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LokSabha Polls: नृपेन्द्र मिश्र के बेटे साकेत श्रावस्ती से लड़ेंगे चुनाव, बृभूषण शरण पर अभी सस्पेंस बरकरार

Sat, 02 Mar 2024 10:38 PM IST
Shashidhar Pathak शशिधर पाठक
Updated Sat, 02 Mar 2024 10:38 PM IST
सार

भाजपा पिछले चुनाव में श्रावस्ती और अंबेडकर नगर की सीट से चुनाव हार गई थी। इसी तरह से ओमकुमार को नगीना से उम्मीदवार बनाया है। जौनपुर से पूर्व कांग्रेसी कृपाशंकर सिंह पर भरोसा जताया है। कृपाशंकर सिंह महाराष्ट्र में गृहराज्यमंत्री रह चुके हैं।

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BJP gave ticket to Nripendra Mishra's son Saket from Shravasti for Lok Sabha elections
साकेत मिश्र - फोटो : amar ujala

विस्तार

भाजपा ने लोकसभा 2024 के लिए 195 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। उ.प्र. के 51 प्रत्याशियों की घोषणा हुई है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण है कि केन्द्र सरकार में मंत्री और खीरी से सांसद अजय मिश्र टेनी और मंत्री मोहनलाल गंज से सांसद कौशल किशोर का टिकट उनकी ही सीट से बरकरार रखा गया है। भाजपा ने हारी हुई 04 सीटों पर चार नए प्रत्याशी उतारे हैं। इस क्रम में बसपा से आए रितेश पांडे को अंबेडकरनगर से उतारा गया है। रितेश पिछली लोकसभा का चुनाव भी यहीं से जीते थे। प्रधानमंत्री के पूर्व प्रधान सचिव और राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष नृपेन्द्र मिश्र के बेटे साकेत मिश्र को श्रावस्ती से उतारा गया है।

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भाजपा पिछले चुनाव में श्रावस्ती और अंबेडकर नगर की सीट से चुनाव हार गई थी। इसी तरह से ओमकुमार को नगीना से उम्मीदवार बनाया है। जौनपुर से पूर्व कांग्रेसी कृपाशंकर सिंह पर भरोसा जताया है। कृपाशंकर सिंह महाराष्ट्र में गृहराज्यमंत्री रह चुके हैं। वह उत्तर भारतीयों के नेता के रूप में भी अपनी पहचान रखते हैं। कांग्रेस को छोड़कर वह भाजपा में आ गए थे। जौनपुर में वह बदलापुर तहसील के रहने वाले हैं। भाजपा 2019 में जौनपुर और श्रावस्ती की सीट से भी चुनाव हार गई थी।
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45 पुराने लोग भी रखेंगे 2024 में भाजपा की लाज, दबाव में नहीं आई भाजपा
पार्टी ने अपने 45 पुराने (2019 में जीतकर आए) सांसदों, मंत्रियों पर भरोसा जताया है। इसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, महिला एवं बाल विकास विकास मंत्री स्मृति ईरानी, लल्लू सिंह संजीव कुमार बालियान, अपने बयानों के लिए चर्चित साक्षी महाराज जैसे नेता है। गोरखपुर के सांसद और फिल्म अभिनेता रवि किशन, आजमगढ़ के सांसद दिनेश यादव उर्फ निरहुआ भी ्पनी सीट से ही चुनाव लड़ेंगे। सबसे दिलचस्प है कि किसानों की मांग और दबाव को ठुकराते हुए भाजपा ने खीरी से अजय मिश्रा उर्फ टेनी पर भरोसा जताया है। अपने बेटे के कारनामों के कारण चर्चा में आए मोहन लाल गंज के सांसद और केन्द्र सरकार में मंत्री कौशल किशोर को टिकट देने में भी परहेज नहीं किया है। ऐसे में देखना होगा कि भाजपा लगातार अपनी संसदीय सीट पर परचम लहराने वाले बृजभूषण शरण सिंह पर क्या निर्णय लेती है। बृजभूषण शरण सिंह पर महिला पहलवानों ने यौन उत्पीडऩ समेत कई गंभीर आरोप लगाए हैं।  
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भाजपा ने राजनीतिक पंडितों के अनुमान को किया ध्वस्त
उ.प्र. से 51 प्रत्याशियों की सूची बहुत कुछ कह रही है। भाजपा ने इसमें कोई बड़ा प्रयोग नहीं किया। मौजूदा सांसदों को टिकट देकर पार्टी ने राज्य में 2019 में चुनाव जीतकर आए सांसदों को उम्मीद से जोड़े रखा है। हालांकि छनकर आ रही सूचनाओं के मुताबिक भाजपा ने अभी अपने उन्हीं उम्मीदवारों की सूची जारी की है, जो उसके आंतरिक सर्वे में डंके की चोट पर जीतते नजर आ रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि पार्टी दूसरी और तीसरी सूची भी आनी है। अभी 25 के करीब प्रत्याशी घोषित होने हैं। शेष 4 के करीब सीट सहयोगियों के खाते में जा सकती है। माना जा रहा है कि इस सूची में पुराने सांसदों की संख्या बहुत कम रह सकती है।

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