Ju Ragging Case: जेयू की यूजीसी को भेजी गई रिपोर्ट 'असंतोषजनक', एम जगदीश कुमार ने दी जानकारी
Ju Student Death: छात्र की मौत के मामले में जादवपुर विश्वविद्यालय विवाद के घेरे में फंसता चला जा रहा है। जेयू ने जो रिपोर्ट यूजीसी को भेजी थी, अब उसको लेकर यूजीसी के चेयरमेन ने कहा है कि वह रिपोर्ट 'असंतोषजनक' है। पूरा मामला क्या है नीचे पढ़िए।
विस्तार
JU Ragging Case: छात्र की मौत मामले में जादवपुर विश्वविद्यालय की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। मामला काफी तूल पकड़ चुका है। विश्वविद्यालय से छात्र की मौत वाले मामले पर एक रिपोर्ट भी मांगी गई थी। जेयू की ओर से यह रिपोर्ट विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) को भेजी गई थी। इस रिपोर्ट पर यूजीसी के चेयरमेन, एम जगदीश कुमार का बयान आया है। उन्होंने इस रिपोर्ट को 'असंतोषजनक' बताया है।
रैगिंग है एक गंभीर मुद्दा
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष, एम जगदीश कुमार ने कहा कि यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) ने पाया है कि जादवपुर विश्वविद्यालय द्वारा भेजा गया दूसरा उत्तर असंतोषजनक है। यूजीसी जल्द ही विस्तृत स्पष्टीकरण और कार्रवाई के लिए विश्वविद्यालय को फिर से लिखेगा। रैगिंग एक गंभीर मुद्दा है, और जादवपुर विश्वविद्यालय को अपने छात्रों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के लिए यूजीसी के नियमों का पालन करना चाहिए।
यूजीसी ने दिए हैं एंटी रैगिंग सुझाव
जादवपुर विश्वविद्यालय के स्नातक प्रथम वर्ष के छात्र की मौत के मामले में अब तक कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले कल, यानी रविवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी कहा था कि यूजीसी को सौंपी गई जेयू की रिपोर्ट 'संतोषजनक नहीं' है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि यूजीसी ने एंटी-रैगिंग प्रणाली पर कुछ सुझाव दिए हैं, जिसमें सीसीटीवी कैमरे लगाना, रैगिंग के मामलों से निपटने के लिए एक अलग सेल और संचार सुविधा शामिल है।
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