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Jharkhand: सोरेन परिवार, पूर्व सीएम बाबूलाल, दो पूर्व डिप्टी सीएम, दूसरे चरण में इन दिग्गजों पर रहेगी नजर
Wed, 20 Nov 2024 07:08 AM IST
शिवेंद्र तिवारी
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
Published by: शिवेंद्र तिवारी
Updated Wed, 20 Nov 2024 07:08 AM IST
सार
Jharkhand Election Phase 2: झारखंड में आज यानी बुधवार को दूसरे चरण की 38 विधानसभा सीटों पर मतदान हो रहा है। दूसरे दौर में कुल 528 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इनमें मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, आजसू प्रमुख सुदेश महतो जैसै कई चर्चित चेहरे भी हैं।
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झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 चरण 2
- फोटो : Amar ujala
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विस्तार
झारखंड में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का मतदान आज कराया जा रहा है। दूसरे दौर में 528 उम्मीदवारों की सियासी किस्मत का फैसला होना है। इनमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनका परिवार, पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, आजसू प्रमुख सुदेश महतो, पूर्व उपमुख्यमंत्री स्टीफन मरांडी, पूर्व मंत्री लुईस मरांडी, पूर्व डीएसपी नवनीत हेम्ब्रम जैसे कई दिग्गज चेहरे भी शामिल हैं। झरिया में सिंह मेंशन की दो बहुओं के सियासी भाग्य का फैसला भी दूसरे दौर में होना है।
आइये जानते हैं कि दूसरे चरण में किन-किन दिग्गजों की सीटों पर चुनाव है? इन सीटों पर मुकाबला किसके बीच है? इस बार के समीकरण कैसे हैं? पिछली बार नतीजे कैसे थे?
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आइये जानते हैं कि दूसरे चरण में किन-किन दिग्गजों की सीटों पर चुनाव है? इन सीटों पर मुकाबला किसके बीच है? इस बार के समीकरण कैसे हैं? पिछली बार नतीजे कैसे थे?
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हेमंत सोरेन
- फोटो : X / @HemantSorenJMM
हेमंत सोरेन: झारखंड के तीन बार मुख्यमंत्री रहे शिबू सोरेन के परिवार के कई सदस्य इस चुनाव में उतरे हैं। उनके बेटे और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन साहेबगंज जिले की बरहेट विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। हेमंत भी तीन बार झारखंड की शीर्ष सत्ता तक पहुंच चुके हैं। भाजपा ने हेमंत सोरेन के खिलाफ गमलियाल हेम्ब्रम को उतारा है। हेम्ब्रम ने 2019 में आजसू पार्टी के टिकट पर बरहेट से चुनाव लड़ा था, जहां उन्हें महज 2,573 वोट मिले थे। 2019 में झामुमो नेता ने भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार साइमन माल्टो को 25740 मत से हराया था।
हेमंत सोरेन पत्नी कल्पना सोरेन के साथ।
- फोटो : एएनआई
कल्पना सोरेन: मुख्यमंत्री हेमंत की पत्नी कल्पना सोरेन गिरिडीह की गांडेय सीट से चुनाव लड़ रही हैं। कल्पना पहली बार की विधायक हैं और वह 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ गांडेय विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में जीत हासिल कर राजनीति में आई थीं। उन्होंने ने एनडीए गठबंधन से भाजपा के प्रत्याशी दिलीप कुमार वर्मा को 27,149 मतों से पराजित किया था। अब इस चुनाव में झामुमो नेत्री के सामने जिला परिषद अध्यक्ष मुनिया देवी को उतारा है। मुनिया 2010-11 में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जमुआ पूर्वी भाग से जिला परिषद सदस्य निर्वाचित हुई थीं। इसके बाद दो बार जिला परिषद की अध्यक्ष बनीं। जून 2023 में मुनिया देवी भाजपा में शामिल हुई थीं।
बसंत सोरेन: शिबू सोरेन के बेटे और मुख्यमंत्री हेमंत के भाई बसंत सोरेन दुमका से झामुमो के टिकट पर फिर मैदान में हैं। हेमंत सोरेन के जेल जाने के बाद बनी चंपई सोरेन सरकार में बसंत को कैबिनेट मंत्री बनाया गया था। झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन के सबसे छोटे बेटे 44 वर्षीय बसंत सोरेन पार्टी की युवा शाखा के प्रमुख हैं। उनकी राजनीतिक पारी दुमका से तब शुरू हुई जब बड़े भाई हेमंत ने 2005 में राज्य के पहले विधानसभा चुनाव में वहां से चुनाव लड़ा। बसंत ने 2020 में दुमका से उपचुनाव जीतकर विधानसभा में प्रवेश किया, जिसे हेमंत ने दिसंबर 2019 के विधानसभा चुनावों में बरहेट से भी जीत कर खाली किया था। इस चुनाव में बसंत सोरेन के सामने भाजपा से पूर्व सांसद सुनील सोरेन हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में दुमका सीट पर सुनील ने झामुमो के अध्यक्ष शिबू सोरेन को चुनाव में शिकस्त दी थी। ऐसे में दुमका में सुनील सोरेन और बसंत सोरेन का मुकाबला देखने लायक होगा।
सीता सोरेन
- फोटो : एएनआई
सीता सोरेन: शिबू सोरेन की बहू और स्व. दुर्गा सोरेन की पत्नी सीता सोरेन जामताड़ा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव मैदान में हैं। हेमंत सोरेन की भाभी को भाजपा ने टिकट दिया है। झारखंड में भाजपा की तरफ से 2024 लोकसभा चुनाव में हार का सामना करने वाले कुछ चेहरों को भी विधानसभा में मौका दिया गया है। इनमें एक नाम सीता सोरेन का है, जिन्हें लोकसभा में दुमका सीट से हार का सामना करना पड़ा था। जामताड़ा विधानसभा सीट पर इस चुनाव में सीता सोरेन का कांग्रेस के डॉ. इरफान अंसारी से है। दो बार के विधायक इरफान अंसारी झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। उन्होंने 2014 और 2019 के लगातार दो विधानसभा चुनावों में जीत हासिल की थी। 2019 में इरफान अंसारी ने भारतीय जनता पार्टी के बीरेंद्र मंडल को 38741 मत से हराया था।वे झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार में कैबिनेट मंत्री भी हैं। इरफान अंसारी के पिता फुरकान अंसारी भी जामताड़ा क्षेत्र से कांग्रेस के विधायक रहे थे।
बाबुलाल मरांडी
- फोटो : ANI
बाबूलाल मरांडी: राज्य के पहले मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी की किस्मत भी दूसरे चरण के चुनाव में तय होगी। मरांडी गिरिडीह जिले की धनवार सीट से भाजपा के प्रत्याशी हैं जिनके सामने झामुमो से पूर्व विधायक निजामुद्दीन अंसारी हैं। बाबूलाल मरांडी नवंबर 2000 से मार्च 2003 तक झारखंड के मुख्यमंत्री थे। इसके अलावा वह झारखंड भाजपा के मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। बाबूलाल ने भाजपा से अलग होकर साल 2006 में झारखंड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) नाम से अपनी पार्टी बनाई थी। हालांकि, दशकों बाद मरांडी ने घर वापसी की और 2020 में पार्टी का भाजपा में विलय कर दिया। 2019 के झारखंड चुनाव में झारखंड विकास मोर्चा के टिकट पर उतरे बाबूलाल ने धनवार सीट पर भाजपा के लक्ष्मण प्रसाद सिंह को 17550 वोट से शिकस्त दी थी।
आजसू प्रमुख सुदेश महतो
- फोटो : वीडियो ग्रैब- आजसू एक्स
सुदेश महतो: झारखंड के विधानसभा चुनाव में चर्चित सीटों में से सिल्ली सीट भी है। ऑल झारखंड स्टूडेंट यूनियन यानी आजसू के मुखिया और दो बार के उपमुख्यमंत्री सुदेश कुमार महतो एक बार फिर सिल्ली से अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। 2000 के बाद झारखंड में बनने वाली सरकारों में आजसू ने कई बार किंगमेकर की भूमिका निभाई है। झारखंड में पिछले विधानसभा चुनाव में सिल्ली सीट पर झामुमो की सीमा देवी को 20195 मत से हराकर यह चुनाव जीता था। 2024 के विधानसभा चुनाव के लिए आजसू ने भाजपा के साथ गठबंधन है। समझौते के तौर पर आजसू 81 में से 10 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। सुदेश कुमार महतो फिर सिल्ली सीट से अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इस चुनाव में उनके सामने झारखंड मुक्ति मोर्चा से पूर्व विधायक अमित कुमार हैं।
स्टीफन मरांडी: आदिवासी बहुल संथाल परगना क्षेत्र के पाकुड़ जिले के महेशपुर सीट पर भी दिलचस्प मुकाबले के आसार हैं। एक तरफ झामुमो से राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री और झामुमो के दिग्ज नेता स्टीफन मरांडी हैं तो उनके सामने भाजपा ने पूर्व डीएसपी नवनीत हेम्ब्रम को उतारा है। जून में अपने पद से इस्तीफा देने वाले नवनीत को भाजपा ने उम्मीदवार बनाने के लिए हाईकोर्ट से लेकर चुनाव आयोग तक पैरवी की थी। 2019 में महेशपुर सीट पर झामुमो के स्टीफन मरांडी ने भाजपा उम्मीदवार मिस्त्री सोरेन को 34106 मत से परास्त किया था।
झरिया सीट पर सिंह मेंसन की दो बहुओं की सियासी जंग
- फोटो : Amar Ujala
सिंह मेंशन: झारखंड के धनबाद जिले की झरिया विधानसभा सीट भी दिलचस्प है जहां सिंह के परिवार से एक बार फिर से जेठानी-देवरानी के बीच है। कोयलांचल की झरिया सीट धनबाद के सबसे पावरफुल सियासी खानदान सूर्यदेव सिंह के परिवार की दो बहुएं आमने-सामने हैं। 2019 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने सूर्यदेव सिंह के भाई राजन सिंह के बेटे स्वर्गीय नीरज सिंह की पत्नी पूर्णिमा नीरज सिंह को टिकट दिया। वहीं भाजपा ने उनकी देवरानी रागिनी सिंह को अपना प्रत्याशी बनाया था। नतीजा पूर्णिमा सिंह के पक्ष में रहा और उन्होंने यह चुनाव 12,054 वोट से जीत लिया। पिछले विधानसभा चुनाव के बाद इस चुनाव में भी देवरानी-जेठानी पूर्णिमा सिंह और रागिनी सिंह फिर एक दूसरे के खिलाफ मैदान में हैं। वर्तमान में पूर्णिमा सिंह झरिया से कांग्रेस की विधायक हैं।
डॉ. लुईस मरांडी: दुमका जिले की जामा विधानसभा सीट पर भी लोगों की नजरें हैं। यह सीट सोरेन परिवार के दबदबे वाली मानी जाती रही है। जामा की जनता ने शिबू सोरेन को एक बार, दुर्गा सोरेन को दो बार और सीता सोरेन को तीन बार को चुना है। एक समय पर भारतीय जनता पार्टी की कद्दावर नेता रहीं डॉ. लुईस मरांडी जामा से झामुमो के चेहरे के तौर पर चुनाव लड़ रही हैं। वह झामुमो में आने से पहले रघुवर दास सरकार में समाज कल्याण मंत्री के साथ-साथ भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष भी रहीं। इस साल विधानसभा से पहले लुईस भाजपा छोड़ झामुमो में शामिल हो गईं। इस बार उनके सामने वहीं भाजपा की तरफ से सुरेश मुर्मू जो पिछले दो चुनाव बहुत कम मार्जिन से हारे थे। 2019 में झारखंड मुक्ति मोर्चा के टिकट पर उतरीं सीता सोरेन ने भाजपा के सुरेश मुर्मू को 2426 मत से पराजित किया था।
प्रदीप यादव: गोड्डा जिले की पोड़ैयाहाट विधानसभा सीट भी कई मायनों में खास है। कांग्रेस नेता प्रदीप यादव पांच बार से इस सीट से विधायक हैं और उनकी कोशिश जीत का छक्का लगाने की होगी। पौडेयाहाट और प्रदीप यादव एक-दूसरे के पर्याय हैं। हालांकि, अभी तक प्रदीप भाजपा और जेवीएम के टिकट पर चुनाव लड़ते रहे हैं, लेकिन इस बार वे कांग्रेस का चेहरा हैं। पिछले चुनाव में उन्होंने जेवीएम के उम्मीदवार के तौर पर भाजपा के गजाधर सिंह को 13597 मत से हराया था। इस चुनाव में कांग्रेस नेता प्रदीप यादव के सामने भाजपा के देवेन्द्र नाथ सिंह से है।