फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   Success Stories ›   the son of the country Has Spent 17 Years Writing 3,000 Letters to Families of Indian Army Martyrs

एक बेटा ऐसा भी जो पिछले 17 सालों से शहीदों के परिवार वालों को लिख रहा है चिट्ठी

Sun, 03 Jul 2016 07:27 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Sun, 03 Jul 2016 07:27 AM IST
विज्ञापन
the son of the country  Has Spent 17 Years Writing 3,000 Letters to Families of Indian Army Martyrs
जितेंदर

शहीदों को याद करने वाले तो बहुत होते है पर उनके परिवार वालों को याद करने वाले लोग बहुत ही कम होते है।

विज्ञापन


देश का एक बेटा ऐसा भी है जो सीमा पर शहीद होने वोले जवानों के परिवार वालों को याद करता है और जवानों के परिवार वालों को सांत्वना पत्र लिखता है।

अपने इन पत्रों में देश का यह बेटा शहीदों के सम्मान में पत्र लिख कर यह उनके परिवार वालों का हिम्मत बधाता है। यह ये काम वह अपने खर्च पर  पिछले 17 सालों से कर रहे है और अब तक यह करीब तीन हजार पत्र लिख चुके है।

सुरत में एक प्राइवेट फर्म में सिक्योरिटी गार्ड का काम कर रहे 37 वर्षीय जितेंदर खुद भी अर्मी से सेवा निवृत है।

जितेंदर का कहना है कि मैं कारगील की लड़ाई के समय से ही सीमा पर शहीद हुए जवानों के परिवार वालों को फत्र लिख रहा हूं और मैं अपने इस काम को अपना कर्तव्य मानता हूं।

विज्ञापन

जितेंदर ने बताय की मैं पूरी शिद्दत के साथ शहीदों के परिवार वालों को पत्र लिखते है।

the son of the country  Has Spent 17 Years Writing 3,000 Letters to Families of Indian Army Martyrs
जितेंदर

क्योंकि हमारे जावन सीमा की कठिन परिस्थितियों में हर मौसम में हर वक्त देश की सेवा करते रहते हैं वो देश का ख्याल रखते है तो हमें भी जवान और सीमा पर शहीदों के परिवार वालों का ध्यान रखना चाहिए।

शहीदों के और उनके परिवार वालों का ख्याल रखने की यह मेरी छोटी सी कोशिश है। जितेंदर ने बताय की मैं पूरी शिद्दत के साथ शहीदों के परिवार वालों को पत्र लिखते है।

जितेंदर ने कहा कि अपने पत्रों के जरिए वो शहीदों के परिवार वालों को अपने के सम्मान में पत्र लिखकर उन्हें एहसास दिलाते है कि वो बहुत भाग्यशाली है। जो उन्होंने इतने महान बेटे को जन्म दिया। 

विज्ञापन

the son of the country  Has Spent 17 Years Writing 3,000 Letters to Families of Indian Army Martyrs
जितेंदर

जितेंदर ने कहते है कि जवानों के परिवार वालों को पत्र लिखने के लिए वह अलग-अलग लोकल अखबारों और सेना के रिकार्ड दस्तावेजों से शहीद जवानों के आवास पते निकाल लेते है। 


जितेंदर ने बताया कि इस बार उन्होंने साल 2003 में जम्मू कश्मीर में हुई आतंकी मुठभेड़ में राजस्थान के जिला भरतपुर के गांव कुखेड़ा में रहने वाले शहीद हरदीप सिंह के पिता को पत्र लिख कर सम्मान व्यक्त किया है।

जितेंदर का कहना है की वो अपने जीवन के बाकी बचें दिनों में लगातर प्रत्येक शहीद जवान के परिवार वालों के पत्र लिखते रहेगें उन्ंहोने कहा की उनकी इच्छा है कि वो अपने जीवन में एक-एक दिन सभी शहीद जवानों के घर जा कर उनके माता-पिता की सेवा करना और चाहते हैं।      

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Education News in Hindi related to careers and job vacancy news, exam results, exams notifications in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Education and more Hindi News.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed