Ground Report Amroha : दोराहे पर मुस्लिम मतदाता, मनोविज्ञान को समझना सियासी दलों के लिए सबसे बड़ी चुनौती
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विस्तार
सुबह के करीब 10 बजे हम अमरोहा संसदीय क्षेत्र के गढ़ मुक्तेश्वर विधानसभा क्षेत्र में पहुंचे। यहां के सिखेड़ा गांव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जनसभा कर चुके हैं। हम ततारपुर चौराहे पर पहुंचे तो अशफाक से मुलाकात हुई। चुनावी चर्चा पर वह बोले- सब योगी-मोदी की माया है। कैसे? इस सवाल पर बोले, मुसलमानों को बांटने की साजिश चल रही है। उनका सीधा इशारा बसपा से उतरे डाॅ. मुजाहिद हुसैन की ओर था। आगे बोले, यह सही है कि सांसद के तौर पर दानिश अली ने इस इलाके पर ध्यान नहीं दिया। यह भी सच है कि रोजगार के नाम पर यहां कुछ नहीं है। गांवों का विकास नहीं हुआ, लेकिन हम उसे ही वोट देंगे, जो भाजपा को हराएगा।
- चौराहे के बगल में बीज की दुकान पर मिले हरीश सैनी चुनावी माहौल पर कहते हैं, भाजपा की लहर चल रही है। दानिश के साथ न तो सपाई हैं और न ही कांग्रेसी। वह इशारे में समझाते हैं कि जो दोनों दलों से पहले से दावेदार थे, वे सब घर बैठ गए हैं। उनकी हां में हां मिलाते हुए प्रमोद चौधरी तर्क देते हैं, यहां जो एक बार जीतता है, उसे दोबारा मौका नहीं मिलता। बगल की दुकान से जीशान हंसते हुए कहते हैं, दानिश ने भी इसी हिसाब से टोटका किया है। वह दोबारा बसपा से नहीं, बल्कि सपा-कांग्रेस गठबंधन से उतरे हैं। रही काम की बात, तो अब काम-काज कौन देखता है? सब जाति, धर्म के हिसाब से चलते हैं।
हम नौगांवा सादात विधानसभा क्षेत्र के खालकपुर खुर्द पहुंचे। इस क्षेत्र में जाट और दलित आबादी ज्यादा है। जाट बिरादरी के नरेंद्र सिंह कहते हैं, किसान परेशान तो बहुत हैं। छुट्टा जानवरों ने जीना दूभर कर दिया है। पर, वोट तो भाजपा को ही जाएगा। ऐसा क्यों? इस सवाल पर वह चुप हो जाते हैं। पास में ही फसल की कटाई करने के बाद पेड़ के नीचे आराम कर रही महिलाएं कहती हैं, अनाज तो मिल रहा है, लेकिन हम लोग बहन मायावती के साथ हैं। पर, उम्मीदवार कौन है, वे नहीं जानतीं। वे कहती हैं, हम तो हाथी को जानते हैं।
- अमरोहा सदर विधानसभा क्षेत्र के लक्ष्मणबाड़ी गांव में खेत में काम करते मिले राजेश सैनी बताते हैं, मेरे गांव में ही नहीं, बल्कि कल्याणपुरा और हमीदपुर में भी सैनी परिवार भाजपा के साथ हैं। वहीं, गुलेड़िया गांव के सचिन जाटव कहते हैं, हमारी बिरादरी का वोट तो कांग्रेस और बसपा में बंट रहा है।
ध्रुवीकरण का रंग हो रहा चटख
सदर विधानसभा क्षेत्र के कल्याणपुर जोया के पूर्व प्रधान संजीव सैनी कहते हैं, योगी-मोदी ने आवास, शौचालाय, अनाज, आयुष्मान योजना सहित ढेर सारी सुविधाएं दी हैं। इतना जरूर है कि भीषण गर्मी में मतदाताओं को बूथ तक ले जाना चुनौती है। उनके बगल में खड़े नेतराम सैनी कहते हैं, हम वोट तो भाजपा को देंगे। पर, यह भी कहना नहीं भूलते कि सांसद बनने के बाद कोई क्षेत्र में नहीं आता है। बुजुर्ग हरीराम सैनी कहते हैं, आसपास के गांवों के मुसलमान दानिश के पक्ष में लामबंद हैं। इसलिए सैनी बिरादरी खुलकर फूल के साथ है।
उम्मीदवारों को लेकर खूब चर्चा
आरटीओ कार्यालय के बगल में बावनखेड़ी मोहल्ला है। इसी मोहल्ले में रहने वाले विजय बहादुर सैनी दिल्ली से कम्प्यूटर साइंस से बीटेक कर रहे हैं। वह कहते हैं, भाजपा के काम अच्छे हैं, लेकिन सरकारी नौकरी खत्म हो रही है। अग्निवीर जैसी योजना और संविदा से पदों को भरा जाना, युवाओं के लिए कई तरह के संकट लेकर आएगा। पंकज और संतोष सैनी भी हां में हां मिलाते हैं। हालांकि वे कहते हैं, भाजपा का मजबूत विकल्प नहीं है। विपक्ष के दोनों दलों के उम्मीदवारों की जनता में पकड़ कमजोर है।
मुद्दों पर बंटे हैं मतदाता
नगर पालिका चौराहे पर मिले व्यापारी शंकर कहते हैं, हम तो सुरक्षा के मुद्दे पर भाजपा के साथ हैं। यहीं के हृदय सैनी, कालिंदर सिंह और गोविंद सिंह महंगाई के मुद्दे पर भाजपा का विरोध करते हैं। पर, वे यह भी जोड़ते हैं, इस सबके बाद भी वोट भाजपा को ही देंगे। हरिओम कहते हैं, अभी आयुष्मान कार्ड से पत्नी का इलाज कराए हैं। वह सरकार की कई योजनाएं गिना ले जाते हैं। वहीं, मोबाइल शाॅप चलाने वाले जियाउद्दीन कहते हैं, अमरोहा में रोजगार का कोई साधन नहीं है। कताई मिल खत्म हो गई। बुनकरों का काम खत्म हो गया। सहकारी चीनी मिल बंद हो चुकी है। वह कहते हैं, हम दानिश के साथ हैं। यदि भाजपा को हाथी हराता दिखा, तो उसके साथ हो लेंगे।
विदेशी कंपनियां प्रदूषण बढ़ा रहीं, रोजगार नहीं देतीं
गजरौला में कई कंपनियां हैं। यहां के किराना कारोबारी राकेश सिंह कहते हैं, कंपनियों के प्रदूषण के कारण सुबह के वक्त आंखों में मिर्ची जैसा लगता है। उनकी बात को आगे बढ़ाते हुए संदीप और हिसामुद्दीन कहते हैं, विदेशी कंपनियां यहां बढ़ रही हैं, जो स्थानीय लोगों को रोजगार नही देती हैं। पर, इस मुद्दे को कोई भी पार्टी नहीं उठा रही है।
आम एक्सपोर्ट केंद्र की दरकार
अमरोहा को आम उत्पादक जिले के रूप में भी पहचाना जाता है। हाजी मशरूख और रफीक बताते हैं कि यहां लंगड़ा, चौसा का उत्पादन होता है। पर, एक्सपोर्ट को लेकर कोई सुविधा नहीं है। एक्सपोर्ट केंद्र की कई बार मांग की गई, लेकिन नतीजा सिफर रहा।
हसनपुर में त्रिकोणीय लड़ाई
हसनपुर विधानसभा क्षेत्र के बस स्टैंड के पास मिले अतुल कुमार अग्रवाल कहते हैं, रालोद के साथ आने का भाजपा को फायदा हुआ है। पार्टी के उम्मीदवार ने कोविड काल के दौरान समाजसेवा की है, इसका भी फायदा मिलेगा।
- नवाब सैफी कहते हैं, बसपा ने दानिश अली को सांसद बनाया, लेकिन उन्होंने धोखा दिया। कोई गिनाने लायक काम भी नहीं किया। इसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ेगा। हाजी मशरूख कहते हैं कि यहां के मुसलमान बसपा के साथ पहले भी थे और आगे भी रहेंगे। व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष अंकुर अग्रवाल कहते हैं, योगी-मोदी सरकार में व्यापारियों को सुरक्षा मिली है। सचिन गुप्ता महिलाओं की सुरक्षा का जिक्र करते हैं।
ये हैं समर के योद्धा
- कंवर सिंह तंवर : भाजपा से 2014 में सांसद बने थे। बेटा जिला पंचायत अध्यक्ष है। गुर्जर बिरादरी के हैं। गुर्जर, जाट, सैनी सहित अन्य जातियों को लामबंद करने में जुटे हैं।
- कुंवर दानिश अली : बसपा से सांसद बने। अब कांग्रेस में आ गए हैं। अपने कार्यकाल में किए गए कार्यों का सहारा। सपा और कांग्रेस के परंपरागत वोटबैंक के साथ ही मुस्लिमों को साधने में जुटे हैं।
- डाॅ. मुजाहिद हुसैन : बसपा के परंपरागत वोटबैंक और मुसलमान वोटों का सहारा। दानिश से नाराज लोगों को भी गोलबंद करने में जुटे हैं।