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DU का तोहफा, ई-बुक्स से पढ़ेंगे छात्र
एजुकेशन डेस्क/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 29 Oct 2014 12:03 PM IST
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डीयू के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग के छात्रों को ई-बुक्स से पढ़ाई की सुविधा मिलने के बाद अब ऑडियो-वीडियो लेक्चर से पढ़ाई करने का तोहफा मिलने जा रहा है। योजना को अमली जामा पहनाने के लिए एसओएल प्रशासन ने कदम आगे बढ़ाए हैं।
प्रशासन की योजना इसे अगले सत्र से शुरू करने की है। विषयवार जैसे-जैसे लेक्चर तैयार होते जाएंगे, इन्हें वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही इन्हें सीडी और डीवीडी में भी दिए जाने की योजना है।
कैंपस ऑफ ओपन लर्निंग के निदेशक सीएस दुबे ने बताया कि छात्रों को यह सुविधा देने के पीछे उद्देश्य यह है कि टॉक एंड चॉक मैथड से इतर छात्रों को ई-लर्निंग से रूबरू कराया जाए। इस तरह के इंटरेक्टिव मोड के कारण छात्रों के मन से एग्जाम का भूत भी कम होगा व उच्च शिक्षा का स्वरूप भी बदलेगा। आने वाले समय में लेक्चर के जरिए पढ़ाई भी काफी कारगार होगी।
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उन्होंने बताया कि इसके लिए ऑडियो-वीडियो लेक्चर तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। दोनों तरह के लेक्चर यूजी और पीजी स्तर पर उपलब्ध होंगे। फिलहाल पीजी स्तर पर राजनीति विज्ञान के पांच से सात लेक्चर ही तैयार हो पाए हैं। उन्होंने बताया कि ऑडियो-वीडियो लेक्चर के लिए एसओएल शिक्षकों से भी सहयोग मांगा गया है। अगले सत्र से छात्रों को यह सुविधा दी जानी है, लिहाजा इन्हें तैयार करने के लिए आउटसोर्सिंग भी की जा सकती है। जैसे-जैसे लेक्चर तैयार होते जाएंगे वैसे-वैसे उन्हें एसओएल की वेबसाइट पर डाला जाता जाएगा।
पांच सौ लेक्चर या नब्बे फीसदी कंटेंट तैयार होते ही उन्हें उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही ऐसी भी योजना है कि छात्रों को सीडी या डीवीडी माध्यम में भी लेक्चर दिए जाएं। उन्हें यूजर नेम और पासवर्ड भी उपलब्ध कराया जाएगा। इन लेक्चर का लाभ यह होगा कि छात्र कहीं भी किसी भी समय क्लास रूम से इतर इनके जरिए पढ़ाई कर सकेंगे। इस तरह से एसओएल में पढ़ने वाले लगभग चार लाख छात्रों को इसका लाभ होगा। मालूम हो कि इसी साल छात्रों को ई-बुक्स की सुविधा भी दी गई है
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प्रशासन की योजना इसे अगले सत्र से शुरू करने की है। विषयवार जैसे-जैसे लेक्चर तैयार होते जाएंगे, इन्हें वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही इन्हें सीडी और डीवीडी में भी दिए जाने की योजना है।
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कैंपस ऑफ ओपन लर्निंग के निदेशक सीएस दुबे ने बताया कि छात्रों को यह सुविधा देने के पीछे उद्देश्य यह है कि टॉक एंड चॉक मैथड से इतर छात्रों को ई-लर्निंग से रूबरू कराया जाए। इस तरह के इंटरेक्टिव मोड के कारण छात्रों के मन से एग्जाम का भूत भी कम होगा व उच्च शिक्षा का स्वरूप भी बदलेगा। आने वाले समय में लेक्चर के जरिए पढ़ाई भी काफी कारगार होगी।
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उन्होंने बताया कि इसके लिए ऑडियो-वीडियो लेक्चर तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। दोनों तरह के लेक्चर यूजी और पीजी स्तर पर उपलब्ध होंगे। फिलहाल पीजी स्तर पर राजनीति विज्ञान के पांच से सात लेक्चर ही तैयार हो पाए हैं। उन्होंने बताया कि ऑडियो-वीडियो लेक्चर के लिए एसओएल शिक्षकों से भी सहयोग मांगा गया है। अगले सत्र से छात्रों को यह सुविधा दी जानी है, लिहाजा इन्हें तैयार करने के लिए आउटसोर्सिंग भी की जा सकती है। जैसे-जैसे लेक्चर तैयार होते जाएंगे वैसे-वैसे उन्हें एसओएल की वेबसाइट पर डाला जाता जाएगा।
पांच सौ लेक्चर या नब्बे फीसदी कंटेंट तैयार होते ही उन्हें उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही ऐसी भी योजना है कि छात्रों को सीडी या डीवीडी माध्यम में भी लेक्चर दिए जाएं। उन्हें यूजर नेम और पासवर्ड भी उपलब्ध कराया जाएगा। इन लेक्चर का लाभ यह होगा कि छात्र कहीं भी किसी भी समय क्लास रूम से इतर इनके जरिए पढ़ाई कर सकेंगे। इस तरह से एसओएल में पढ़ने वाले लगभग चार लाख छात्रों को इसका लाभ होगा। मालूम हो कि इसी साल छात्रों को ई-बुक्स की सुविधा भी दी गई है
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