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LS Polls 2024: छिंदवाड़ा में वोटिंग के बाद से ही गायब हैं पूर्व सीएम कमलनाथ और नकुलनाथ, कहीं ये वजह तो नहीं?
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Amar Ujala
विस्तार
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ आखिर इन दिनों कहां हैं? वे छिंदवाड़ा में मतदान के बाद से ही नजर नहीं आ रहे हैं? भाजपा के बाद अब कांग्रेस के नेताओं ने यह भी सवाल पूछना शुरू कर दिया है। दरअसल, छिंदवाड़ा में मतदान के बाद से ही पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ प्रदेश की राजनीति से नदारद हैं। कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को उम्मीद थी कि वे प्रदेश की अन्य सीटों पर चुनाव प्रचार करते हुए नजर आएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। चौथे और एमपी के अंतिम चरण का प्रचार शनिवार को थम रहा है। लेकिन कमलनाथ अब तक गायब हैं।
जानकारी के अनुसार, छिंदवाड़ा में वोटिंग के बाद पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने समर्थक रामू टेकाम के लिए बैतूल क्षेत्र में एक सभा की थी। इसके बाद फिर वे विदेश चले गए। 10 मई तक उनके भारत लौटने का कार्यक्रम है। इसी के साथ 11 मई की शाम तक मध्यप्रदेश की बची हुए आठ लोकसभा सीटों पर चुनाव प्रचार थम जाएगा। चुनावी प्रचार अभियान से दूरी को कमलनाथ की नाराजगी से देखकर जोड़ा रहा है। पूर्व सीएम के साथ उनके सांसद बेटे नकुलनाथ की भी मध्यप्रदेश में सक्रियता नहीं दिख रही है।
इधर, कमलनाथ की गैर-मौजूदगी पर भाजपा निशाना साध रही है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि मीडिया के मित्र पूछ रहे हैं कि कमलनाथ जी कहां हैं? तो कह रहे हैं कि हमें ही पता नहीं लग रहा कहां हैं। सर्च वारंट निकलेगा, तभी पता चलेगा। कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ता ने नाम न छापने के अनुरोध पर अमर उजाला से कहा कि छिंदवाड़ा में वोटिंग होने के बाद पूर्व सीएम ने एमपी में एक से दो जगह प्रचार किया है। इसके बाद उनका दिल्ली जाने का कार्यक्रम था। दिल्ली से कहां गए, इसकी जानकारी फिलहाल हमें नहीं है।
कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस आलाकमान ने चुनौती वाली सीटों पर कांग्रेस के कई बड़े नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी है, लेकिन कमलनाथ को इससे दूर रखा गया है। कांग्रेस हाईकमान ने लोकसभा चुनाव के लिए बनाई गई कई अहम समितियों में कमलनाथ को नहीं रखा गया है। हाल ही, में अमेठी में राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत और रायबरेली में छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल को वरिष्ठ पर्यवेक्षक बनाकर भेजा गया है। इसी तरह वरिष्ठ नेता डॉ. सीपी जोशी को चांदनी चौक (दिल्ली) और सचिन पायलट को उत्तर-पूर्वी दिल्ली का पर्यवेक्षक बनाया गया है। कमलनाथ की इस बेरुखी को कांग्रेस हाईकमान के साथ उनकी अनबन से जोड़कर देखा जा रहा है।
मैदान से गायब, सोशल मीडिया पर एक्टिव
मध्यप्रदेश में पहले चरण में छह संसदीय सीटों पर मतदान हुए थे। पहले चरण में प्रदेश की छिंदवाड़ा सीट भी शामिल थी। छिंदवाड़ा संसदीय सीट से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में नकुलनाथ मैदान में थे। नकुलनाथ के प्रत्याशी होने की वजह से कमलनाथ और उनका परिवार पूरी तरह से सक्रिय था, लेकिन पहले चरण की मतदान प्रक्रिया के बाद से ही कमलनाथ और नकुलनाथ ने प्रचार अभियान से दूरी बना ली है। हालांकि कमलनाथ सोशल मीडिया पर लगातार सक्रिय हैं और भाजपा पर लगातार सवाल उठा रहे हैं।