फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   Success Stories ›   This Chattisgarh farmer is transforming the lives of visually-challenged children

भूखा रहकर बनाता है अक्षम बच्चों को भविष्य, गरीब किसान को कीजिए सलाम

Wed, 06 Jul 2016 11:15 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 06 Jul 2016 11:15 AM IST
विज्ञापन
This Chattisgarh farmer is transforming the lives of visually-challenged children

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ के एक छोटे से गांव में रहने वाले ये किसान 30 नेत्रहीन बच्चों के जीवन में रोशनी भर रहे हैं। बरुन कुमार प्रधान अमलीडीह गांव में नेत्रहीन बाल विद्यामंदिर नाम का एक स्कूल चलाते हैं जिसमें नेत्रहीन गरीब बच्चों को पढ़ाया जाता है। 

विज्ञापन


उन्होंने ये स्कूल 2014 में शुरु किया था और तब से अब तक उनके स्कूल में लगभग उस समय ये दोगुने छात्र पढ़ने आते हैं। सबसे बड़ी बात ये है कि इस स्कूल में पढ़ाने वाले 5 शिक्षक भी शारीरिक रुप से अक्षम हैं। 
विज्ञापन


इस स्कूल को सरकार से कोई मदद नहीं मिलती। बस कुछ बुद्धिजीवी लोग स्कूल चलाने में उनकी आर्थिक मदद करते हैं।

ये स्कूल छठवीं कक्षा तक है जो पढ़ाई के साथ-साथ स्पोर्टस् के लिए भी बच्चों को प्रेरित करता है। साथ ही ये गरीब बच्चों को मुफ्त में रहने के लिए छत भी देता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

नेत्रहीन बच्चों को सड़क पर भीख मांगते नहीं देखना चाहता

This Chattisgarh farmer is transforming the lives of visually-challenged children

बरुन कहते हैं कि 'मैं नहीं चाहता कि कोई भी नेत्रहीन बच्चा सड़क पर भीख मांगे। मैं उनको उनके पैर पर खड़ा देखना चाहता हूं और चाहता हूं कि उनका भविष्य बहुत उज्ज्वल हो। इस साल नए एकेडमिक सेशन में हम 60 बच्चों के दाखिले की उम्मीद कर रहे हैं।

छठवीं कक्षा का एक नेत्रहीन छात्र अजय मेहर बताता है कि 'मैंने तो कभी नहीं सोचा था कि मैं स्कूल जा पाउंगा। यहां पढ़कर मुझमें आत्मविश्वास आ गया है। मैं बड़ा होकर एक शिक्षक बनना चाहता हूं और पिछड़े क्षेत्रों में ज्ञान की रोशनी फैलाना चाहता हूं'।

आज बरुन के गांव का हर शख्स उन्हें अपना प्रेरणास्रोत मानता है। ये कहानी आपको कैसी लगी? आप अपने विचार कमेंट बॉक्स के माध्यम से हम तक पहुंचा सकते हैं। आप इसे सोशल मीडिया पर शेयर भी कर सकते हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग बरुन की कहानी से प्रेरित हो सकें।  

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Education News in Hindi related to careers and job vacancy news, exam results, exams notifications in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Education and more Hindi News.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed