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West Bengal: राज्यपाल ने बंगाल के सात विश्वविद्यालयों में की अंतरिम कुलपतियों की नियुक्ति, पढ़ें पूरी खबर

Mon, 04 Sep 2023 12:48 AM IST
गुलाम अहमद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: गुलाम अहमद Updated Mon, 04 Sep 2023 12:48 AM IST
सार

सूत्रों ने कहा कि नौ अन्य विश्वविद्यालयों में भी जल्द अंतरिम कुलपतियों की नियुक्ति की जाएगी।

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West Bengal Governor Ananda Bose appoints interim VCs of seven universities
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने राज्य संचालित विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति के रूप में प्रेसीडेंसी विश्वविद्यालय, एमएकेएयूटी और बर्दवान विश्वविद्यालय सहित सात विश्वविद्यालयों में अंतरिम कुलपतियों की नियुक्ति की है। प्रोफेसर राज कुमार कोठारी को पश्चिम बंगाल राज्य विश्वविद्यालय का अंतरिम वीसी नियुक्त किया गया है। रवींद्र भारती विश्वविद्यालय के अंतरिम वीसी जस्टिस शुभ्रकमल मुखर्जी को प्रेसीडेंसी विश्वविद्यालय का भी प्रभार सौंपा गया है।

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प्रोफेसर देबब्रत बसु को उत्तर बंग कृषि विश्वविद्यालय, प्रोफेसर तपन चंदा को मौलाना अबुल कलाम आजाद प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, प्रोफेसर गौतम चक्रवर्ती को बर्दवान विश्वविद्यालय, प्रोफेसर इंद्रजीत लाहिड़ी को नेताजी सुभाष ओपन यूनिवर्सिटी और प्रोफेसर श्याम सुंदर दाना को पश्चिम बंगाल पशु एवं मत्स्य विज्ञान विश्वविद्यालय का अंतरिम वीसी नियुक्त किया गया है। सूत्रों ने कहा कि नौ अन्य विश्वविद्यालयों में भी जल्द अंतरिम कुलपतियों की नियुक्ति की जाएगी।
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नौ अन्य विश्वविद्यालयों के अंतरिम कुलपतियों का चयन
सूत्रों ने कहा कि नौ अन्य विश्वविद्यालयों के अंतरिम कुलपतियों का चयन कर लिया गया है, जल्दी ही उनके नियुक्ति पत्र जारी किए जाएंगे। उन्होंने कहा, राज्यपाल ने छात्रों की समस्याओं को दूर करने के लिए यह निर्णय लिया। सूत्रों ने कहा कि जिन नौ विश्वविद्यालयों के अंतरिम कुलपतियों के नामों को अंतिम रूप दिया गया है, उनमें से पांच विश्वविद्यालय ऐसे हैं जिनके कार्यवाहक कुलपतियों ने पहले ही इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों ने कहा कि अंतरिम कुलपतियों के चयन में पात्रता, उपयुक्तता, योग्यता, इच्छा और अन्य मानदंडों का पालन किया गया।
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वीसी नियुक्ति में राज्य सरकार की सहमति जरूरी नहीं
इससे पहले एक इंटरव्यू में राज्यपाल बोस ने कहा था कि कलकत्ता हाईकोर्ट ने यह कहा है कि कुलपतियों की नियुक्तियों में राज्यपाल को राज्य सरकार से परामर्श करने की जरूरत है। लेकिन राज्यपाल को वीसी नियुक्ति में राज्य की सहमति की आवश्यकता नहीं है। राज्यपाल का कहना है कि विश्वविद्यालय से संबंधित कानून में यह नहीं कहा गया है कि एक कुलपति को शिक्षाविद होना अनिवार्य है। उन्होंने कहा, किसी को भी अंतरिम वीसी के रूप में नियुक्त किया जा सकता है। मैंने एक पूर्व मुख्य न्यायाधीश और एक सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी को उनकी योग्यता को देखते हुए कार्यवाहक वीसी के रूप में नियुक्त किया है।

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