फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   Success Stories ›   Success story of eye specialist doctor aanchal gupta

Success Story: छोटी उम्र में धुंधला देख उम्मीद न हारी, आज आई स्पेशलिस्ट बन मुफ्त लगा रहीं कैंप

Wed, 06 Dec 2017 09:13 AM IST
आंचल
आंचल Updated Wed, 06 Dec 2017 09:13 AM IST
विज्ञापन
Success story of eye specialist doctor aanchal gupta
aanchal

मैं एक आई स्पेशलिस्ट हूं और मेरा जीवन वैसे लोगों के जीवन में रोशनी लाने के लिए समर्पित है, जिनके पास महंगे इलाज के लिए पैसे नहीं हैं। गरीबों और असहायों की सेवा की प्रेरणा बचपन में ही मुझे मेरे पिता से मिली, जो डॉक्टर थे। मेरा जन्म बनारस में हुआ। हमारे घर में अक्सर वैसे गरीब किसान आते थे, जिनके हाथ या पैर की उंगलियां काम करते-करते या दुर्घटना में चोटिल हो जाती थीं। चूंकि मेरे पिता ऑर्थोपेडिक सर्जन थे, इसलिए उनका इलाज कर देते थे। पैसे देने में अक्षम लोग कई बार पिता को अनाज दे जाते थे। जब कभी रात में पिता उन गरीबों का इलाज करते थे, तब मैं टॉर्च दिखाकर उनकी मदद करती थी।

विज्ञापन


मैं तब बहुत छोटी थी। पिता को परोपकार करते देख मैंने भी उनके पदचिह्नों पर चलने का फैसला किया। चूंकि छोटी उम्र में ही मेरी आंखों पर चश्मा चढ़ गया था और मुझे बार-बार डॉक्टर के पास जाना पड़ता था, इसलिए मैंने आई स्पेशलिस्ट बनने के बारे में सोचा। किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज, लखनऊ और मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज, दिल्ली में डॉक्टरी की पढ़ाई पूरी करने के बाद मैंने मैक्स और फोर्टिस अस्पतालों में काम किया, लेकिन 2012 में मैंने नेत्रम आई फाउंडेशन नाम की एक संस्था बनाई, जहां आंखों का इलाज होने के अलावा गरीबों की चिकित्सा पर खास ध्यान दिया जाता है। मेरा कार्य क्षेत्र दिल्ली और एनसीआर है। फाउंडेशन में गरीब मरीजों की आंखों की जांच मुफ्त में होती है, जबकि चश्मा, दवा और ऑपरेशन के लिए मामूली पैसे लिए जाते हैं।
विज्ञापन


पढ़ें: Success Story: नौकरी न मिली तो शुरू किया बिजनेस, बनीं झारखंड की सफल महिला उद्यमी

विज्ञापन
विज्ञापन

‘तमसो मां ज्योतिर्गमय’ है आंचल का आदर्श वाक्य

Success story of eye specialist doctor aanchal gupta
शुरुआत में मैंने आस-पास के करीब 35 ऑप्टिशियन्स को अपने अभियान से जोड़ा। मैं उन्हें आंखों से जुड़ी तमाम बीमारियों के बारे में बताती हूं, फिर उन्हें कहती हूं कि जांच कराने आए लोगों की आंखों में अगर कोई जटिलता दिखे, तो उसकी फोटो खींचकर व्हाट्सऐप पर मुझे भेज दें। जब भी ऐसे मामले सामने आते हैं, हमारी टीम, जिसमें दूसरे डॉक्टर भी हैं, उसका समाधान सुझाती है। इस तरह स्मार्टफोन के जरिये आंखों की बीमारी का पता चल जाता है और उनका इलाज भी सुझा दिया जाता है। जब कोई गंभीर मामला सामने आता है, तब वैसे मरीजों को तत्काल हमारी नेत्रम एंबुलेंस से हमारे अपने बेस सेंटर में ले आया जाता है। दिल्ली-एनसीआर में नेत्रम के अभी तक कुल छह केंद्र खुल चुके हैं।

हम अलग-अलग इलाकों में आई कैंप भी लगाते हैं, जहां आंखों की जांच तो मुफ्त होती है, जबकि चश्मे के लिए पचास रुपये कीमत ली जाती है। कैंप लगाने में चूंकि खर्च होता है, इसलिए कोशिश यही होती है कि कम से कम सौ चश्मे बिक जाएं। हमारे फाउंडेशन में सप्ताह में दो दिन गरीबों की आंखें मुफ्त में जांची जाती हैं। सिक्योरिटी गार्ड्स, घरों में काम करने वाली महिलाएं, ऑटो चालक, झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोग और वरिष्ठ नागरिकों को मुफ्त जांच के दायरे में रखा जाता है। अब तक हम डेढ़ सौ से अधिक आई कैंप लगा चुके हैं। मामूली सुविधाओं के साथ कभी एक बेसमेंट में शुरू हुआ नेत्रम आई फाउंडेशन आज पांच हजार वर्ग फीट जगह में है और इसके पास पांच डॉक्टरों की टीम है। लेकिन अभी तो मेरे काम की शुरुआत ही हुई है। मैं उस दिन के सपने देखती हूं, जब इस फाउंडेशन की बड़ी-सी बिल्डिंग होगी, अलग से आई इंस्टीट्यूट होगा, जहां डॉक्टरों को ‘तमसो मां ज्योतिर्गमय’ के सेवा भाव से आंखों की बीमारी दूर करने के बारे में बताया जाएगा और गरीबों की सेवा पर खास ध्यान रहेगा।

-विभिन्न साक्षात्कारों पर आधारित
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Education News in Hindi related to careers and job vacancy news, exam results, exams notifications in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Education and more Hindi News.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed