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विदेश से एमबीबीएस के अब क्या हैं विकल्प, किन देशों में सस्ती है MBBS की पढ़ाई, जानें कब तक होंगे आवेदन
Mon, 30 Sep 2024 05:47 PM IST
Pushpendra Mishra
Media Solution Initiative
Media Solution Initiative
Published by: Pushpendra Mishra
Updated Mon, 30 Sep 2024 05:47 PM IST
सार
भारत में काउंसिलिंग राउंड से गुजरते हुए अपनी सीट करें आरक्षित, अधिक जानकारी के लिए Safalta - MOKSH टोल फ्री नंबर: 1800-571-0202 पर अभी कॉल करें।
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Study mbbs abroad
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
भारत से प्रति वर्ष तकरीबन 25 हजार युवा विदेश की टॉप यूनिवर्सिटीज के MBBS प्रोग्राम्स में दाखिला लेते हैं। क्योंकि भारत में काउंसिलिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद ज्यादातर छात्र जिनको भारत में सीट नहीं मिली विदेशी यूनिवर्सिटी का रुख करते हैं। लेकिन इस वर्ष भारत में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी वाले मामले के कारण सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित रहा और तकरीबन 50 दिन बर्बाद हो गए। ऐसे में विदेशी यूनिवर्सिटीज की दाखिला प्रक्रिया जोकि जून-जुलाई में शुरू हो जाती है, बिना किसी व्यवधान के सुचारू रूप से चलती रही। इस वर्ष भी विदेश में MBBS सीटों के लिए भारत से बड़ी संख्या में छात्रों ने अपना पंजीकरण करा लिया है। वहीं बाकी छात्र MCC काउंसिलिंग के पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं। जैसा कि विदित है कि अंतराष्ट्रीय यूनिवर्सिटीज अपनी प्रवेश प्रक्रिया की तिथियों में भारत में आई अनिश्चितता से बदलाव नहीं करेंगे। तो अब भारत में नीट क्वालीफाइड छात्रों के पास एक ही विकल्प बचा है कि एमसीसी काउंसिलिंग राउंड में भाग लें और विदेश में MBBS के लिए अपनी सीट आरक्षित करें। इससे यह तो तय होगा कि अगर आपको भारत में सीट नहीं मिली तो कम से कम विदेश में तो एमबीबीएस सीट मिल जाएगी। जिससे आपके कॅरिअर का एक साल बच जाएगा। क्योंकि जॉर्जिया, कजाकिस्तान, रूस, चीन आदि देशों की ज्यादातर यूनिवर्सिटीज वीजा जारी करने से पहले ट्यूशन फीस का भुगतान नहीं लेतीं।
नीचे दी गई तालिका के अनुसार, हर साल 8 देशों में भारतीय छात्रों द्वारा लगभग 20,000 मेडिकल सीटें भरी जाती हैं। अगस्त के महीने में, विभिन्न देशों में उपलब्ध सीटें नीचे दी गई तालिका में दी गई हैं। सरकारी सलाह के अनुसार, बांग्लादेश और किर्गिस्तान छात्रों के लिए यात्रा करने के लिए सुरक्षित नहीं हैं और इसलिए कजाकिस्तान अक्तूबर, 2024 में एमबीबीएस विदेश में सीट की तलाश करने वाले अधिकांश छात्रों के लिए एक प्रमुख देश बन रहा है।
यदि आपका NEET स्कोर 500 से कम है और बजट 40 लाख रुपये से कम है, तो शुरुआत से ही विदेश में MBBS से लेकर PG तक के सभी विकल्पों के लिए Safalta - MOKSH टोल फ्री नंबर: 1800-571-0202 पर कॉल करें।
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2024 में विदेश में एमबीबीएस के लिए आपके पास मौजूदा विकल्प
नीचे दी गई तालिका के अनुसार, हर साल 8 देशों में भारतीय छात्रों द्वारा लगभग 20,000 मेडिकल सीटें भरी जाती हैं। अगस्त के महीने में, विभिन्न देशों में उपलब्ध सीटें नीचे दी गई तालिका में दी गई हैं। सरकारी सलाह के अनुसार, बांग्लादेश और किर्गिस्तान छात्रों के लिए यात्रा करने के लिए सुरक्षित नहीं हैं और इसलिए कजाकिस्तान अक्तूबर, 2024 में एमबीबीएस विदेश में सीट की तलाश करने वाले अधिकांश छात्रों के लिए एक प्रमुख देश बन रहा है।
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एमबीबीएस सीटें - ट्यूशन फीस - हॉस्टल + भोजन कुल लागत एडमिशन बजट
यदि आपका NEET स्कोर 500 से कम है और बजट 40 लाख रुपये से कम है, तो शुरुआत से ही विदेश में MBBS से लेकर PG तक के सभी विकल्पों के लिए Safalta - MOKSH टोल फ्री नंबर: 1800-571-0202 पर कॉल करें।
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भारत में MBBS बनाम विदेश में MBBS
NMC द्वारा प्रकाशित नए नियमों के अनुसार, प्रत्येक मेडिकल छात्र को नेशनल एग्जिट टेस्ट (NExT) देना होगा। इसका मतलब है कि चाहे आप एम्स में पढ़ रहे हों या किसी डीम्ड यूनिवर्सिटी में भारी फीस देकर या फिर आप विदेश से स्नातक हों, सभी डॉक्टरों को प्रैक्टिस करने का लाइसेंस पाने के लिए भारत में NExT लाइसेंस परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी। जब NMC भारत और विदेश से स्नातक करने वालों को समान मानता है, तो छात्र भारत में प्रबंधन/NRI सीटों के लिए भारी फीस क्यों चुकाए? भारत में 1 करोड़ रुपये की लागत वाली सीट भी आपको प्रैक्टिस करने का लाइसेंस नहीं दे सकती। भारत में सरकारी MBBS सीट के लिए MCC काउंसलिंग से गुजरने और विदेश में कम लागत वाले शीर्ष रैंक वाले कॉलेज में अपनी सीट आरक्षित करने के विकल्प को चुनना उचित ही है। एमसीसी काउंसलिंग राउंड के साथ-साथ विदेश में एमबीबीएस के लिए मार्गदर्शन पाने के लिए व्यक्तिगत परामर्श स्लॉट के लिए, कृपया MBBS Abroad लिंक पर क्लिक कर रजिस्टर करें।प्रवेश + निकास समाधान के लिए जाएं। जल्दबाजी में प्रवेश न लें
प्रवेश लेना केवल आधा काम पूरा करना है। स्नातक स्तर पर पाठ्यक्रम के अंत में, एक बार जब छात्र भारत वापस लौटता है, तो उसे FMGE की जगह राष्ट्रीय निकास परीक्षा (NExT) के लिए उपस्थित होना पड़ता है। पिछले 10 वर्षों में लाइसेंस परीक्षा (FMGE) के परिणाम स्पष्ट रूप से दिखाते हैं कि MBBS में प्रवेश करने में कोई समस्या नहीं है, लेकिन वास्तविक समस्या बाहर निकलने के दौरान है। स्थानीय MBBS सलाहकार केवल विदेश में MBBS में प्रवेश प्रदान करते हैं, निकास के लिए कोई समाधान नहीं है। आपको ऐसे पेशेवर सेवा प्रदाताओं के पास जाने की आवश्यकता है जो न केवल आपको प्रवेश दे सकते हैं बल्कि आपको NExT / USMLE जैसी लाइसेंस परीक्षाओं में मंजूरी की गारंटी दे सकते हैं। विदेश में MBBS में प्रवेश के लिए अपने समाधान के साथ-साथ एग्जिट परीक्षा कोचिंग के लिए आप अभी Safalta - MOKSH टोल फ्री नंबर: 1800-571-0202 पर कॉल कर सकते हैं।कजाकिस्तान की कोक्शेताउ स्टेट यूनिवर्सिटी, कजाकिस्तान में लाइसेंस बैच की गारंटी
कोक्शेताउ स्टेट यूनिवर्सिटी कजाकिस्तान में MBBS के लिए एकमात्र विश्वविद्यालय है जो भारतीय छात्रों के लिए पेश किए गए अपने एकीकृत NExT बैच के कारण भारत में लाइसेंस के लिए गारंटी प्रदान करता है। इस विश्वविद्यालय में वर्तमान में लगभग 1,000 छात्र अध्ययन कर रहे हैं। इस विश्वविद्यालय में NExT में 100% उत्तीर्ण अनुपात के साथ सफलता का कारण MBBS पाठ्यक्रम में एकीकृत 6 साल की NExT कोचिंग है। छात्र पहले वर्ष से ही NExT के लिए अपनी तैयारी शुरू कर देते हैं और विश्वविद्यालय द्वारा हर सेमेस्टर के आधार पर उनका मूल्यांकन किया जाता है। विश्वविद्यालय केवल पहले 150 छात्रों को 100% छात्रवृत्ति के साथ यह पाठ्यक्रम प्रदान करता है।2024 में विदेश में MBBS के लिए 5 टिप्स
- यदि आपका NEET स्कोर 500 से कम है और पूरे एमबीबीएस कोर्स का बजट 40 लाख रुपये से कम है। तो आपको तुरंत प्लान बी, विदेश से एमबीबीएस को मानना होगा। अन्यथा आप एनईईटी 2025 को दोहराकर एक और वर्ष बर्बाद करेंगे।
- किसी ऐसे एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश न करें जो आपको NExT / USMLE जैसी लाइसेंस परीक्षाओं के लिए तैयार न करता हो। क्योंकि बिना लाइसेंस के इस बात की बहुत संभावना नहीं है कि आप भारत में डॉक्टर बन सकोगे।
- यदि आपका लक्ष्य हृदय रोग विशेषज्ञ, न्यूरोलॉजिस्ट, त्वचा विशेषज्ञ आदि जैसे विशेषज्ञ बनने का है, तो आपको शुरुआत से ही यूएसएमएलई की तैयारी के साथ यूएसए कार्यक्रम में एमबीबीएस + पीजी का विकल्प चुनना चाहिए।
- वर्तमान में कजाकिस्तान में एमबीबीएस सबसे अच्छा और सबसे सस्ता विकल्प है, यहां आप शीर्ष रैंक वाले सरकारी कॉलेज कोक्शेताउ स्टेट यूनिवर्सिटी में इंटीग्रेटेड एनईएक्सटी प्रोग्राम में दाखिला ले सकते हैं। जहां आप एनईएक्सटी की तैयारी भी कर लेगें। इस यूनिवर्सिटी में भारत से पहले 150 आवेदकों को NExT कोचिंग नि:शुल्क कराई जाती है। यानी पूरी कोचिंग फीस माफ कर दी जाती है।
- यदि आपका बजट अधिक है जैसे कि INR 45 लाख +, तो आप जॉर्जिया में एमबीबीएस + संयुक्त राज्य अमेरिका में पीजी के लिए जॉर्जिया विश्वविद्यालय में एकीकृत अमेरिकी कार्यक्रम के लिए आवेदन करना चुन सकते हैं।
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