से 4 भाजपा के पास हैं, दो पर कांग्रेस और एक पर निर्दलीय उम्मीदवार की जीत हुई थी। लोकसभा सीट पर 20 लाख वोटर हैं। इनमें से सबसे ज्यादा 8 लाख ठाकोर वोटर हैं और उसके आधे ओबीसी। रेखा चौधरी इसी ओबीसी वर्ग से हैं, जबकि गेनीबेन ठाकोर हैं।

दुष्कर्मियों को जिंदा जलाने जैसे बयानों से चर्चित गेनीबेन
2014 में गुजरात में एक बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद यही गेनीबेन थीं, जिन्होंने विधानसभा में बयान दिया था कि दुष्कर्मियों को जिंदा जला देना चाहिए। वहीं, जब बनासकांठा की पंचायतों ने लव मैरिज और लड़कियों के लिए मोबाइल फोन के उपयोग पर पाबंदी को लेकर फरमान जारी किया था, तो गेनीबेन ने उनका समर्थन किया था। वह कहती हैं, लव मैरिज कम उम्र की बच्चियों को फंसाने के लिए हो रहा है। जो अपराधी हैं और जिन्हें कहीं लड़की नहीं मिलती, वे प्रेम विवाह के नाम पर मासूम लड़कियों को फंसा लेते हैं।

खुद को पीएम मोदी का उम्मीदवार बता रहीं रेखाबेन
रेखाबेन चौधरी सीधे मीडिया से बात नहीं करतीं। हालांकि अपनी चुनावी रैली में यह दावा जरूर करती हैं कि वह राम मंदिर बनवाने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उम्मीदवार हैं और गेनीबेन राहुल गांधी की। रेखाबेन का यह भी कहना है कि कांग्रेस बनासकांठा में जाति के आधार पर चुनाव लड़ रही है।

पिछले दो चुनावों का हाल
2019 में भाजपा ने परबतभाई पटेल को उतारा था। वहीं कांग्रेस ने पार्थीभाई भाटोल को यहां से टिकट दिया था। भाजपा के परबतभाई पटेल को तब 61.53 फीसदी मत मिले थे। वहीं, कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में 28.16 प्रतिशत मत पड़े थे। वही, बात अगर 2014 की करें तो तब बनासकांठा से भाजपा के हरिभाई चौधरी को 57.23 प्रतिशत वहीं, कांग्रेस के पटेल जोइताभाई को 34.43 प्रतिशत मत मिले थे। 

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