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J&K Election: उमर अब्दुल्ला से भाजपा-कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष तक, दूसरे चरण में दिग्गजों की किस्मत दांव पर
Wed, 25 Sep 2024 11:43 AM IST
शिवेंद्र तिवारी
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
Published by: शिवेंद्र तिवारी
Updated Wed, 25 Sep 2024 11:43 AM IST
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दूसरे दौर के दिग्गज
- फोटो :
AMAR UJALA
विस्तार
जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का चुनाव बुधवार को हो रहा है। दूसरे दौर में केंद्र शासित प्रदेश की 26 सीटों के लिए मतदान हो रहा है, जिसमें कुल 239 उम्मीदवार चुनावी मैदान में ताल ठोक रहे हैं। छह जिलों के 26 विधानसभा क्षेत्रों के करीब 25 लाख मतदाता मतदान करने के लिए पात्र हैं। दूसरे चरण में जम्मू क्षेत्र के रियासी, राजोरी और पुंछ जिले के साथ-साथ कश्मीर घाटी के श्रीनगर, बडगाम और गांदरबल जिले में वोटिंग हो रही है। 18 सितंबर को पहले चरण में जम्मू कश्मीर की 24 सीटों के लिए मतदान कराया गया था जिसमें 61.38 फीसदी लोगों ने हिस्सा लिया था।दूसरे दौर में जिन उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होगा उनमें पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र रैना, जम्मू कश्मीर कांग्रेस अध्यक्ष तारिक हामीद कर्रा और अपनी पार्टी के अध्यक्ष अल्ताफ बुखारी जैसे कई दिग्गज शामिल हैं। आइये जानते हैं कि दिग्गजों की सीटों पर कैसे समीकरण हैं? इनके सामने उम्मीदवार कौन है? यहां पर पहले कैसे नतीजे रहे हैं?
उमर अब्दुल्ला
- फोटो :
ANI
उमर अब्दुल्ला: जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला इस बार दो विधानसभा सीटों- बडगाम और गांदरबल से चुनाव मैदान में हैं। पूर्व मुख्यमंत्री की उम्मीदवारी के चलते ये सीटें खास हो गई हैं। हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में उन्होंने कश्मीर की बारामुला सीट से चुनाव लड़ा था लेकिन हार का सामना करना पड़ा था। उमर को आतंकी फंडिंग के आरोप में जेल में बंद रहे इंजीनियर रशीद ने हरा दिया था।
बडगाम और गांदरबल दूसरे चरण की खास सीटों में शुमार हो गई हैं। बडगाम में पूर्व मुख्यमंत्री का सामना पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के आगा सैयद मुंतजिर मेहदी से है। मेहदी शिया धर्मगुरु और हुर्रियत नेता आगा सैयद हसन मोसावी के बेटे हैं और नेकां सांसद आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी के चचेरे भाई हैं। आगा परिवार का बडगाम में शिया मुसलमानों पर असर माना जाता है, जो मतदाताओं का 40 प्रतिशत हैं, जबकि शेष सुन्नी मुसलमान हैं।
इसके अलावा अवामी नेशनल कॉन्फ्रेंस के उम्मीदवार आगा सैयद अहमद मूसवी भी इस लड़ाई में शामिल हैं। 2014 के चुनाव में बडगाम सीट नेशनल कॉन्फ्रेंस के टिकट पर उतरे आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी ने जीती थी।
वहीं गांदरबल में पूर्व मुख्यमंत्री उमर के सामने पीडीपी से बशीर अहमद मीर और नेशनल पैंथर्स पार्टी (भीम) के अब्दुल रशीद गनी हैं। 2014 में गांदरबल में नेकां के शफक अहमद शेख को सफलता मिली थी। उमर अब्दुल्ला 2008 से 2014 तक गांदरबल सीट से विधायक रहे। यह सीट नेकां का गढ़ मानी जाती रही है।
बडगाम और गांदरबल दूसरे चरण की खास सीटों में शुमार हो गई हैं। बडगाम में पूर्व मुख्यमंत्री का सामना पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के आगा सैयद मुंतजिर मेहदी से है। मेहदी शिया धर्मगुरु और हुर्रियत नेता आगा सैयद हसन मोसावी के बेटे हैं और नेकां सांसद आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी के चचेरे भाई हैं। आगा परिवार का बडगाम में शिया मुसलमानों पर असर माना जाता है, जो मतदाताओं का 40 प्रतिशत हैं, जबकि शेष सुन्नी मुसलमान हैं।
इसके अलावा अवामी नेशनल कॉन्फ्रेंस के उम्मीदवार आगा सैयद अहमद मूसवी भी इस लड़ाई में शामिल हैं। 2014 के चुनाव में बडगाम सीट नेशनल कॉन्फ्रेंस के टिकट पर उतरे आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी ने जीती थी।
वहीं गांदरबल में पूर्व मुख्यमंत्री उमर के सामने पीडीपी से बशीर अहमद मीर और नेशनल पैंथर्स पार्टी (भीम) के अब्दुल रशीद गनी हैं। 2014 में गांदरबल में नेकां के शफक अहमद शेख को सफलता मिली थी। उमर अब्दुल्ला 2008 से 2014 तक गांदरबल सीट से विधायक रहे। यह सीट नेकां का गढ़ मानी जाती रही है।
भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष रवींद्र रैना
रवींद्र रैना: राजोरी जिले की नौशेरा सीट भी जम्मू कश्मीर के चुनाव में काफी चर्चा में है। केंद्र की सत्ताधारी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र रैना यहां से चुनाव मैदान में हैं। उनके सामने नेकां-कांग्रेस गठबंधन ने पूर्व एमएलसी सुरिंदर चौधरी को उतारा है। कभी महबूबा मुफ्ती के करीबी रहे सुरिंदर पीडीपी और भाजपा से होते हुए नेशनल कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए थे। इसके अलावा पीडीपी ने नौशेरा सीट पर एडवोकेट हक नवाज को अपना चेहरा बनाया है। 2014 में नौशेरा सीट से भाजपा के रवींद्र रैना ने जीत दर्ज की थी।
अल्ताफ बुखारी
- फोटो :
एजेंसी
अल्ताफ बुखारी: श्रीनगर जिले की छानपोरा सीट भी इस चुनाव में खास बनी हुई है। यहां से जम्मू कश्मीर अपनी पार्टी के अल्ताफ बुखारी चुनाव लड़ रहे हैं। बुखारी के सामने नेकां के मुश्ताक गुरू, पीडीपी के मोहम्मद इकबाल ट्रंबू, भाजपा के हिलाल अहमद वानी हैं। 165 करोड़ से अधिक की संपत्ति वाले अल्ताफ बुखारी दूसरे दौर में सबसे अमीर उम्मीदवार हैं।
तारिक हमीद कर्रा: श्रीनगर में एक विधानसभा सीट सेंट्रल शालतेंग भी इस चुनाव में अहम है। यहां से जम्मू कश्मीर कांग्रेस के अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा चुनाव लड़ रहे हैं। कर्रा श्रीनगर सीट से लोकसभा सांसद रह चुके हैं। तारिक हमीद ने 2014 में पीडीपी के टिकट पर नेकां के फारूक अब्दुल्ला को हराया था। पीडीपी के संस्थापक सदस्यों में से एक कर्रा 2016 में पार्टी से अलग हो गए और 2017 में कांग्रेस से जुड़ गए। इस विधानसभा चुनाव से ठीक पहले तारिक हमीद कर्रा को कांग्रेस ने प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया था। इस चुनाव में कर्रा के सामने पीडीपी से अब्दुल कयूम भट, अवामी नेशनल कॉन्फ्रेंस से रियाज अहमद मीर और अपनी पार्टी से जफर हबीब डार हैं।