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Lok sabha Elections 2024: कांग्रेस ने सांसद दीपक बैज का काटा टिकट, बस्तर के लिए कवासी लखमा पर जताया भरोसा

Sun, 24 Mar 2024 06:27 AM IST
दुष्यंत शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बस्तर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बस्तर Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 24 Mar 2024 06:27 AM IST
सार

लोकसभा चुनाव को देखते हुए बीजेपी ने बस्तर से जहां बहुत पहले ही अपने प्रत्याशी महेश कश्यप के नाम पर मुहर लगा दी थी। वहीं कांग्रेस ने काफी मंथन के बाद आखिरकार वर्तमान सांसद दीपक बैज पर भरोसा न करते हुए कोंटा में 6 बार के विधायक रह चुके कवासी लखमा पर अपना भरोसा जताया है।

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Congress cuts ticket of former MP, Kawasi Lakhma in the fray from Bastar
लखमा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लोकसभा चुनाव को देखते हुए बीजेपी ने बस्तर से जहां बहुत पहले ही अपने प्रत्याशी महेश कश्यप के नाम पर मुहर लगा दी थी। वहीं कांग्रेस ने काफी मंथन के बाद आखिरकार वर्तमान सांसद दीपक बैज पर भरोसा न करते हुए कोंटा में 6 बार के विधायक रह चुके कवासी लखमा पर अपना भरोसा जताया है। उन्हें लोकसभा प्रत्याशी घोषित किया है। एक ओर जहां महेश कश्यप है। वही लोगों के बीच अपने बातों के जादू से सबके बीच काफी लोकप्रिय कवासी लखमा हैं। अपने जादुई अंदाज और विवादित बातों के लिए जाने -पहचाने जाते हैं। 
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कोंटा सीट कांग्रेस का मजूबत किला
कांग्रेस में इस महत्वपूर्ण सीट को लेकर कई दिनों से अपने प्रत्याशी को लेकर काफी मंथन चल रहा था। इस लिस्ट में बस्तर से कई नामों की चर्चा भी की गई, लेकिन लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की चौथी लिस्ट जारी करते हुए कवासी लखमा पर भरोसा जताया गया। कवासी लखमा बस्तर लोकसभा क्षेत्र के नक्सल प्रभावित क्षेत्र कोंटा से 6 बार के विधायक हैं। वे भूपेश बघेल सरकार में आबकारी और उद्योग मंत्री रह चुके हैं। कांग्रेस ने प्रदेश अध्यक्ष और सांसद दीपक बैज का टिकट काटते हुए लखमा को प्रत्याशी बनाया है।बस्तर संभाग की कोंटा विधानसभा सीट कांग्रेस का मजूबत किला है। यह कांग्रेस का अभेद किला माना जाता है। यहां से पूर्व की भूपेश सरकार में कवासी लखमा उद्योग और आबकारी मंत्री रह चुके हैं। वह लगातार पांच बार इस सीट से जीत का परचम लहरा चुके हैं। कवासी लखमा छत्तीसगढ़ में अपने अलग अंदाज और विवादित बयानों के लिए भी जाने जाते हैं। उन्हें एक प्रकार से छत्तीसगढ़ का लालू प्रसाद यादव भी कहते हैं।
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लखमा का राजनीतिक सफर
  • लखमा का जन्म वर्ष 1953 में माड़िया जाति के सुकमा जिले के नागरास गांव में हुआ था
  • उनकी पत्नी का नाम कवासी बुधरी है। उनके दो बेटे और दो बेटियां हैं। एक बेटा युवा नेता है
  • लखमा ने वार्ड पंच से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की
  • वर्ष 1995-96 में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी सुकमा के अध्यक्ष रहे
  • साल 1998 में पहली बार कोंटा विधानसभा से विधायक चुने गये
  • इसके बाद 2003, 2008, 2013, 2018, 2023 में विधायक बने
  • वे भूपेश बघेल सरकार में आबकारी और उद्योग मंत्री रह चुके हैं
  • कोंटा से लगातार 6 बार के विधायक हैं
  • साल 2000 याचिका समिति प्रत्यायुक्त विधान समिति छत्तीसगढ़ विधानसभा के सदस्य बने
  • साल 2002 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस आदिवासी प्रकोष्ठ दंतेवाड़ा जिला अध्यक्ष रहे
  • जिला सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक जगदलपुर के अध्यक्ष रहे
  • वर्ष 2004 में सरकारी उपक्रम संबंधी समिति, याचिका समिति छत्तीसगढ़ विधानसभा के सदस्य रहे 


अब चार सीटों पर फैसला बाकी
कांग्रेस ने अब तक छत्तीसगढ़ की 11 में से 7 सीटों पर अपने प्रत्याशियों के नाम का एलान कर दिया है। अब चार सीटों पर घोषणा बाकी है। इसमें बिलासपुर, रायगढ़, सरगुजा और कांकेर सीट से पर प्रत्याशियों के नाम का एलान नहीं हुआ है। लोकसभा चुनाव के  तहत पहले चरण में 19 अप्रैल को बस्तर में मतदान होना है।   
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