फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   Success Stories ›   UPSC Success Story of IAS Vishal Kumar 484 Rank in CSE Muzzafarpur Bihar Inspiring Motivational Story In Hindi

UPSC Success Story: घर चलाने के लिए मां ने बकरी पाली, टीचर ने दिया पढ़ाई का खर्च, अब फहराया यूपीएससी में परचम 

Fri, 03 Mar 2023 09:36 AM IST
सुभाष कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: सुभाष कुमार Updated Fri, 03 Mar 2023 09:36 AM IST
सार

Inspiring UPSC Success Story: यूपीएससी में सफलता प्राप्त करने वाले विशाल बेहद गरीब घर से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता की साल 2008 में मौत हो गई थी। वे ही मजदूरी करके अपने घर का पालन-पोषण करते थे।

विज्ञापन
UPSC Success Story of IAS Vishal Kumar 484 Rank in CSE Muzzafarpur Bihar Inspiring Motivational Story In Hindi
IAS Officer Vishal Kumar UPSC CSE Success Story - फोटो : Social Media

विस्तार

IAS Officer Vishal Kumar 484 Rank in UPSC CSE Success Story: मेहनत और लगन से किसी भी मंजिल को कैसे प्राप्त  करते हैं यह बीते दिन यूपीएससी की ओर से जारी किए गए सिविल सेवा परीक्षा के परिणाम में सफल उम्मीदवारों ने साबित किया है। देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली परीक्षा में सफलता प्राप्त करके इन उम्मीदवारों ने साबित कर दिया है कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता।

विज्ञापन

इसके आगे कोई भी संघर्ष बड़ा नहीं होता। ऐसी ही कई सफल उम्मीदवारों की कहानियां बीते दिन से ही सभी के सामने आ रही हैं। इसी कड़ी में हम लेकर आए हैं, बिहार के विशाल की कहानी, जो अपने आप में संघर्ष और इसके बाद मिली सफलता की असल कहानी है। 

विज्ञापन

यह भी पढ़ें : IAS Sreenath K Success Story: मिलिए उस कुली से, जिसे रेलवे स्टेशन के Free WiFi ने बना दिया आईएएस अधिकारी 

विज्ञापन
विज्ञापन

विशाल ने 484वां रैंक प्राप्त किया

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के रहने वाले विशाल ने संघ लोक सेवा आयोग UPSC द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा-2021 में 484वां रैंक प्राप्त की। उनकी इस सफलता के बाद मीनापुर प्रखंड स्थित उनके गांव मकसूदपुर में जश्न का माहौल बन गया। घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा। अब कोई उनकी मिसाल देता है तो कोई उनसे प्रेरणा ले रहा है। 

यह भी पढ़ें : UPSC Topper Gamini Singla (Air 3): सेल्फ स्टडी से गामिनी बनीं यूपीएससी टॉपर, दो साल तक रोज इतने घंटे की थी पढ़ाई 

मां करती है बकरी पालन

यूपीएससी में सफलता प्राप्त करने वाले विशाल बेहद गरीब घर से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता की साल 2008 में मौत हो गई थी। वे ही मजदूरी करके अपने घर का पालन-पोषण करते थे। उनके जाने के बाद घर के हालात बेहद खराब हो गए थे। इसके बाद विशाल की मां रीना देवी ने बकरी और भैंस पालकर अपने परिवार का भरण पोषण किया। 

सफलता का श्रेय परिवार और शिक्षक को

विशाल अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपने परिवार और अपने अध्यापक गौरी शंकर प्रसाद को देते हैं। विशाल के अनुसार गौरी शंकर ने मुश्किल हालात में उनकी बहुत मदद की है। उन्होंने विशाल के पढ़ाई की फीस दी। पैसों की तंगी के समय अपने ही घर में रखा। जब विशाल नौकरी करने लगे थे तब अध्यापक ने ही उन्हें नौकरी छोड़कर यूपीएससी की तैयारी करने को प्रोत्साहित किया। इस दौरान भी अध्यापक गौरी शंकर ने उनकी आर्थिक मदद की। 

यह भी पढ़ें : UPSC Topper Shurti Sharma: चार साल की कड़ी मेहनत से बनीं यूपीएससी टॉपर, पढ़ें श्रुति शर्मा की सफलता की कहानी

पिता कहते थे बेटा बड़ा आदमी बनेगा

विशाल के स्वर्गीय पिता बिकाउ प्रसाद कहा करते थे कि उनका बेटा पढ़-लिखकर बड़ा आदमी बनेगा। विशाल ने आखिरकार उनका सपना सच कर दिया है। विशाल ने साल 2011 में मैट्रिक में टॉप किया था। इसके बाद उन्होंने साल 2013 में आईआईटी कानपुर में प्रवेश लिया था। यहां से पास आउट होने के बाद विशाल ने रिलायंस कंपनी में जॉब की थी। अध्यापक गौरी शंकर के अनुसार विशाल शुरू से ही पढ़ने में काफी अच्छा था। पिता की मौत के बाद उसने और अधिक मेहनत करनी शुरू की और आज सफलता के इस मुकाम को हासिल किया है। 

यह भी पढ़ें : UPSC Topper 2021 Ankita Agarwal (Air 2): आईआरएस अंकिता तीसरे प्रयास में बनीं सेकंड टॉपर, अब आईएएस बन, करेंगी ये काम

इधर, दुकानदार के बेटे ने हासिल की सफलता

महाराष्ट्र के लातूर में एक दुकानदार के बेटे ने सिविल सेवा परीक्षा, 2021 में सफलता प्राप्त की है। उदगीर तहसील के रामेश्वर सुधाकर सबनवाड़ ने बीते दिन जारी हुए सिविल सेवा परीक्षा, 2021 के परिणाम में 202वीं रैंक प्राप्त की है। रामेश्वर ने अपनी शुरुआती पढ़ाई लातूर के जवाहर नवोदय विद्यालय से की है। इसके बाद उन्होंने पुणे से अपनी इंजीनियरिंग पूरी की है। रामेश्वर के अनुसार उन्होंने अपने दूसरे प्रयास में सिविल सेवा परीक्षा में सफलता पाई है। 


दुकानदार हैं रामेश्वर के पिता

रामेश्वर के पिता दुकान चलाते हैं तो वहीं, उनकी माता हाउस वाइफ हैं। उनकी सफलता के बाद से घर में जश्न का माहौल है। इस साल यूपीएससी की परीक्षा में कुल 685 उम्मीदवारों का चयन हुआ है। इनमें 508 पुरुष और 177 महिला उम्मीदवार हैं। 

यह भी पढ़ें : UPSC Success Story: पढ़ाई में गोल्ड मेडल पाया, बॉलीवुड फिल्में भी कीं, फिर एक ही प्रयास में बनीं आईपीएस अधिकारी
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Education News in Hindi related to careers and job vacancy news, exam results, exams notifications in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Education and more Hindi News.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed