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Success Story: यूपीएससी की तैयारी के दौरान हादसे में मां को खोया, फिर IAS बनकर अंकिता ने खड़ी की मिसाल

Mon, 07 Aug 2023 06:11 PM IST
श्वेता महतो एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: श्वेता महतो Updated Mon, 07 Aug 2023 06:11 PM IST
सार

हरियाणा के रोहतक जिले के मेहम की रहने वाली आईएएस अंकिता चौधरी ने इंडस पब्लिक स्कूल से अपनी पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज से केमिस्ट्री से ग्रेजुएशन पूरी की।

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Success story of IAS Ankita Chaudhary who lost her mother and cleared UPSC with 14th rank in second attempt
IAS Ankita Chaudhary - फोटो : Social Media

विस्तार

देश की सबसे कठिन परीक्षा यूपीएससी को पास करना कोई आसान बात नहीं है, इसके बावजूद हर साल हजारों की संख्या में परीक्षार्थी इस परीक्षा को पास करते हैं। ये सभी इस परीक्षा को पास कर समाज के लिए एक पमिसाल बनाते हैं। उन्हीं परीक्षार्थियों में से एक के बारे में यहां जानेंगे, जिन्होंने अपनी मां को खोने के बाद भी हार नहीं मानी और इन परिस्थितियों से लड़ते हुए आईएएस बनकर समाज के लिए प्रेरणा बनकर उभरी।
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समाज के लिए बनीं प्रेरणा 
हरियाणा के रोहतक जिले के मेहम की रहने वाली आईएएस अंकिता चौधरी ने इंडस पब्लिक स्कूल से अपनी पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज से केमिस्ट्री से ग्रेजुएशन पूरी की। अपने ग्रेजुएशन के दौरान ही उन्होंने यूपीएससी की तैयारी करने की ठानी। आईआईटी दिल्ली से मास्टर की डिग्री हासिल करने के बाद वह यूपीएससी की तैयारी में जुट गईं।
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साधारण परिवार से ताल्लुक रखती हैं अंकिता 
आईएएस अंकिता चौधरी का परिवार बेहद ही साधारण और मिडिल क्लास है। अंकिता के पिता एक चीनी मिल में अकाउंटेंट हैं और मां हाउसवाइफ थी। अंकिता बचपन से ही एकाडमिक्स में काफी तेज थीं। वह स्वतंत्र और आत्मनिर्भर रहना पसंद करती थीं।
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पहले प्रयास में हुई असफल 
अंकिता ने साल 2017 में पहली बार यूपीएससी की परीक्षा में शामिल हुईं। अपने पहले प्रयास में वह असफल रही, जिसके बाद उन्होंने अपनी गलतियों से सीखने का निश्चय किया। इसी दौरान अंकिता के परिवार में एक ऐसा हादसा हुआ, जिसने उसे पूरी तरह से तोड़ दिया। एक दुर्घटना में अपनी मां को खोने के बाद अंकिता अकेली पड़ गई थीं। इस दौरान अंकिता के पिता ने उनका हौसला बढ़ाया। साल 2018 में दूसरी बार यूपीएससी की परीक्षा में शामिल होकर अंकिता ने अपनी कड़ी मेहनत के दम पर 14वीं रैंक के साथ आईएएस बनीं।
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