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Exclusive: 'राहुल विदेशी मानसिकता से ग्रस्त, उनके गठबंधन ने सनातन को नष्ट करने की शपथ ली'; मनोज तिवारी हमलावर

Sun, 02 Nov 2025 04:45 PM IST
Rajkishor राजकिशोर
Updated Sun, 02 Nov 2025 04:45 PM IST
सार

Manoj Tiwari Exclusive: बिहार विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी राहुल गांधी पर छठी मैया के अपमान का आरोप लगा रही है। पार्टी इस मुद्दे पर लगातार महागठबंधन पर हमलावर है। भाजपा सासंद मनोज तिवारी ने इस मुद्दे पर अपनी राय विस्तार से रखी है। जानिए, उन्होंने क्या कहा...

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Bihar Election bjp mp Manoj tiwari Exclusive Interview rahul gandhi Chhath
भाजपा सांसद मनोज तिवारी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

बिहार में पहले चरण के चुनाव में अब कुछ ही दिन का समय बचा है। राजनीतिक दलों ने चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी है। भाजपा ने अपने स्टार प्रचारकों में भोजपुरी गायक और दिल्ली से सांसद मनोज तिवारी को भी उतारा है। अमर उजाला से खास बातचीत में भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने राहुल गांधी और महागठबंधन को छठ मैया का अपमान करने के लेकर करारा हमला बोला है। वहीं उन्होंने बिहार में नाच और गायक को लेकर हो रही टिप्पणी पर भी अपनी राय रखी, इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि कैसे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भारतीय जनता पार्टी मिलकर बिहार के विकास के लिए काम करेंगे? यह पूरा इंटरव्यू आप विस्तार से वीडियो में देख सकते हैं। यहां प्रस्तुत हैं मनोज तिवारी से बातचीत के प्रमुख अंश...

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सवाल- राहुल गांधी द्वारा पीएम मोदी को लेकर नाचने जैसे शब्द का इस्तेमाल किया गया। जब इस तरीके के शब्द कला के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं, जिसकी आप साधना करते हैं। इसके बारे में आप क्या कहेंगे? 
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मनोज तिवारी: देखिए भैया हम क्या कहें? हमारा जो वेद, उपनिषद, पुराण, जो ऋचाएं हैं भारत की संस्कृति की, वो कहती हैं इस विषय में। वो कहती हैं कि साहित्य संगीत कला विहीनः साक्षात पशुः पुच्छविषाणहीनः। इतना हार्ड बोला गया है, न पूंछ है न सींग है, ऐसा पशु... उसके समान है जो व्यक्ति साहित्य संगीत कला के लोगों को अपमानित करने का काम करता हैं, उसके बारे में वो नहीं जानते हैं। उनको दूर-दूर तक इसका आभास भी नहीं है कि उन्होंने अपने आप को कितनी बड़ी परिभाषा दे दी, तो मैं इससे ज्यादा राहुल गांधी को क्या बोलूं?  
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सवाल- तो आप सभ्यता के साथ उन्हें पशु बता रहे हैं?

मनोज तिवारी: नहीं, पशु फिर तो पशु तो फिर भी बहुत अच्छे हैं। पशु जिनका न पूंछ है न सींग है, जो हमारे शास्त्रों में लिखा है कि मतलब बिना पूंछ और सींग का पशु, ऐसा साहित्य संगीत कला का अपमान करने वालों के लिए कहा गया है। तो समय-समय पर राहुल गांधी अपनी परिभाषा खुद ही दे पा रहे हैं, दे दे रहे हैं। अभी छठ के पावन पर्व को उन्होंने ड्रामा कह दिया।

सवाल- आप लोग कह रहे हैं कि राहुल गांधी ने छठी मैया का अपमान कर दिया। लेकिन कांग्रेस की ओर से कहा गया है कि नरेंद्र मोदी जी के लिए अलग घाट बनाया गया था, वहां बिस्लेरी से पानी डाला गया था। 

मनोज तिवारी: तो वो कह रहे थे, लेकिन उस घाट पर भी हजारों छठ व्रतियों ने, सामान्य-सामान्य लोग, जो आया, पहले घाट बना लिया, वहां पे अर्घ्य दिया। तो आपका जो मूल भाव है ना कि आप छठ को ड्रामा घोषित करना चाहते हैं। आपका इंडी एलायंस सनातन को नष्ट करने का शपथ ले चुका है। तो ठीक है, प्रकट भाव में स्टालिन और उनके बेटे ने बोल दिया और अपरोक्ष रूप से आप उसको करने का प्रयास कर रहे हो। आप कह रहे हो कि ये ड्रामा है? हजारों लोग जाते हैं घाट पे। छठ व्रती, उसका परिवार तो घाट साफ करता है, पानी साफ करता है, लेकिन साथ में मोहल्ला टोला बहुत जाता है। तो वो ड्रामा कर रहे हैं? उन्होंने कहा, अगर मोदी जी जाना चाह रहे हैं छठ के घाट पर, मोदी जी एक सांस्कृतिक पुरुष हैं। उन्होंने जीवन की वो कठोर साधना की है जो बड़े-बड़े साधक करके सफलता को प्राप्त किए हैं। आप उस सांस्कृतिक पुरुष को, आप उस भारतीय संस्कृति के पुरोधा को, छठ माता का जो शुरू से ही पुजारी हैं, उनको आप ड्रामा बोलते हो?  

वह छठ के व्रत में शामिल होने के लिए तड़प रहे हैं। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, तब हमारे छठ में ही ऐसे लोगों के लिए सजा है। फिर भी मैं बोलूंगा, भैया (राहुल गांधी) आपकी आंख भी ठीक रहे, आपकी बुद्धि भी ठीक रहे, मगर अब आपकी पार्टी ठीक नहीं रहेगी, अब आपका महागठबंधन ठीक नहीं रहेगा क्योंकि आपने छठ मां का अपमान किया है।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी भले इस देश में पैदा हुए हैं, उनके पिताजी देश के प्रधानमंत्री रहे, पता नहीं हमारी बात को किस तरह से लोग लेंगे, लेकिन मैं मानता हूं कि उनकी माता का विदेशी होना... तो कहते हैं न कि बच्चा मां पर गया है कि पिता पर गया है, बच्चा पूरी तरह से विदेशी मानसिकता में है और उनको भारत से रत्ती भर भी प्रेम नहीं है। उनका हाव-भाव देखिए, उनका देवी-देवताओं के, भारतीय संस्कृति के प्रति उनके अलग-अलग कृत्य देखिए।  

सवाल- भोजपुरी भाषा में जो एक अलग तरीके की वल्गैरिटी, अश्लीलता आई है, उसको लेकर आप पर भी सवाल उठाया जाता रहा है और आपके कलाकारों पर सवाल उठाया जाता है?

मनोज तिवारी: ये एक अलग मुद्दा है। जहां तक मनोज तिवारी की बात है, हम उस जगह पर खड़े हैं जिन्होंने भोजपुरी को बहुत सम्मानित किया है। हमारा गीत... एक से एक गीत है। आज के लोग नहीं जानते हैं। हमारा गीत है... (गाते हुए) बाड़ी शेर पर सवार रूपवा मनवा मोहता... भजन है। जब हमने लोकगीत गाया तो भ्रूण हत्या का गीत गाया... कि अगिया दहेज के कइसन तेज हो गइल, बेटी जन्मावल परहेज हो गइल। मैंने लाल बत्ती के खिलाफ गाना गाया ...गंगा जी की सफाई का गीत... कि गंगा मैया के समइया से बचा ल ए भइया, भारत के कल्याण चाहे त... नमामि गंगे बन गया। हम... हां जब हमने रोमांटिक गीत भी गाए तो हम बहुत संभाल के गाए हैं। हमारा गाना... ए राजा जी... पूरी दुनिया में गाना बजा है। हम ये मानते हैं कि भोजपुरी में कुछ लोगों ने अश्लील गीत गाए। 

सवाल- भाजपा पिछले 20 वर्षो में अधिकतर समय नीतीश कमार के साथ रही है। क्या जंगलराज की आड़ में पार्टी बेरोजगारी, पलायन जैसे मुद्दों को पीछे धकेल रही है? क्योंकि जेन-जी और युवाओं को रोजगार चाहिए और वे तेजस्वी को सुन रहे हैं।


मनोज तिवारी:  तेजस्वी बाबू को तो अब लोग सुन नहीं रहे हैं। सुन रहे हैं एनडीए को, सुन रहे हैं नीतीश कुमार जी को। नीतीश कुमार को सैल्यूट करना पड़ेगा। जो नीतीश कुमार और भारतीय जनता पार्टी और जदयू के गठबंधन से जो हुआ। देश के किसी कोने में अगर खराब सड़के दिखतीं तो लोग कहते अरे बिहार आ गइल का भाई? ऐसा होता था। 2005 में सरकार बनने के तीन-चार साल बाद बिहार की सड़कों में बदलाव हुआ। फिर बिहार में हम लोग फाउंडेशन बनाए, हम उसके ब्रांड एंबेसडर रहे हैं। जो लोग डराते थे, धमकाते थे, उन ताकतों को न्यूट्रलाइज किया गया, उनको शांत करने की कोशिश की गई और फिर धीरे-धीरे, आज हमारा एक कैमूर जिला है जहां कम से कम 32 से ज्यादा फैक्टरी लगी हुई हैं। अब मेनिफेस्टो में हमने वादा कि है कि हम अलग-अलग जिलों में फैक्टरी लगाएंगे, हर जिले में एक फैक्टरी होगी, हर जिले में एक मेगा स्किल सेंटर होगा। एक करोड़ लोगों को रोजगार और नौकरी देंगे। महिलाओं को सीएम जीविका, ₹10,000 की राशि मिल रही है, 75 लाख महिलाओं को स्वरोजगार मिल रहा है। राज्य की पर कैपिटा इनकम 2005 के बाद डबल से ज्यादा हो चुकी है। कहां 500 मेडिकल की सीट होती थी, अब बिहार में 3000 मेडिकल की सीटें हैं। एम्स बन रहा है, आईआईएम बन रहा है, एयरपोर्ट बन रहा है।  

सवाल- महागठबंधन कह रहा है कहीं इस उड़ान के चक्कर में नीतीश जी को फ्लाइट से धकेल तो नहीं देंगे भाजपा वाले?

मनोज तिवारी: नहीं...वही मुख्यमंत्री बनेंगे। हम उन्हीं के नेतृत्व में चुनाव लड़ रहे हैं और वे हमारा मुख्यमंत्री पद का चेहरा हैं।

पूरा इंटरव्यू यहां देखें: 
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