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Lok Sabha Results: अगले छह महीनों में इन राज्यों में हैं चुनाव, जानिए लोकसभा के नतीजों का होगा कितना असर

Tue, 04 Jun 2024 09:22 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नितिन गौतम Updated Tue, 04 Jun 2024 09:22 AM IST
सार

महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव में महाविकास अघाड़ी की पार्टियों शिवसेना यूबीटी और शरद पवार की एनसीपी को लोगों का भावनात्मक समर्थन मिला है। दोनों पार्टियों को बीते महीनों में टूट का सामना करना पड़ा था। साफ है कि आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।

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assembly polls in next six months impact of lok sabha election results bjp pm modi leadership
लोकसभा के बाद इन राज्यों में होने हैं चुनाव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लोकसभा चुनाव के रुझानों में केंद्र में एक बार फिर एनडीए की सरकार बनने जा रही है। हालांकि विपक्षी गठबंधन ने सभी एग्जिट पोल्स को झुठलाते हुए नतीजों में सभी को चौंकाया। जिससे साफ है कि भाजपा पर देश की जनता का विश्वास डगमगाया है। हालांकि इसकी वजह केंद्रीय नेतृत्व की बजाय स्थानीय प्रशासन और सांसद हो सकते हैं। ऐसे में अब देखने वाली बात ये होगी कि आगामी छह महीनों में होने वाले विधानसभा चुनावों में भी क्या जनता विपक्ष को समर्थन मिलेगा या भाजपा फिर से ताकतवर होगी। आइए जानते हैं कि अगले करीब छह महीने में किन राज्यों में चुनावी रण सजेगा और लोकसभा चुनाव का उन पर क्या असर होगा।
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हरियाणा विधानसभा चुनाव
हरियाणा की मौजूदा सरकार का कार्यकाल इसी साल नवंबर में खत्म हो रहा है। ऐसे में नवंबर से पहले ही हरियाणा में विधानसभा चुनाव हो सकते हैं। भाजपा सरकार का हरियाणा में यह लगातार दूसरा कार्यकाल है और पार्टी को एंटी इनकंबेंसी का खतरा हो सकता है। भाजपा ने लोकसभा चुनाव से पहले हरियाणा में नेतृत्व परिवर्तन भी किया और मनोहर लाल खट्टर की जगह नायब सैनी को सीएम बनाया। लोकसभा चुनाव के नतीजों में हरियाणा की 10 सीटों में से छह पर भाजपा ने कब्जा जमाया है। भाजपा को चार सीटों का नुकसान हुआ है। जिससे साफ है कि आम चुनाव में लोगों ने भाजपा को मिलाजुला समर्थन दिया है। हालांकि विधानसभा चुनाव में स्थानीय मुद्दे अहम होंगे। पिछले चुनाव में भाजपा ने जजपा के साथ गठबंधन में सरकार बनाई थी और अब यह गठभंधन भी टूट चुका है। ऐसे में यकीनन भाजपा को हरियाणा में चुनौती का सामना करना पड़ेगा। भाजपा एक बार फिर मोदी नाम के सहारे होगी। हरियाणा में इस बार भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है। 
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2019 के हरियाणा विधानसभा के चुनाव में ऐसा रहा था परिणाम


महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव
लोकसभा चुनाव के बाद जिस राज्य के चुनाव पर सर्वाधिक नजर रहेगी, उसमें महाराष्ट्र का चुनाव भी एक है। एग्जिट पोल्स को धता बताते हुए चुनाव नतीजों में भाजपा को राज्य 10 सीटों पर ही बढ़त मिली है। वहीं महाविकास अघाड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 29 सीटों पर बढ़त बनाई हुई है। लोकसभा चुनाव के नतीजों से साफ है कि विधानसभा चुनाव में कांटे की टक्कर देखने को मिलेगी। महाविकास अघाड़ी की पार्टियों  शिवसेना यूबीटी और शरद पवार की एनसीपी को लोगों का भावनात्मक समर्थन मिला है और दोनों 16 सीटों पर आगे हैं। दोनों पार्टियों को बीते महीनों में टूट का सामना करना पड़ा है। देखने वाली बात ये होगी कि विधानसभा चुनाव में भी एनडीए के खिलाफ ये नाराजगी जारी रहेगी या फिर से महाराष्ट्र की जनता एनडीए को अपने आशीर्वाद से नवाजेगी। 
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2019 में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव का ऐसा था परिणाम



झारखंड विधानसभा चुनाव
झारखंड में अगले साल जनवरी से पहले चुनाव होने हैं। झारखंड के पूर्व सीएम हेमंत सोरेन भ्रष्टाचार के मुद्दे पर जेल में हैं। चुनाव के नतीजों में राज्य की आठ सीटों पर एनडीए और पांच सीटों पर विपक्षी गठबंधन को बढ़त मिली है। हेमंत सोरेन के जेल में रहने से विपक्षी गठबंधन को लोगों की सहानुभूति मिलने की उम्मीद की जा रही है। विधानसभा चुनाव में भी झामुमो को इस सहानुभूति का फायदा हो सकता है। भाजपा भ्रष्टाचार के मुद्दे को जोर-शोर से उठा रही है। हालांकि भगवा पार्टी राज्य में किसी लोकप्रिय चेहरे की कमी से जूझ रही है। जिसके चलते विधानसभा चुनाव में भाजपा और विपक्षी गठबंधन के बीच कड़ी टक्कर होने की उम्मीद है। 


2020 में झारखंड विधानसभा चुनाव का परिणाम



दिल्ली विधानसभा चुनाव
दिल्ली की सभी सातों सीटों पर भाजपा जीत की तरफ बढ़ रही है। दिल्ली में अगले साल की शुरुआत में ही विधानसभा चुनाव हो सकते हैं। दिल्ली सीएम और आम आदमी पार्टी के कई नेता शराब घोटाले के मामले में जेल में हैं। दिल्ली पर आम आदमी पार्टी की अच्छी खासी पकड़ है, लेकिन दिल्ली शराब घोटाले के मुद्दे पर आप पार्टी सवालों के घेरे में है। ऐसे में देखने वाली बात ये होगी कि विधानसभा चुनाव में दिल्ली की जनता कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे पर दिल्ली सरकार को सत्ता से बाहर करती है और लोकसभा चुनाव की तरह भाजपा पर भरोसा जताती है, या फिर सहानुभूति, फ्री बिजली पानी के मुद्दे पर दिल्ली की आप सरकार को समर्थन जारी रखती है। 



2020 के दिल्ली विधानसभा चुनाव का ऐसा था परिणाम
 

 
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