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जम्मू-कश्मीर में 30 फीसदी स्टाफ के साथ खुले विश्वविद्यालय और कॉलेज, पर नहीं हो रही कक्षाएं
Fri, 08 May 2020 02:29 PM IST
ललित फुलारा
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: ललित फुलारा
Updated Fri, 08 May 2020 02:29 PM IST
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विद्यार्थी (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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जम्मू कश्मीर में 30 फीसदी स्टाफ के साथ प्रशासनिक कार्य के लिए कॉलेज और विश्वविद्यालय खुल गए हैं। लेकिन कक्षाओं का संचालन नहीं हो रहा है, क्योंकि सरकार ने 30 मई तक कक्षाओं के संचालन पर रोक लगाई है। उच्च शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालय, डिग्री कॉलेज और आईटीआई संस्थानों को तीस फीसदी स्टाफ के साथ फिर से खोलने की अनुमति दी है, लेकिन कक्षाओं का संचालन नहीं होगा।
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विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में प्रशासनिक कार्य के लिए स्टाफ पहुंचने भी लगा है। विश्वविद्यालयों के कुलपति और कॉलेजों के प्रिंसिपल 30 फीसद स्टाफ के साथ रोटेशन पर काम करेंगे। ये लोग कॉपियों के मूल्यांकन प्रक्रिया के साथ ही प्रशासनिक और अकादमिक कार्य के साथ ही अन्य गतिविधियों का काम करेंगे। इस संबंध में जारी एक सरकारी आदेश में कहा गया है कि कुलपति, विभागों के प्रमुख, और सरकारी डिग्री कॉलेजों, पॉलिटेक्निक कॉलेजों और आईटीआई के प्रिंसिपलों के कार्यालय "प्रशासन के हित में" रोटेशन के आधार पर न्यूनतम 30 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ काम करना शुरू करेंगे।
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गौरतलब है कि इस वक्त देश में कोरोना वायरस से बचाव के लिए तीसरे चरण का लॉकडाउन चल रहा है जो कि 17 मई तक है। लॉकडाउन की वजह से स्कूल, कॉलेज और उच्च शिक्षण संस्थान बंद हैं। विद्यार्थियों को ऑनलाइन शिक्षा दी जा रही है। लॉकडाउन के दौरान जम्मू-कश्मीर में प्रशासनिक कार्य के लिए कॉलेज, विश्वविद्यालय और इंस्टीट्यूट खुल गए हैं। इन संस्थानों में कर्मचारी और शिक्षक कार्य के लिए पहुंच भी रहे हैं।
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