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Karnataka: अमित शाह के रोड शो पर डीके शिवकुमार ने कसा तंज, बोले- कार्यकर्ता एकजुट नहीं इसलिए कर रहे ऐसा काम

Sun, 31 Mar 2024 03:59 PM IST
मिथिलेश नौटियाल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू Published by: मिथिलेश नौटियाल Updated Sun, 31 Mar 2024 03:59 PM IST
सार

कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि अमित शाह ने चन्नापटना को इसलिए चुना क्योंकि यहां भाजपा और जनता दल (सेक्युलर) के कार्यकर्ता एकजुट नहीं हैं। इन कार्यकर्ताओं के बीच आए दिन लड़ाई होती रहती है। यहां तक कि स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान भी ये कार्यकर्ता साथ काम नहीं कर रहे हैं।

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Amit Shah holding road show in Bangalore Rural as BJP-JD(S) workers are not united there says Shivakumar
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

भारतीय जनता पार्टी के स्टार प्रचारक और केंद्रीय मंत्री अमित शाह दो अप्रैल से कर्नाटक में अपने चुनाव अभियान की शुरुआत करेंगे। दो अप्रैल को बंगलूरू ग्रामीण लोकसभा क्षेत्र के चन्नापटना में उनका रोड शो होगा। इस पर कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने तंज कसा है। 

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इसलिए रोड शो कर रहे हैं शाह- डीके शिवकुमार
डीके शिवकुमार ने कहा कि अमित शाह ने चन्नापटना को इसलिए चुना क्योंकि यहां भाजपा और जनता दल (सेक्युलर) के कार्यकर्ता एकजुट नहीं हैं। इन कार्यकर्ताओं के बीच आए दिन लड़ाई होती रहती है। यहां तक कि स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान भी ये कार्यकर्ता साथ काम नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस वजह से अमित शाह वहां से अपना अभियान शुरू कर रहे हैं।  उन्होंने कहा बीजेपी और जनता दल (सेक्युलर) अमित शाह को वहां इसलिए ला रहे हैं ताकि लोगों को बता सकें कि वे एकजुट हैं। उन्होंने सवाल किया कि अब तक दोनों पार्टियों की संयुक्त कार्यकर्ताओं की बैठक क्यों नहीं की गई?
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बंगलूरू ग्रामीण से चुनाव लड़ रहे हैं शिवकुमार के भाई
शिवकुमार के भाई और मौजूदा सांसद डी के सुरेश बेंगलुरु ग्रामीण से कांग्रेस के उम्मीदवार हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में डी के सुरेश कांग्रेस के एकमात्र उम्मीदवार थे, जिन्होंने जीत हासिल की थी। उस समय कांग्रेस जनता दल (सेक्युलर) के साथ गठबंधन में थी। जबकि क्षेत्रीय पार्टी ने एक सीट जीती थी, भाजपा ने 25 सीटें जीतकर चुनाव जीत लिया था। इस बार भाजपा ने डॉ. सीएन मंजूनाथ को इस सीट से मैदान में उतारा है। मंजूनाथ जनता दल (सेक्युलर) के संरक्षक हैं और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के दामाद हैं।
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डीके शिवकुमार का कहना है कि भाजपा और जनता दल (सेक्युलर) के नेता पहले एक-दूसरे पर हमला करते थे, और अब एक साथ आ गए हैं।

कर्नाटक में दो चरणों में होगा मतदान 
इस बार आम चुनाव में कर्नाटक में कुल मतदाताओं की संख्या 5.21 करोड़ है। इनमें से 2.62 करोड़ पुरुष मतदाता और 2.59 करोड़ महिला मतदाता हैं। कर्नाटक में कुल मिलाकर 28 लोकसभा सीटें हैं। इन सीटों पर दूसरे और तीसरे चरण में मतदान होगा। 26 अप्रैल को 14 लोकसभा सीटों के लिए दूसरे चरण का मतदान होगा। 7 मई को बाकी 14 सीटों के लिए तीसरे चरण का मतदान होगा। 


2019 में बीजपी ने दर्ज की थी बड़ी जीत
साल 2019 के लोकसभा चुनाव की बात करें, तो यहां से बीजेपी ने बड़ी जीत हासिल की थी। बीजेपी ने प्रदेश की 27 लोकसभा सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे। इसमें से 25 सीटों पर बीजेपी को जीत हासिल हुई थी। इसके अलावा एक सीट से बीजेपी की सहयोगी सुमालता को जीत मिली थी। कांग्रेस ने 21 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे। इनमें से सिर्फ एक सीट पर ही कांग्रेस को जीत मिली थी। जनता दल (सेक्युलर) ने सात सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें से सिर्फ एक सीट पर ही जीत हासिल हुई थी।

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