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Exit Polls: कितने सही होते हैं एग्जिट पोल, हरियाणा-जम्मू कश्मीर के पिछले नतीजों के कितने करीब थे अनुमान? समझें

Sat, 05 Oct 2024 06:23 PM IST
शिवेंद्र तिवारी स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Sat, 05 Oct 2024 06:23 PM IST
सार

Exit Polls: हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए शनिवार को मतदान हुआ। जम्मू कश्मीर में पहले ही तीन चरण में मतदान कराए जा चुके थे। हरियाणा में मतदान खत्म होते ही सबकी निगाहें एग्जिट पोल पर टिकी हैं। शनिवार शाम को अलग-अलग एजेंसियों के एग्जिट पोल जारी किए जाएंगे। 

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Haryana Jammu Kashmir Exit Poll Results and Exit Poll Accuracy History news in hindi
जम्मू कश्मीर-हरियाणा विधानसभा चुनाव - फोटो : AMAR UJALA

विस्तार

हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए शनिवार को मतदान पूरा हो गया। इससे पहले जम्मू कश्मीर में मतदान कराए जा चुके थे। हरियाणा में वोटिंग खत्म होते ही सबकी नजरें दोनों प्रदेशों के एग्जिट पोल पर हैं। नतीजे 8 अक्तूबर (मंगलवार) को आने हैं। इससे पहले शनिवार शाम को अलग-अलग एजेंसियों के एग्जिट पोल जारी किए जाएंगे। इन पोल के जरिए ये बताने की कोशिश होगी कि किस राज्य में कौन सी पार्टी सरकार बन सकती है या कितनी सीटें जीत सकती है। 
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एग्जिट पोल के नतीजों की सटीकता को लेकर अक्सर सवाल उठते रहते हैं। हम आपको दोनों चुनावी प्रदेशों के पिछले नतीजे और एग्जिट पोल के आंकड़े बताने जा रहे हैं। इससे आप समझ पाएंगे कि यह पोल कितना सही होता है? क्या इनमें किए गए दावे कितने सटीक होते हैं? इन पोल में पिछली बार क्या कहा गया था और बाद में नतीजे क्या निकले?
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पिछले चुनाव में कैसे थे एग्जिट पोल के नतीजे?
हरियाणा:
21 सितंबर 2019 को चुनाव आयोग ने हरियाणा में विधानभा चुनावों का एलान किया था। 90 सदस्यीय विधानसभा के लिए 21 अक्तूबर 2019 को वोट डाले गए थे। 24 अक्तूबर 2019 को मतगणना कराई गई थी। मतदान के बाद तमाम न्यूज चैनलों और चुनाव सर्वे एजेंसियों ने एग्जिट पोल नतीजे में आसानी से भाजपा की सरकार बनती दिखाया था। चार प्रमुख एग्जिट पोल में सत्ताधारी भाजपा को एकतरफा 70 से ज्यादा सीटें जीतते हुए दिखाया गया था। वहीं एक चैनल ने भाजपा को 50 से 65 के बीच सीटें दी थीं। 

जम्मू कश्मीर: 2014 में जम्मू-कश्मीर राज्य में पिछले विधानसभा चुनाव हुए थे। तब 87 सीटों वाली विधानसभा के लिए 25 नवंबर से 20 दिसंबर 2014 तक पांच चरणों में मतदान हुआ था। 2014 के एग्जिट पोल में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने का अनुमान जताया गया था। जम्मू कश्मीर में सत्ता में किसकी वापसी होगी, इसका अनुमान स्पष्ट नहीं था। हालांकि, उस वक्त 87 सीटों वाले जम्मू-कश्मीर में पीडीपी और बीजेपी दोनों के बीच कांटे की टक्कर दिखाई गई थी। इन एग्जिट पोल्स में बताया गया था कि पडीपी सबसे बड़ी पार्टी बनती सकती है, जबकि भाजपा दूसरी बड़ी पार्टी के तौर पर आ सकती है। वहीं एग्जिट पोल्स में जम्मू-कश्मीर में उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व की नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार को बड़ी हार का सामना करते हुए दिखाया गया था।

पिछले चुनाव में एग्जिट पोल्स में किस पार्टी को कितनी सीटें दी गई थीं?
हरियाणा: 


न्यूज 18- Ipsos का एग्जिट पोल

भाजपा - 70 सीटें
कांग्रेस - 10 सीटें
अन्य - 4 सीटें  

टाइम्स नाउ का एग्जिट पोल 

भाजपा - 71 सीटें
कांग्रेस -11 सीटें
अन्य - 08 सीटें 

रिपब्लिक-जन की बात एग्जिट पोल

भाजपा - 52-63 सीटें  
कांग्रेस -15-19 सीटें  
अन्य - 7-10 सीटें

एबीपी-सी वोटर एग्जिट पोल  

भाजपा -  72 सीटें
कांग्रेस - 08 सीटें
अन्य - 10 सीटें

जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव 2014 के एग्जिट पोल: 

सी-वोटर के एग्जिट पोल

पीडीपी: 32-38 सीटें
भाजपा: 27-33 सीटें
नेशनल कॉन्फ्रेंस: 8-14 सीटें
कांग्रेस: 4-10 सीटें
अन्य: 2-8 सीटें

एबीपी-नील्सन के एग्जिट पोल
पीडीपी: 32-38 सीटें
भाजपा: 27-33 सीटें
नेशनल कॉन्फ्रेंस: 8-14 सीटें
अन्य: 2-8 सीटें

न्यूज नेशन के एग्जिट पोल
पीडीपी: 29-33 सीटें
भाजपा: 22-26 सीटें
नेशनल कॉन्फ्रेंस: 12-16 सीटें
कांग्रेस: 5-9 सीटें
अन्य: 9 सीटें

Haryana Jammu Kashmir Exit Poll Results and Exit Poll Accuracy History news in hindi
हरियाणा विधानसभा चुनाव - फोटो : AMAR UJALA
एग्जिट पोल्स के बाद नतीजे कैसे रहे?
हरियाणा:
जब नतीजे आए तो तमाम एग्जिट पोल काफी हद तक गलत साबित हुए। जहां अनुमानों में सत्ताधारी भाजपा की प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनती दिखाई गई थी। वहीं, नतीजों में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनी लेकिन किसी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। सत्ताधारी भाजपा बहुमत के आंकड़े से दूर रह गई। 90 सदस्यों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 46 सीटों पर जीत जरूरी थी। भाजपा को सबसे ज्यादा 40 सीटें मिलीं। कांग्रेस 31 सीटें जीतकर मुख्य विपक्षी पार्टी बनी। विधानसभा चुनाव में जजपा 10 सीटें जीतने में सफल रही। सात निर्दलीय, इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) एक और हरियाणा लोकहित पार्टी को एक सीट पर जीत मिली। चुनाव के बाद 10 सीटों वाली जजपा के साथ पार्टी ने गठबंधन किया और राज्य की सत्ता में वापसी की। 27 अक्तूबर 2019 को मनोहर लाल ने हरियाणा के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। किंग मेकर बने दुष्यंत चौटाला ने उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा ने मनोहर लाल की जगह नायब सिंह सैनी को मुख्यमंत्री बना दिया।

जम्मू कश्मीर: प्रदेश में 2014 के एग्जिट पोल्स काफी हद तक सही साबित हुए थे। 2014 में जम्मू-कश्मीर राज्य में चुनाव हुए थे। विधानसभा चुनाव के परिणाम 23 दिसंबर 2014 को घोषित किये गये थे। 87 सदस्यीय विधानसभा में महबूबा मुफ्ती की जम्मू-कश्मीर पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) को सबसे ज्यादा 28 सीटें मिलीं। वहीं, दूसरे स्थान पर भाजपा थी जो 25 सीटों पर जीतने में सफल रही। फारुख अब्दुल्ला की नेशनल कॉन्फ्रेंस को 15 जबकि कांग्रेस को 12 सीटों पर जीत मिली। तीन सीटों पर निर्दलीय तो चार सीटों पर अन्य छोटे दलों को जीत मिली। नतीजों से साफ था कि कोई भी दल बहुमत के आंकड़े तक नहीं पहुंच सका।  

नतीजों के करीब ढाई महीने बाद पीडीपी के मुफ्ती मोहम्मद सईद ने राज्य के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। पीडीपी को 25 सदस्यों वाली भाजपा का समर्थन था। इस तरह इस गठबंधन ने बहुमत के आंकड़े को जुटा लिया। 7 जनवरी 2016 को सईद के निधन के बाद राज्य में एक बार फिर राजनीतिक अनिश्चित्ता का दौर आया। राज्य में राज्यपाल का शासन लगाना पड़ा। करीब तीन महीने की अनिश्चितता के बाद भाजपा और पीडीपी में फिर से समझौता हुआ और महबूबा मुफ्ती ने राज्य के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। 4 अप्रैल 2016 को महबूबा राज्य की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं। पीडीपी-भाजपा की यह गठबंधन सरकार दो साल से ज्यादा वक्त तक चली। जून 2018 में भाजपा ने महबूबा सरकार से समर्थन वापस ले लिया। इसके साथ ही महबूबा मुफ्ती की सरकार गिर गई। 5 अगस्त, 2019 को राज्य का विशेष राज्य का दर्जा खत्म कर इसे केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया। धारा 370 हटने के बाद अब पहली बार जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव हुए हैं। 
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