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Professor Recruitment Rule: यूजीसी नेट या पीएचडी वाले विषय में बन सकेंगे शिक्षक; एनईपी के तहत संशोधन की तैयारी
Thu, 02 Jan 2025 07:46 AM IST
शिवम गर्ग
सीमा शर्मा
सीमा शर्मा
Published by: शिवम गर्ग
Updated Thu, 02 Jan 2025 07:46 AM IST
सार
Professor Recruitment Rule: विश्वविद्यालयों में अब यूजीसी नेट या पीएचडी वाले विषयों में ही शिक्षक बना जा सकेगा। शिक्षक बनने के लिए पहले एक ही विषय में स्नातक, परास्नातक और पीएचडी होना जरूरी था। इसका मकसद उच्च शिक्षा में छात्रों को विभिन्न विषयों की पढ़ाई करने के लिए प्रेरित करना है।
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UGC
- फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
Professor Recruitment Rule: विश्वविद्यालयों में अब यूजीसी नेट या पीएचडी वाले विषयों में ही शिक्षक बना जा सकेगा। शिक्षक बनने के लिए पहले एक ही विषय में स्नातक(यूजी), परास्नातक (पीजी) और पीएचडी होना जरूरी था। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)2020 के तहत विश्वविद्यालयों का शिक्षक बनने की प्रक्रिया में लचीलापन लाया जा रहा है। इसका मकसद उच्च शिक्षा में छात्रों को विभिन्न विषयों की पढ़ाई करने के लिए प्रेरित करना है।
इसके अलावा प्रमोशन में अब शोधपत्र, स्टार्टअप, उद्यमिता, नवाचार, पेटेंट, उद्योग साझेदारी आदि के मूल्यांकन सहायक होंगे। इसके अलावा, असिस्टेंट प्रोफेसर से एसोसिएट और प्रोफेसर के पद पर प्रमोशन के लिए पीएचडी व फैकल्टी डेवलेपमेंट प्रोग्राम की ट्रेनिंग अनिवार्य होगी। सूत्रों के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर रोजगार में लगातार बदलाव आ रहा है। अब साधारण डिग्री, पांरपरिक तरीके से विषयों के किताबी ज्ञान से छात्रों को तैयार नहीं किया जा सकता है।
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असिस्टेंट प्रोफेसर से एसोसिएट प्रोफेसर 12 साल में बन तो जाएंगे, लेकिन प्रमोशन में मूल्यांकन प्रक्रिया बदल जाएगी। इसका मकसद गुणवत्ता में सुधार, आम लोग, समाज व विश्वविद्यालय हित पर फोकस करना है। इससे विभिन्न विषयों में शोध के लिए प्रेरित किया जा सकेगा। इसके साथ ही शिक्षक भी नए विचारों से दक्ष होंगे।
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इसके अलावा प्रमोशन में अब शोधपत्र, स्टार्टअप, उद्यमिता, नवाचार, पेटेंट, उद्योग साझेदारी आदि के मूल्यांकन सहायक होंगे। इसके अलावा, असिस्टेंट प्रोफेसर से एसोसिएट और प्रोफेसर के पद पर प्रमोशन के लिए पीएचडी व फैकल्टी डेवलेपमेंट प्रोग्राम की ट्रेनिंग अनिवार्य होगी। सूत्रों के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर रोजगार में लगातार बदलाव आ रहा है। अब साधारण डिग्री, पांरपरिक तरीके से विषयों के किताबी ज्ञान से छात्रों को तैयार नहीं किया जा सकता है।
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रेग्यूलेशन 2018 में संशोधन की तैयारी
इन्हीं जरूरतों और बदलाव को देखते हुए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) अपने रेग्यूलेशन 2018 में संशोधन की तैयारी कर रहा है। उसकी जगह यूजीसी रेग्यूलेशन 2024 आएगा। इससे यूजीसी के मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में शिक्षक बनने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव होगा।
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असिस्टेंट प्रोफेसर से एसोसिएट प्रोफेसर 12 साल में बन तो जाएंगे, लेकिन प्रमोशन में मूल्यांकन प्रक्रिया बदल जाएगी। इसका मकसद गुणवत्ता में सुधार, आम लोग, समाज व विश्वविद्यालय हित पर फोकस करना है। इससे विभिन्न विषयों में शोध के लिए प्रेरित किया जा सकेगा। इसके साथ ही शिक्षक भी नए विचारों से दक्ष होंगे।
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