UPPSC: उत्तर प्रदेश में नौकरी छोड़ने के लिए मांगे गए आवेदन, ये है कारण
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC - Uttar Pradesh Public Service Commission) ने नौकरी लेने नहीं बल्कि छोड़ने के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। यूपीपीएससी के इतिहास में शायद पहली बार ऐसा हो रहा है जब अभ्यर्थियों को लोक सेवा आयोग की नौकरी के लिए किया गया आवेदन वापस लेने के लिए कहा है।
आगे पढ़ें, आयोग ने क्या कहा
कुछ दिनों पहले आयोग द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि 'आरओ व एआरओ -2017 के जिन अभ्यर्थियों का चयन अन्य परीक्षाओं के माध्यम से उच्च पदों पर हो चुका है, और वे अपना आरओ/एआरओ की परीक्षा में शामिल नहीं होना चाहते, तो आयोग को आवेदन दें।' आयोग ऐसा इसलिए कर रहा है ताकि कोई पद खाली न रह जाए।
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अभ्यर्थी कर रहे वेटिंग लिस्ट की मांग
इस विज्ञप्ति के जारी होने के बाद उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की सभी परीक्षाओं में प्रतीक्षा सूची (waiting list) जारी किए जाने की मांग ने फिर तेजी पकड़ ली है। बीस साल पहले आयोग वेटिंग लिस्ट जारी करता था। लेकिन बाद में इस व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया। अभ्यर्थियों ने मांग की है कि 20 साल पुरानी व्यवस्था को पुन: लागू किया जाए। प्रतीक्षा सूची जारी न होने के कारण आयोग की कई प्रतियोगी परीक्षाओं में पद खाली रह जा रहे हैं।
अभ्यर्थियों का कहना है कि आयोग अगर 20 साल पुरानी व्यवस्था लागू कर दे तो अभ्यर्थियों से आवेदन वापस लेने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।
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अभ्यर्थियों ने आवेदन नहीं किया तो खाली रह जाएंगे पद
आयोग ने रिक्त पदों को भरने के लिए कवायद भले ही शुरू की हो लेकिन कोई अभ्यर्थी अगर आरओ/एआरओ परीक्षा में चयनित होने के बाद भी ज्वाइन नहीं करता है और न ही अपना अभ्यर्थन निरस्त कराने के लिए आवेदन करता है, तो पदों का खाली रह जाना तय है। यही वजह है कि अभ्यर्थी प्रतीक्षा सूची जारी करने की मांग कर रहे हैं ताकि पद शतप्रतिशत भरे जा सकें।