{"_id":"57e21c924f1c1b1539a82ffc","slug":"success-story-of-gla-student","type":"story","status":"publish","title_hn":"इंडियन आर्मी में लेफ्टिनेंट बने जीएलए के छात्र क्षितीश","category":{"title":"Success Stories","title_hn":"सफलताएं","slug":"success-stories"}}
इंडियन आर्मी में लेफ्टिनेंट बने जीएलए के छात्र क्षितीश
टीम डिजिटल, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 21 Sep 2016 12:52 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के बीटेक सिविल इंजीनियरिंग के छात्र रहे क्षितिश प्रताप सिंह को इंडियन आर्मी में लेफ्टिनेंट का पद मिला है जिसका श्रेय छात्र ने विश्वविद्यालय के शिक्षकों और अपने माता-पिता को दिया है।
विज्ञापन
दिसंबर 2015 में एसएससी टैक के माध्यम से इंडियन आर्मी में विभिन्न पदों हेतु आवेदन स्वीकार किए गए। इसकी लिखित परीक्षा व इंटरव्यू परीक्षा जून 2016 में विभिन्न चरणों में आयोजित हुई। इस परीक्षा में छात्र क्षितीश प्रताप सिंह ने सर्वप्रथम स्क्रीनिंग टेस्ट की परीक्षा दी, जिसमें 267 परीक्षार्थी ने भाग लिया। जिसकी कट ऑफ में 26 नामों की सूची जारी हुई। इसके बाद कट ऑफ की सूची में शामिल 26 परीक्षार्थीयों ने साइकोलॉजी टेस्ट दिया। तीसरे और चौथे दिन जीटीओ टास्क और इंटरव्यू हुआ। पांचवें दिन ऑफिसर्स कॉन्फ्रेंस आयोजित हुई जिसमें 4 परीक्षार्थियों को मेडिकल टेस्ट के लिए चुना गया। मेडिकल टेस्ट में 2 छात्रों का लेफ्टिनेंट पद की ट्रेनिंग हेतु चयन किया गया है।
विज्ञापन
लेफ्टिनेंट पद की ट्रेनिंग हेतु चयनित हुए क्षितीश ने बताया कि जीएलए विश्वविद्यालय से उन्हें सिविल की ऐसी शिक्षा प्राप्त हुई कि उन्होंने इस मुकाम को यूं ही हासिल कर लिया। उन्होंने बताया कि वास्तव में जीएलए हर छात्र को बेहतर से बेहतर शिक्षा प्रदान करने के लिए कदम उठा रहा है। यही कारण है कि जीएलए के हर छात्र को अपना मुकाम हासिल करने में ज्यादा कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ता। छात्र ने बताया कि उनके पिता अवधेश प्रताप सिंह एफसीआई लॉन ऑफिशियल के मेंबर हैं। छात्र ने अपने पिता के सपने को साकार किया है।
विज्ञापन
गत दिनों जीएलए विश्वविद्यालय में छात्र क्षितीश को विश्वविद्यालय के सेक्रेटरी सोसायटी और कोषाध्यक्ष श्री नीरज अग्रवाल ने स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया। इस दौरान श्री अग्रवाल ने कहा कि विश्वविद्यालय को छात्र पर नाज है। उन्होंने अपने संदेश के माध्यम से विश्वविद्यालय के छात्रों से ऐसे ही आगे बढ़ते रहने को कहा है।
अन्य स्टेट न्यूज़ के लिए बने रहिये अमर उजाला पर
कमेंट
कमेंट X